icon Skip to content

प्रोलैक्टिन बढ़ने से बाल झड़ना: कारण, जांच और इलाज

Dr Kalyani Deshmukh

Dr Kalyani Deshmukh
Dr. Kalyani Deshmukh brings 7 years of experience in dermatology, specializing in the diagnosis of complex conditions and performing advanced dermatosurgical procedures. Her areas of expertise include clinical dermatology, trichology, dermatosurgery and aesthetic medicine.

प्रोलैक्टिन बढ़ने से बाल झड़ना: कारण, जांच और इलाज

जब आपके प्रोलैक्टिन (prolactin) स्तर सामान्य माने जाने वाले स्तर से अधिक हो जाते हैं, तो हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया (hyperprolactomania) नामक स्थिति शुरू होती है। इससे हार्मोनल असंतुलन बनता है, जो धीरे-धीरे बालों को पतला कर सकता है। प्रोलैक्टिन सीधे बाल झड़ने का कारण नहीं बनता, लेकिन यह आपके हेयर ग्रोथ साइकल को बाधित कर सकता है। ऐसा तनाव के कारण या थायरॉइड विकारों और PCOS के मेडिकल साइड इफेक्ट्स के कारण भी हो सकता है। हालांकि यह स्थिति मुख्य रूप से महिलाओं को प्रभावित करती है, लेकिन पुरुषों पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर हो सकता है। प्रोलैक्टिन के उच्च स्तर डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) के उत्पादन को भी बढ़ा सकते हैं, जो मेल पैटर्न बाल्डनेस (male pattern baldness) का एक मुख्य कारण है।


अब समझते हैं कि प्रोलैक्टिन वास्तव में क्या है। “प्रोलैक्टिन” शब्द सुनते ही सबसे आम संबंध स्तनपान से जोड़ा जाता है, और यह सही भी है। प्रोलैक्टिन एक हार्मोन है, जो आपकी पिट्यूटरी ग्लैंड में बनता है और बच्चे के जन्म के बाद दूध बनाने में मदद करता है। हालांकि, प्रोलैक्टिन अन्य हार्मोन्स, मुख्य रूप से एस्ट्रोजन (estrogen), प्रोजेस्टेरोन (progesterone) और टेस्टोस्टेरोन (testosterone), के साथ भी इंटरैक्ट करता है। जब प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ते हैं, तो हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया नामक स्थिति शुरू होती है और आपके हेयर ग्रोथ साइकल को बाधित करती है।

हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया क्या है और इसमें प्रोलैक्टिन की क्या भूमिका है?

हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया तब होता है, जब शरीर में असामान्य रूप से अधिक मात्रा में प्रोलैक्टिन मौजूद होता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जो सामान्य आबादी के 1 प्रतिशत से कम लोगों को प्रभावित करती है, और महिलाओं में इसकी संभावना अधिक होती है।

कुछ लोगों में यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, जिसके कारण अक्सर तनाव, गर्भावस्था या कुछ प्रकार की दवाओं से जुड़े होते हैं। वहीं, कुछ लोगों में हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया एक क्रॉनिक स्थिति हो सकती है, जिसके लिए विशेषज्ञ से सही सलाह लेना जरूरी होता है।

इसका सबसे आम मेडिकल कारण प्रोलैक्टिनोमा (prolactinoma) है। इसमें पिट्यूटरी ग्लैंड (pituitary gland) में एक ट्यूमर (tumour) बनता है और प्रोलैक्टिन का अत्यधिक उत्पादन करता है। “ट्यूमर” शब्द सुनकर चिंता हो सकती है, लेकिन वास्तव में प्रोलैक्टिनोमा कैंसरस नहीं होता और निश्चित रूप से जानलेवा भी नहीं होता। हालांकि, इसका निदान और प्रबंधन फिर भी जरूरी है। आखिरकार, यह आपके प्रजनन स्वास्थ्य, हड्डियों की घनता, दृष्टि और निश्चित रूप से आपके बालों को प्रभावित कर सकता है।

 

हाई प्रोलैक्टिन बाल झड़ने का कारण कैसे बनता है?

ईमानदार जवाब यह है कि नहीं, यह सीधे बाल झड़ने का कारण नहीं बनता। कम से कम सीधे तौर पर नहीं। प्रोलैक्टिन का उच्च स्तर आपके हार्मोनल सिस्टम में हस्तक्षेप करता है, जो आपकी हेयर साइकल को संतुलित रखता है। इसे हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-गोनैडल एक्सिस (hypothalamic-pituitary-gonadal axis) कहा जाता है, और जब प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ जाता है, तो यह एक्सिस असंतुलित हो जाता है।

आपका ओव्यूलेशन (ovulation) रुक सकता है। आपके एस्ट्रोजन स्तर कम हो सकते हैं। आपका एंड्रोजन संतुलन बदल सकता है, जिससे आपके हेयर फॉलिकल्स हेयर फॉल के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। महिलाओं में स्कैल्प पर डिफ्यूज़ थिनिंग या रोज़ाना अधिक बाल झड़ना दिखाई दे सकता है। वहीं पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन उत्पादन दबने के कारण थकान, सेक्स ड्राइव में कमी और धीरे-धीरे बाल पतले होना महसूस हो सकता है।

इसलिए, भले ही प्रोलैक्टिन सीधे हेयर लॉस का कारण नहीं बनता, लेकिन यह आपके हार्मोन्स से जुड़ा होता है।

प्रोलैक्टिन आपकी हेयर ग्रोथ साइकल को कैसे बाधित करता है?

आपकी हेयर ग्रोथ साइकल चार मुख्य चरणों से गुजरती है:

  • एनाजेन फेज (anagen phase): जहाँ आपके बाल सक्रिय रूप से बढ़ते हैं
  • कैटाजेन फेज (catagen phase): जहाँ आपके बाल आराम के लिए तैयार होते हैं
  • टेलोजेन फेज (telogen phase): जहाँ आपके बाल सक्रिय रूप से आराम करते हैं
  • एक्सोजेन फेज (exogen phase): जहाँ आपके बाल झड़ना शुरू होते हैं

एनाजेन फेज के दौरान आपके बाल स्वस्थ रहते हैं और पोषित महसूस होते हैं। आदर्श रूप से यह फेज 2 से 7 वर्षों तक रहना चाहिए। लेकिन जब आपके प्रोलैक्टिन स्तर अधिक होते हैं, तो आपके हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जिससे हेयर फॉलिकल्स रेस्टिंग फेज में जा सकते हैं। परिणामस्वरूप, आपके बाल झड़ने लगते हैं।

साथ ही, शरीर में प्रोलैक्टिन का बढ़ा हुआ स्तर आपके हेयर फॉलिकल्स को अधिक संवेदनशील बना सकता है। इससे आप टेलोजेन शेडिंग (telogen shedding) के प्रति अधिक प्रवृत्त हो सकती हैं। इसके अलावा, अगर आपके परिवार में बाल पतले होने का इतिहास है, तो बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन इस प्रक्रिया को और तेज कर सकता है। इसका प्रभाव आपको अपनी हेयरलाइन और क्राउन पर दिखाई दे सकता है।

यही कारण है कि प्रोलैक्टिन के असंतुलन के कारण होने वाला कोई भी हेयर फॉल धीरे-धीरे होता है और लगभग दिखाई नहीं देता, जब तक कि वह स्पष्ट न हो जाए।

 

प्रोलैक्टिन बढ़ने के कारण क्या हैं?

सबसे महत्वपूर्ण कदम यह समझना है कि प्रोलैक्टिन असंतुलन के कारण क्या हैं और उन्हें कैसे संभाला जा सकता है। प्रोलैक्टिन अधिक होने के मुख्य रूप से तीन कारण होते हैं:

शारीरिक कारण

बाकी दो कारणों की तुलना में शारीरिक कारण अधिक आम होते हैं। ये मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम से जुड़े होते हैं, जो रोज़मर्रा की शारीरिक और भावनात्मक जरूरतों पर प्रतिक्रिया देते हैं। इन गतिविधियों में आपको अस्थायी प्रोलैक्टिन उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है:

  • गर्भावस्था
  • स्तनपान
  • तीव्र शारीरिक व्यायाम
  • तनाव
  • नींद

ये प्राकृतिक और थोड़े समय के उतार-चढ़ाव होते हैं, जो आसानी से अपने आप ठीक हो सकते हैं।

मेडिकल कारण

मेडिकल कारण प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ने के सबसे आम कारणों में शामिल हैं। ये स्थितियाँ हैं:

  • पिट्यूटरी एडेनोमा (pituitary edenoma), यानी प्रोलैक्टिनोमा 
  • हाइपोथायरॉइडिज्म (hypothyroidism)
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)
  • क्रॉनिक किडनी डिजीज (chronic kidney disease)

इनमें से किसी भी स्थिति में आपके शरीर की प्रोलैक्टिन को नियंत्रित करने की क्षमता कम हो जाती है।

दवाओं के कारण

दवाओं के कारण प्रोलैक्टिन बढ़ना अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन यह आपके सोचने से अधिक आम है। इन दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में आपके प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ सकते हैं:

  • एंटीडिप्रेसेंट्स (antidepressants)
  • एंटीसाइकोटिक्स (antipsychotics)
  • ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएँ
  • ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (oral contraceptives)

इसलिए, अगर नई दवा शुरू करने के बाद आपके बाल झड़ना शुरू होते हैं, तो यह एक ऐसा संबंध हो सकता है, जिस पर आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

इन कारणों को समझना जरूरी है, क्योंकि हार्मोनल असंतुलन और बाल झड़ना अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। सही कारण की पहचान से लक्षणों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

प्रोलैक्टिन हार्मोन असंतुलन के लक्षण क्या हैं?

प्रोलैक्टिन हार्मोन असंतुलन के सभी लक्षणों को पहचानना आसान नहीं होता। हालांकि, कुछ संकेत हैं जिन पर आप ध्यान दे सकती हैं। महिलाओं में सबसे आम लक्षण हैं:

  • अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स न होना
  • गर्भावस्था या स्तनपान के बाहर स्तनों से दूध जैसा डिस्चार्ज
  • गर्भधारण में कठिनाई
  • लिबिडो में कमी
  • योनि में रूखापन
  • धीरे-धीरे बाल पतले होना
  • सिरदर्द
  • बड़े पिट्यूटरी ट्यूमर की स्थिति में दृष्टि से जुड़ी समस्याएँ

पुरुषों में संकेत इस तरह दिखाई देते हैं:

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile disfunction)
  • चेहरे के बालों में कमी
  • थकान
  • सिरदर्द
  • बड़े पिट्यूटरी ट्यूमर की स्थिति में दृष्टि से जुड़ी समस्याएँ
  • सेक्स ड्राइव में कमी
  • कुछ मामलों में स्तनों का बढ़ना

क्योंकि बाल पतले होना धीरे-धीरे होता है, इसलिए इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है या तनाव से जुड़ी गतिविधियों का परिणाम मान लिया जाता है। वास्तविकता में, ये संकेत हैं कि आपके हार्मोनल सिस्टम को सही क्लिनिकल मूल्यांकन की जरूरत है, और आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

पुरुषों के लिए बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन अधिक गंभीर क्यों होता है?

महिलाओं में प्रोलैक्टिन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, पुरुषों के लिए प्रोलैक्टिन का उच्च स्तर काफी गंभीर हो सकता है। आखिरकार, महिला का शरीर गर्भावस्था, स्तनपान और मासिक धर्म के दौरान प्रोलैक्टिन असंतुलन का अनुभव करने के लिए बना होता है, जबकि पुरुषों में प्रोलैक्टिन बढ़ने का कोई प्राकृतिक जैविक कारण नहीं होता। यह हमें बताता है कि कोई बड़ी अंदरूनी समस्या हो सकती है, जिसे संभालने की जरूरत है।

इससे निदान भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इसके लक्षण दूसरी समस्याओं जैसे हो सकते हैं। कम लिबिडो, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, थकान और मांसपेशियों के द्रव्यमान में कमी जैसे लक्षणों को आसानी से नजरअंदाज कर दिया जाता है या उम्र से जुड़े अन्य कारणों से जोड़ दिया जाता है। दुर्भाग्य से, इससे निदान में देरी होती है और इस समय तक प्रोलैक्टिन स्तर काफी बढ़ चुके होते हैं।

आमतौर पर पुरुषों में अत्यधिक प्रोलैक्टिन शरीर में टेस्टोस्टेरोन को दबा देता है। इससे फर्टिलिटी (fertility) से जुड़ी समस्याएँ, मूड में बदलाव और कभी-कभी हड्डियों की घनता में कमी भी हो सकती है।


प्रोलैक्टिन असंतुलन का निदान कैसे किया जाता है?

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आप प्रोलैक्टिन असंतुलन से गुजर रही हैं, तो वे आपके सीरम प्रोलैक्टिन स्तर को मापने के लिए ब्लड टेस्ट कर सकते हैं। सही परिणामों के लिए सुबह ब्लड सैंपल देना बेहतर होता है, क्योंकि पूरे दिन प्रोलैक्टिन स्वाभाविक रूप से बदलता रहता है।

पूरी स्थिति को बेहतर समझने के लिए कुछ अतिरिक्त टेस्ट भी किए जाते हैं:

  • थायरॉइड फंक्शन (TSH)
  • एस्ट्रोजन या टेस्टोस्टेरोन स्तर
  • LH/FSH स्तर

अगर जांच में प्रोलैक्टिन स्तर अधिक दिखता है, तो आपको प्रोलैक्टिनोमा के संकेत देखने के लिए पिट्यूटरी ग्लैंड का MRI कराने की सलाह दी जा सकती है। अगर बड़े ट्यूमर का संदेह हो, तो आपको विज़न टेस्ट कराने के लिए भी कहा जा सकता है। इसीलिए सही निदान जरूरी है, क्योंकि जड़ कारण को संभाले बिना केवल बालों का इलाज करने से आपकी स्थिति वास्तव में ठीक नहीं होती।

प्रोलैक्टिन असंतुलन के इलाज क्या हैं?

प्रोलैक्टिन असंतुलन के इलाज की बात करें, तो इसका कोई एक तय तरीका नहीं होता। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इलाज हाई प्रोलैक्टिन स्तर के कारण पर निर्भर करता है।

प्रोलैक्टिनोमा

जिन लोगों को प्रोलैक्टिनोमा होता है, उनके इलाज में आमतौर पर दवा शामिल होती है। सबसे अधिक लिखी जाने वाली दवाएँ डोपामाइन एगोनिस्ट (dopamine agonists) होती हैं, जैसे कैबर्गोलिन (cabergoline) और ब्रोमोक्रिप्टीन (bromocriptine)। इन दवाओं को लंबे समय तक लेना पड़ता है, लेकिन ये प्रोलैक्टिन स्तर को काफी कम करने में मदद करती हैं और कभी-कभी ट्यूमर को भी छोटा कर सकती हैं। इनके साइड इफेक्ट्स में मतली या चक्कर आना शामिल हो सकता है, लेकिन डोज़ एडजस्ट करने पर ये कम हो जाते हैं।

हालांकि, जब दवा प्रोलैक्टिन स्तर को संभालने या ट्यूमर को कम करने में सक्षम नहीं होती, तो सर्जरी की सलाह दी जाती है। रेडिएशन थेरेपी पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन केवल तब जब दवा और सर्जरी पर्याप्त साबित न हों।

हाइपोथायरॉइडिज्म

अगर इलाज हाइपोथायरॉइडिज्म से जुड़े हाई प्रोलैक्टिन के लिए है, तो आमतौर पर थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट प्रोलैक्टिन को सामान्य स्तर पर वापस लाने के लिए पर्याप्त होता है।

PCOS

PCOS के मामले में इलाज थोड़ा अधिक स्तरों वाला होता है। आमतौर पर PCOS के कारण होने वाला प्रोलैक्टिन असंतुलन इंसुलिन रेजिस्टेंस और एंड्रोजन की अधिकता से जुड़ा होता है। इसलिए, लाइफस्टाइल फैक्टर्स को संभालना और इंसुलिन सेंसिटाइज़र्स का इस्तेमाल करना हार्मोनल असंतुलन को स्थिर कर सकता है, साथ ही PCOS और आपके हेयर लॉस को भी सहारा दे सकता है।

दवा

यह हाई प्रोलैक्टिन स्तर का सबसे आसान इलाज भी है, क्योंकि इसमें आपको ऐसी वैकल्पिक दवा पर स्विच करना होता है, जो आपके लिए क्लिनिकली सही हो। बेशक, आपको अपनी दवाएँ केवल डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही बदलनी चाहिए।

आपकी लाइफस्टाइल प्रोलैक्टिन असंतुलन से रिकवरी की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करती है?

प्रोलैक्टिन को मेडिकल तरीके से संभाला जा सकता है, लेकिन आपकी लाइफस्टाइल भी आपकी रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देखें कि आपकी लाइफस्टाइल प्रोलैक्टिन को किन तरीकों से प्रभावित करती है:

  • लंबे समय तक तनाव में रहने से आपका कोर्टिसोल बढ़ेगा
  • नींद की कमी से भी आपका कोर्टिसोल बढ़ेगा
  • खराब गट हेल्थ शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को सीमित करती है
  • पोषण की कमी आपके बालों को जरूरी पोषक तत्वों से वंचित कर देगी

ये लाइफस्टाइल बदलाव वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि आपकी रिकवरी के लिए बेहद जरूरी हैं।

 

प्रोलैक्टिन असंतुलन के इलाज के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?

ईमानदारी से कहें, तो इसका एकमात्र सही जवाब है समय। जब आपके प्रोलैक्टिन स्तर स्थिर हो जाते हैं, तो हेयर शेडिंग में कमी देखने में लगभग 2 से 3 महीने लगते हैं। दिखाई देने वाली ग्रोथ के संकेत आपको 4 से 6 महीने के बाद ही दिखने की संभावना होती है। बालों की डेंसिटी में कोई भी स्पष्ट सुधार 6 से 12 महीने तक ले सकता है।

यह याद रखना जरूरी है कि हेयर फॉलिकल्स को दोबारा एनाजेन फेज में प्रवेश करने के लिए समय चाहिए। यह एक जैविक प्रक्रिया है, इसे जल्दी नहीं किया जा सकता। आप केवल शरीर के अंदर सबसे बेहतर स्थितियाँ बना सकती हैं और इसे वह धैर्य दे सकती हैं जिसकी इसे जरूरत है। हार्श केमिकल्स पर निर्भर हुए बिना बालों की चिंताओं को संभालने के स्मार्ट तरीके भी हैं। Traya’s Ultimate Hair Supplements Combo आयुर्वेद, एलोपैथी और न्यूट्रिशन का मिश्रण है, जो आपके बालों को भीतर से सहारा देता है। 20 से अधिक हर्ब्स और जरूरी पोषक तत्वों के साथ यह आंतरिक असंतुलन को सुधारने में मदद करता है और स्वस्थ हेयर ग्रोथ को प्रोत्साहित करता है।

आपका शरीर हमेशा आपसे संवाद करता है और आपको संकेत देता है कि वह तनाव में है। इसलिए, जब आप प्रोलैक्टिन असंतुलन से गुजरती हैं, तो यह धीरे-धीरे सबसे पहले जिन जगहों पर असर दिखाता है, उनमें आपके बाल भी शामिल होते हैं। इसे पहचानना आसान नहीं होता, जब तक कि इसे नजरअंदाज करना मुश्किल न हो जाए। फिर भी, अधिकतर स्थितियों में समय और सही इलाज बड़ा फर्क ला सकते हैं।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या तनाव ही प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है?

नहीं, तनाव ही आपके प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं होता। पिट्यूटरी एडेनोमा, हाइपोथायरॉइडिज्म, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और क्रॉनिक किडनी डिसऑर्डर्स जैसे मेडिकल कारणों से भी आपके प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, एंटीडिप्रेसेंट्स, एंटीसाइकोटिक्स, ब्लड प्रेशर की कुछ दवाओं और ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स के कारण भी प्रोलैक्टिन बढ़ सकता है।

2. क्या हाई प्रोलैक्टिन हमेशा हेयर लॉस का कारण बनता है?

नहीं, हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता। ऐसा होने की संभावना तब अधिक होती है, जब प्रोलैक्टिन दूसरे हार्मोन्स में हस्तक्षेप करता है।

3. क्या प्रोलैक्टिन से जुड़ा हेयर लॉस वापस ठीक हो सकता है?

हाँ, खासकर जब इसे जल्दी पहचाना जाए और तुरंत इलाज किया जाए। आखिरकार, असंतुलन जितने लंबे समय तक रहता है, रिकवरी में उतना ही अधिक समय लगता है।

4. क्या पुरुषों में भी प्रोलैक्टिन से जुड़ा हेयर लॉस होता है?

हाँ, हालांकि यह बहुत आम नहीं है। जब प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक होता है, तो टेस्टोस्टेरोन दब जाता है, जिससे बाल पतले हो सकते हैं।

5. क्या आपकी डाइट प्रोलैक्टिन स्तर को प्रभावित करती है?

जब आप एक्सट्रीम डाइट करती हैं, तो आप कैलोरी का सेवन सीमित कर देती हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन और प्रोलैक्टिन रेगुलेशन बाधित होता है। इसलिए संतुलित डाइट लें, जो मेटाबॉलिक और गट हेल्थ को सहारा दे।

Read More Blogs

एस्ट्रोजन की कमी से बाल पतले होना: कारण और इलाज

एस्ट्रोजन की कमी से बाल पतले होना: कारण और इलाज

एस्ट्रोजन (estrogen) की कमी बालों को पतला कर सकती है, क्योंकि एस्ट्रोजन हेयर ग्रोथ साइक...

कुशिंग सिंड्रोम: हाई कॉर्टिसोल आपके बालों को कैसे प्रभावित करता है

कुशिंग सिंड्रोम: हाई कॉर्टिसोल आपके बालों को कैसे प्रभावित करता है

कुशिंग सिंड्रोम (cushing syndrome) एक हार्मोनल विकार है, जो लंबे समय तक शरीर में कॉर्टि...

हाइपरएंड्रोजनिज्म और हेयर फॉल: आपकी पूरी गाइड

हाइपरएंड्रोजनिज्म और हेयर फॉल: आपकी पूरी गाइड

हाइपरएंड्रोजेनिज्म (hyperandrogenism) में एंड्रोजन (androgen) बढ़ने से महिलाओं में बाल ...

थायरॉइड के कारण बाल झड़ना: यह क्यों होता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है

थायरॉइड के कारण बाल झड़ना: यह क्यों होता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है

थायरॉइड (thyroid) से जुड़ी समस्याएँ शरीर के कई कामों को चुपचाप प्रभावित कर सकती हैं, जि...

एक्सोजेन फेज में बाल झड़ना: रोज़ाना शेडिंग, कारण और बढ़त

एक्सोजेन फेज में बाल झड़ना: रोज़ाना शेडिंग, कारण और बढ़त

एक्सोजेन फेज (exogen phase) आपके बालों की ग्रोथ साइकल का अंतिम चरण है। इसमें पुराने बाल...

Popular Posts

Collapsible content

Disclaimers

The claims and results mentioned are based on multiple internal studies and customer research surveys that Traya has conducted with a statistically significant sample size of users who were under expert observation and guidance.

93% saw results*

Traya conducted an internal study over both men and females facing hair fall and 93% saw results* after using the complete Traya customized plan consistently for a period of 5 months. This study was conducted in December 2022.

5-month money-back guarantee

Traya’s 100% money-back policy is valid only if you have been regular with the complete customized plan for a period of 5 whole consecutive months. Each customised hair kit is valid for only 30 days. If any individual has not seen any regrowth or control in hair fall, you can ask for a refund. However, once you apply for the 5-month - money-back policy, the team would then do a thorough check on consumer regularity based on every order date. An exception to this policy is for those customers undergoing serious health conditions like autoimmune diseases and cancer.

Traya’s Holistic 3 Science Formula

Traya’s 3 Science Formula is a synergistic mix of Ayurveda, Allopathy & Food Science designed specifically to cater to hair fall conditions stemming from multiple root causes. With clinically tested ingredients and adaptogenic herbs, Traya’s Science-Backed formula clears internal blockages and boosts hair regeneration naturally. When blended with a healing dietary plan, it delivers great results in attaining long-term hair growth.

Traya Free hair test (™)

Traya’s Hair Dx test is powered by a proprietary algorithm to examine a user's hair & health profile. With the help of a distinctive image-capturing technique & physician- formulated examination, it is able to precisely check the type, stage & root causes of a certain hair fall condition.

2 lakh+ Indians

Traya Free hair test (™) has been taken by more than 2 lakh+ Indians - Data acquired from Traya customers.

Ayush Certified - Digest Boost, Cholest Vati and Consti Clear are Ayush Certified Products.

Traya’s Ayurvedic Products are based on natural and Ayurvedic formulations. These are completely safe for human use, but it is possible that certain ingredients may cause allergic reactions to some individuals.

Accurate hair check

The Traya free hair test (™) is a proprietary algorithm developed with the help of our in-house hair experts that provides Accurate hair and health checks, provided you mention all the correct details about yourself. It gives a precise checks about the type, stage and root cause of a specific hair fall condition.

Long Lasting Visible Hair Results

Traya’s complete customized plan gives visible and long-lasting results provided you’re on Traya’s hair maintenance kit. Since Traya works on the internal root causes of hair fall and hence our customers have seen long lasting results

Trusted by 100+ Hair Experts

Traya has been tried and loved by over 100 hair experts all over India to maintain healthy hair growth.

Award Winning Trusted Brand

India’s Healthcare Excellence initiated by Brands Impact has awarded Traya as the Most Effective Haircare Product of the Year 2022

FDA approved ingredients

These are completely safe for human use, but it is possible that certain ingredients may cause allergic reactions to some individuals.

Traya Women Santulan (™)

Traya’s Women Santulan is a unique technology that uses a combination of herbs treated in a specific manner (kalpa) to meet the bio-specific needs of women going through different stages of life. Santulan is a supplementary range to Traya’s 3 Science Formula which balances and nourishes the body inside-out delivering long-lasting hair growth results and overall health.

Hair Growth Plan starts at Rs 1699 pm* - The price mentioned is for a male of age 23 with stage 1 type hair fall based on the results of the hair test taken on the website. Prices may vary for individual customers depending on the results of the hair test and internal root causes

Hair Growth Plan starts at Rs 2000 pm* - The price mentioned is for a male of age 25 with stage 1 type hair fall based on the results of the hair test taken on the website. Prices may vary for individual customers depending on the results of the hair test and internal root causes.