Skip to content

Vitamin D ke fayde - विटामिन D के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी


Published:
Updated:
image

एक स्टडी के मुताबिक, भारत की लगभग 76% आबादी विटामिन डी की कमी से पीड़ित है । इसकी कमी से भारत की एक बड़ी आबादी गंभीर बीमारियों से जूझ रही है, खासकर कि शहरी क्षेत्रों के व्यक्तियों में इसकी भारी कमी देखी जाती है । इसकी कमी से हड्डियों में दर्द, थकान, मांशपेशियों में कमजोरी, ऐंठन, कुछ तरह के कैंसर आदि हो सकते हैं ।

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि आपको इसकी कमी पूरी करने के लिए अस्पतालों का चक्कर लगाना ही होगा । बल्कि आप घर बैठे भी अपने शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन डी प्रदान कर सकते हैं । इसके लिए पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी लेना, दूध दही मक्खन का सेवन करना, मांस का सेवन करना, अंडे खाना, फल आदि के सेवन से आप इसकी कमी को दूर कर सकते हैं ।

आज के इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि विटामिन डी क्या है, Vitamin D Ke Fayde क्या हैं, इसके नुकसान क्या हैं, इसका इस्तेमाल कैसे करें और कितना करें आदि कई मुख्य बिंदुओं पर आपको विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी । 


विटामिन डी क्या है (Vitamin D in Hindi)

Vitamin D एक घुलनशील विटामिन है जो कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण और उपयोग में मदद करता है । साथ ही यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है । इसे प्राप्त करने का सबसे अच्छा श्रोत सूर्य है, जिसके संपर्क में आने से त्वचा विटामिन डी का उत्पादन शुरू करती है । 

प्राकृतिक धूप के अलावा आप इसे मछली (सेल्मन, टूना, सामन)  अंडे, मांस, दूध और पोषण युक्त अनाज से भी प्राप्त कर सकते हैं । इसके अलावा अगर आप इन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं कर सकते या सही मात्रा में धूप भी नहीं ले सकते तो Vitamin D tablets का इस्तेमाल भी कर सकते हैं ।


विटामिन डी के फायदे (Vitamin D Ke Fayde)

Vitamin D Ke Fayde ढेरों हैं और इसका सबसे बड़ा फायदा हड्डियों और मांशपेशियों का होता है । आज भारत की एक बड़ी आबादी हड्डियों के रोग जैसे Osteoporosis से जूझ रही है और इसका मुख्य कारण शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का न मिल पाना ही होता है । आइए विस्तार सेजानते हैं कि Vitamin D Se Kya Hota Hai ।


1. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी (Very crucial for bone health)

अगर आप अपने शरीर की हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो विटामिन डी आपके लिए बहुत जरूरी है । बिना विटामिन डी के हड्डियों से संबंधित ढेरों रोग जन्म ले लेते हैं । इसकी कमी से हड्डियों नाजुक हो जाती हैं, इनमें दर्द उभरने लगता है, ओस्टियोपोरोसिस जैसे रोग जन्म ले लेते हैं आदि । इन सभी समस्याओं से बचने के लिए जरूरी है कि आपके शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी प्राप्त हो । 

विटामिन डी हड्डियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है । साथ ही यह हड्डियों को मजबूत और घना बनाता है । इसके अलावा अगर आपके शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन डी मिल रहा है तो हड्डियों के टूटने का जोखिम भी कम हो जाता है । दरअसल यह कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण और उपयोग में मदद करता है जोकि हड्डियों के निर्माण और रखरखाव के लिए आवश्यक है । 


2. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है (Strengthens the immune system)

Vitamin D ke fayde यह भी हैं कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली यानि हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है । यह सफेद रक्त कोशिकाओं (white blood cells) के उत्पादन और कार्य को बढ़ावा देता है, जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं । इसलिए अगर इसकी कमी आपके शरीर में हो जाए तो आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जायेगा और आपको संक्रमण का खतरा बढ़ जायेगा ।

साथ ही विटामिन डी का फायदा यह भी होता है कि यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करने वाले हार्मोन को बनाने में मदद करता है । ये सफेद रक्त कोशिकाओं को संक्रमण की जगह पर आकर्षित करने में मदद करता है । जैसे ही आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हुआ, आपको सांस से संबंधित बीमारियां जैसे कि फ्लू और सर्द, पेट और आंतों का संक्रमण, त्वचा का संक्रमण आदि हो सकता है । ऐसे में आपके लिए बेहतर यही है कि आप सही मात्रा में विटामिन डी लें ।


3. मानसिक स्वास्थ्य को सुधारता है (Improves mental health)

विटामिन डी न सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी आवश्यक है । WebMD की रिपोर्ट के मुताबिक,  विटामिन डी मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह दिखाने के लिए पर्याप्त शोध है कि विटामिन की पर्याप्त मात्रा न लेने से अवसाद जैसे लक्षण हो सकते हैं। अवसाद से ग्रस्त लोगों में विटामिन डी की कमी होने की संभावना अधिक होती है । 

दरअसल, विटामिन डी सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के रेगुलेशन में भूमिका निभा सकता है, जो मूड और सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, विटामिन डी दिमाग की कोशिकाओं को क्षति से बचाने के साथ ही उनके विकास में भी मदद करता है । कुछ अध्ययनों में यह भी पता चला है कि विटामिन डी संज्ञानात्मक कार्य में भूमिका निभा सकता है और संज्ञानात्मक गिरावट से बचाने में मदद कर सकता है ।


4. कैंसर के जोखिम को कम करता है (Reduces the risk of cancer)

National Cancer Institute के मुताबिक, कृंतकों (rodents) में कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर के प्रयोगात्मक अध्ययन में, विटामिन डी में कई जैविक गतिविधियां पाई गई हैं जो कैंसर के विकास को धीमा या रोक सकती हैं। Colorectal Cancer, Breast Cancer, Prostate Cancer और कुछ अन्य कैंसर से जुड़े शोधों में पाया गया कि जिन व्यक्तियों में विटामिन डी की प्रचुर मात्रा मौजूद थी, उनमें कैंसर होने की संभावना बहुत कम थी ।


हालांकि अभी इस विषय पर काफी कम शोध हुए हैं कि किस प्रकार विटामिन डी कैंसर के रोकथाम में मदद करता है । लेकिन कुछ बातें अवश्य सामने निकलकर आई हैं: 

  • ‌विटामिन डी सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है, जो कैंसर के विकास का एक प्रमुख कारक है 
  • ‌विटामिन डी कोशिकाओं के विकास और विभाजन को विनियमित करने में मदद कर सकता है, जो कैंसर ट्यूमर के विकास को रोक सकता है। 
  • ‌विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जो कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद कर सकता है  । 

5. मधुमेह के जोखिम को कम करता है (Reduces the risk of diabetes)

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि विटामिन डी की उच्च मात्रा टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को कम कर सकती है ।  विटामिन डी इन्सुलिन सेंसिटिविटी में सुधार कर सकता है जिसका अर्थ है कि शरीर इन्सुलिन को ज्यादा बेहतर तरीके से उपयोग कर सकता है । साथ ही यह इन्सुलिन के प्रतिरोध को भी कम कर सकता है । इसके अलावा, हमने आपको पहले ही बताया कि यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है जिससे कि शरीर संक्रमण से लड़ सकते हैं और मधुमेह से बचा जा सकता है ।

हालांकि इस विषय पर ज्यादा शोध की आवश्यकता है । अगर आप मधुमेह से बचना चाहते हैं तो सबसे पहले उचित मात्रा में विटामिन डी का सेवन करें । इसके लिए आप प्राकृतिक धूप ले सकते हैं, मछली मांस आदि का सेवन कर सकते हैं, दूध दही मक्खन रोजाना अपने आहार में शामिल कर सकते हैं आदि । ध्यान रखें कि अगर आपको मधुमेह की समस्या है या उसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो जितना जल्दी हो सके, डॉक्टर से संपर्क करें ।


6. हृदय रोग के जोखिम को कम करता है (Reduces the risk of heart disease)

American College of Cardiology के मुताबिक, कम विटामिन डी वाले व्यक्तियों में हार्ट अटैक से मौत की संभावना अधिक होती है । यही अध्ययन आगे कहती है कि जिन लोगों में हृदय विफलता की संभावना अधिक थी, उनमें विटामिन डी लेने के पश्चात हृदय विफलता की संभावना में कमी आई और उनका हृदय संबंधी कार्य भी बेहतर हुआ ।

इसके दरअसल कई कारण हैं । पहला करना है कि यह रक्तचाप को कम करता है जोकि ह्रदय रोग का एक प्रमुख कारक है । इसके पश्चात यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है और इन्सुलिन सेंसिटिविटी में भी सुधार करता है । इसके अलावा यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है जिससे हृदय रोगों से लड़ने में मदद मिलती है । 


7. वजन घटाने में मदद कर सकता है (Vitamin D can help in weight loss)

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि अधिक वजन वाले व्यक्तियों में विटामिन डी का स्तर कम हो सकता है । एक अध्ययन में यह पाया गया कि मोटापे से ग्रस्त जिन लोगों ने वजन घटाने के हिसाब से आहार लेने के साथ ही विटामिन डी का सेवन किया, उनका वजन उनकी तुलना में काफी कम हुआ जो सिर्फ और सिर्फ आहार लेते थे । दरअसल, ज्यादा कैल्शियम और विटामिन डी का प्रभाव भूख को दबा देता है । 

एक अन्य अध्ययन में भी कुछ इसी प्रकार के तथ्य निकलकर सामने आए । जो व्यक्ति रोजाना कैल्शियम और विटामिन डी की खुराक लेते थे, उनका वजन Placebo Supplement लेने वाले लोगों की तुलना में काफी कम हुआ । हालांकि आपको वजन कम करने के लिए विटामिन डी का सेवन प्रारंभ करने के बजाय सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ।


8. स्वस्थ गर्भावस्था के लिए विटामिन डी जरूरी (Vitamin D is essential for a healthy pregnancy)

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए भी विटामिन डी काफी महत्वपूर्ण है । भ्रूण के सही विकास के लिए मां को विटामिन डी का सही सेवन अवश्य करना चाहिए । यह बच्चे की बनने वाली हड्डियों के सही विकास में मदद करता है । साथ ही यह कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने में भी मदद करता है जोकि गर्भावस्था के दौरान काफी जरूरी है ।

यह इम्यून सिस्टम को बेहतर करता है जिससे कि मां और भ्रूण दोनों का स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम मजबूत बने । साथ ही हम आपको बताते चलें कि गर्भावस्था के दौरान Preeclampsia रोग होने की संभावना होती है, जिससे बचने में भी विटामिन डी मदद करता है ।


9. फ्लू के खतरे से निपटने में कारगर (Effective in dealing with the risk of flu)

विटामिन डी के फायदे यह भी हैं कि यह फ्लू के खतरे को कम कर देता है । यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है जिससे कि फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा जैसे इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है । साथ ही, विटामिन डी के कुछ गुण एंटीवायरल भी होते हैं जो वायरस के खिलाफ लड़ने में मदद करता है । 

अक्सर फ्लू का एक कारण इन्फ्लेमेशन भी होता है और इसे खत्म करने में भी विटामिन डी मदद करता है । हालांकि विटामिन डी फ्लू के खिलाफ कितना ज्यादा प्रभावी है इसपर काफी रिसर्च करना बाकी है । उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि Vitamin D Ke Fayde क्या हैं ।


10. विटामिन डी की कमी से बाल झड़ते हैं (Vitamin D deficiency causes hair fall)

विटामिन डी की कमी से आपके बाल भी झड़ना शुरू हो सकते हैं । यह इसलिए क्योंकि बालों के रोम के लिए विटामिन डी महत्वपूर्ण होता है । यह बालों के रोम में कैल्शियम और फॉस्फोरस को अवशोषित करने में मदद करता है । कैल्शियम और फॉस्फोरस बालों के रोम को स्वास्थ्य और मजबूत रखते हैं ।

ऐसे में अगर आपके शरीर को विटामिन डी की प्रचुर मात्रा नहीं मिल रही है तो आपके बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं । इसकी कमी से बालों के रोम कमजोर हो जाते हैं और फिर बालों का टूटना शुरू हो जाता है । अगर आप इसपर ज्यादा जानकारी चाहते हैं कि vitamin d ke fayde बालों के लिए क्या हैं तो Vitamin D Deficiency Cause Hair Loss  पर जाएं ।

विटामिन डी के खाद्य स्रोत (Food Sources of Vitamin D)

विटामिन डी प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता हैं । खासतौर पर मांस मछली में इसकी मात्रा अधिक होती है । मछली, अंडे, मांस आदि का अगर आप सेवन करते हैं तो आपको भरपूर मात्रा में विटामिन डी प्राप्त होता रहता है । साथ ही दूध, दालें, संतरा का जूस, मशरूम आदि में भी यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है । 

खाद्य पदार्थ

विटामिन डी संख्या

प्राकृतिक स्रोत

सैलमन

270 IU

मछली

मैकरेल

170 IU

मछली

सार्डीन्स

120 IU

मछली

टूना

120 IU

मछली

अंडे

40 IU

अंडे

दूध

10 IU

दूध

पनीर

10 IU

दूध से बनी चीजें

मैटेके मशरूम

40 IU

मशरूम

शियाताके मशरूम

40 IU

मशरूम

काली सब्जियां

20 IU

सब्जियां

फॉर्टीफाइड फूड

10-100 IU

दूध, सोया मिल्क, सीरियल, जूस



ऊपर दिए टेबल में आप देख सकते हैं कि किन खाद्य पदार्थों में कितनी विटामिन डी पाई जाती है और उनका प्राकृतिक स्रोत क्या है । ये Food for hair growth से लेकर अन्य कई फायदे आपको पहुंचाते हैं ।


Vitamin D की कमी के कारण (causes of vitamin D deficiency)

विटामिन डी की कमी के ढेरों कारण होते हैं । चलिए एक एक करके इन सभी कारणों पर नजर डालते हैं: 

सूर्य की रोशनी ठीक से न लेना 

विटामिन डी की कमी का सबसे बड़ा करना सूर्य की किरणों तक आपकी नाकाम पहुंच है । जो व्यक्ति ज्यादातर घर में समय बिताते हैं या कम धूप में निकलते हैं, उनमें विटामिन डी की कमी हो जाती है ।

सनस्क्रीन का इस्तेमाल

सनस्क्रीन का इस्तेमाल अब आम हो गया है जिससे लोग अपनी त्वचा को सूर्य की यूवी रेज से बचाने के लिए करते हैं, वे यह नहीं जानते कि इससे शरीर में विटामिन डी का प्रोडक्शन भी कम होने लगता है ।

मोटापा

जी हां, मोटापा से जूझ रहे लोगों में भी अक्सर विटामिन डी की कमी हो जाती है । विटामिन डी एक वसा में घुलनशील विटामिन है और मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में विटामिन डी की जैव उपलब्धता कम हो सकती है क्योंकि यह वसा ऊतकों में जमा हो जाता है।

ये तीन सबसे मुख्य कारण है कि क्यों शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है । खासतौर पर अगर आप विटामिन डी का सही उत्पादन अपने शरीर में करना चाहते हैं तो कम से कम आधे घंटे ही धूप जरूर लें । 


विटामिन डी के नुकसान (Side-Effects of Vitamin D)

जहां एक ओर विटामिन डी के फायदे हैं तो वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं । आइए जानते हैं कि विटामिन डी के नुकसान क्या क्या हैं:

  • ‌पेट में दर्द
  • ‌मतली और उल्टी
  • ‌थकान
  • ‌सिरदर्द
  • ‌कब्ज
  • ‌भूख में कमी
  • ‌कमजोरी
  • ‌बार बार पेशाब जाना

ऐसे में अगर आप विटामिन डी का सेवन कर रहे हैं तो उचित मात्रा में ही करें । अगर इसका सेवन जरूरत से ज्यादा हो गया तो हाइपरकैसिमिया और काल्सिफिकेशन से जूझना पड़ सकता है ।  हाइपरकैसिमीया का अर्थ रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ना है । इससे हृदय रोग, गुर्दों की समस्याएं और मस्तिष्क की क्षति भी हो सकती है । इसके साथ ही काल्सिफिकेश से हड्डियों, मांशपेशियों और अन्य ऊतकों को नुकसान होता है । इस तरह विटामिन डी के फायदे और नुकसान दोनों हैं ।


निष्कर्ष (Conclusion)

विटामिन डी शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिससे न सिर्फ हमारी हड्डियों बल्कि हमारा हृदय और इम्यून सिस्टम भी ठीक से काम करता है । सूर्य की रोशनी, खाद्य पदार्थों आदि से हमें यह प्राप्त होता है । इसकी कमी से ढेरों रोग जैसे मधुमेह, ओस्टियोपोरोसिस, कमजोर इम्यून सिस्टम जैसी समस्याएं हो सकती हैं । 

इस तरह उम्मीद है कि आप समझ गए हैं कि विटामिन डी से क्या होता है और साथ ही Vitamin D benefits in Hindi क्या हैं। तो अगर आप अपने शरीर को निरोग रखना चाहते हैं तो रोजाना कम से कम 15 मिनट धूप में अवश्य बताएं और साथ ही विटामिन डी युक्त भोजन का सेवन करें।


Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. विटामिन डी की कमी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं क्या हैं ?

विटामिन डी की कमी के कारण मधुमेह, ओस्टियोपोरोसिस, हड्डियों का रोग और कैंसर तक हो सकता है । साथ ही इसकी कमी से हमारा इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और हृदय सुचारू रूप से काम नहीं कर पाता । 


2. विटामिन डी का सेवन कितना करना चाहिए ?

विटामिन डी का सेवन व्यक्ति के उम्र, जीवनशैली और अन्य कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है । 0 से 12 महीने के बच्चों के लिए RDI 400 IU/प्रतिदिन है तो वहीं 1 से 70 वर्ष के बच्चों के लिए RDI 600 IU/प्रतिदिन है । इससे अधिक के उम्र वाले व्यक्तियों को प्रतिदिन 800 IU विटामिन डी लेनी चाहिए ।


3. विटामिन डी सप्लीमेंट का सही समय क्या है ?

विटामिन डी सप्लीमेंट का सही समय सुबह और रात को सोने से पहले है । खासकर कि आपको इसका सेवन सुबह करना चाहिए ताकि आप दिनभर की विटामिन डी की जरूरतों को पूरा कर सकें । हालांकि इसका सप्लीमेंट रोज तभी लें जब आप कम समय धूप में बिताते हैं या इसकी कमी से होने वाले रोगों से जूझ रहे हैं । 


4. विटामिन डी लेने से क्या फायदा होता है ?

विटामिन डी लेने से आपकी हड्डियां स्वस्थ रहती हैं और आप हड्डी सम्बन्धित रोगों से बच जाते हैं । साथ ही यह हृदय के सुचारू रूप से कार्य करने में भी मददगार होता है और शरीर को मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मांशपेशियों के दर्द आदि समस्याओं से दूर रखता है । Vitamin D Ke Fayde ढेरों हैं इसलिए इनका उचित मात्रा में इस्तेमाल जरुरी है ।


5. किस भोजन में विटामिन डी होता है ?

मांस, मछली, अंडे, दूध के उत्पाद, अनाज, कुछ फलों और सब्जियों में विटामिन डी मौजूद होता है। खासतौर पर अगर हम बात करें मछलियों की तो, सेल्मोन, मैकरेल और सार्डिन प्रजातियों में विटामिन डी की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है ।


References


अस्वीकरण: यह ब्लॉग सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है न कि किसी बीमारी के इलाज के लिए। आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी रोग या शारीरिक समस्या के लिए सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

files/author_Dr.-Shailendra-Chaubey-BAMS_300x_3fb01719-6325-4801-b35b-3fb773a91669.jpg

Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

Popular Posts

Leave a comment

Please note, comments need to be approved before they are published.

आपके बाल झड़ने का कारण क्या है?

डॉक्टरों द्वारा डिज़ाइन किया गया Traya का मुफ़्त 2 मिनट का हेयर टेस्ट लें, जो आपके बालों के झड़ने के मूल कारणों की पहचान करने के लिए आनुवांशिक, स्वास्थ्य, जीवनशैली और हार्मोन जैसे 20+ कारकों का विश्लेषण करता है।

हेयर टेस्ट लेTM