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Kali Mirch ke Fayde in Hindi | काली मिर्च के फायदे


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काली मिर्च, एक ऐसा मसाला जो आसानी से हमारे घरों में उपलब्ध हो जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है लेकिन इसमें ढेरों औषधीय गुण भी मौजूद हैं जिनके बारे में काफी कम लोगों को ही पता होता है। आयुर्वेद के साथ साथ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने भी इस बार की पुष्टि की है कि काली मिर्च जिसे ग्रामीण इलाकों में मरिच भी कहा जाता है, कई स्वास्थ्य संबंधित फायदे प्रदान करता है।

आपको चाहे अपच की समस्या हो, तेज खांसी जुखाम हो, सूजन हो, दांतों और मसूड़ों से संबंधित कोई दिक्कत हो, शरीर को डिटॉक्स करना हो आदि कई परिस्थितियों में काली मिर्च के फायदे हैं। हमने kali mirch ke fayde ब्लॉग को तैयार किया है ताकि आप सभी इसके फायदों को समझ सकें और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में इसके फायदे प्राप्त कर सकें। 


काली मिर्च क्या है (Black pepper in Hindi)

काली मिर्च एक प्रकार का मसाला है जिसे कई प्रकार के व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। यह पिप्पलीकुल के अधपके फलों से तैयार किया जाता है। इसके फलों का वास्तविक रंग लाल होता है लेकिन जब यह फल पक जाते हैं तो यह काले रंग के हो जाते हैं, जिन्हें सुखाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद पिपेरीन यौगिक इसे स्वाद प्रदान करता है। 

आपको शायद ही पता होगा कि काली मिर्च की उत्पत्ति भारत में ही हुई थी। दक्षिण भारत का यह पौधा अब अन्य कई देशों जैसे इंडोनेशिया, मलय, श्रीलंका जैसे अन्य कई देशों में उगाया जाता है। दक्षिण भारत के घरों में इसकी खेती आम है, खासकर कि अगर हम त्रावणकोर, कोचीन, मलाबार, मैसूर, कुर्ग, महाराष्ट्र तथा असम के सिलहट और खासी के पहाड़ी इलाकों में इसकी उपज अच्छी खासी होती है। 


काली मिर्च के फायदे (Kali Mirch khane ke fayde)

काली मिर्च के कई फायदे हैं तभी तो इसका उल्लेख हजारों सालों पहले लिखे महाग्रंथों में मिलता है। खासतौर पर महाभारत, रामायण, ऋग्वेद में इसका उल्लेख मिलता है। आइए उन फायदों को विस्तार से समझते हैं। 


1. सर्दी जुखाम में राहत दिलाए काली मिर्च (Black pepper provides relief from cold and cough)

अगर आप कई दिनों से सर्दी जुखाम से परेशान हैं तो काली मिर्च आपकी इस समस्या को दूर कर सकती है। सदियों से इसका इस्तेमाल सर्दी जुखाम को दूर भगाने के लिए किया जाता रहा है क्योंकि इसमें एंटी माइक्रोबियल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। 

सर्दी जुखाम को दूर करने के लिए आप काली मिर्च का सेवन कई तरीकों से कर सकते हैं। सबसे पहले तो आप इसे शहद के साथ सेवन कर सकते हैं। 4 से 5 काली मिर्च के दाने को लेकर उसे अच्छे से पीस लें और उसके बाद शहद में मिलाकर सेवन करें। 


2. खांसी की समस्या में रामबाण है काली मिर्च (Black pepper is effective in cough)

खांसी की समस्या में काली मिर्च रामबाण की तरह काम करता है। अगर आप कई दिनों से खांसी की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह आपको समस्या से अवश्य ही छुटकारा दिला सकता है। इसका मुख्य कारण है इसमें पाया जाने वाला कैप्साइसिन, जोकि कफ को ढीला करने में मदद करता है। इसमें एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और कफ मारक गुण होते हैं, जो श्वसन पथ में जमा बलगम और कफ को तोड़ने में मदद करते हैं।

कफ को दूर करने के लिए भी आपको काली मिर्च में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए। सबसे पहले 7 से 10 दाने काली मिर्च के लें और उन्हें पीस लें, इसके बाद उसमें कम से कम एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को धीरे धीरे चबाते हुए खाएं। ऐसा दिन में दो से तीन बार करने पर आप पाएंगे कि आपको खांसी से छुटकारा मिल गया है।


3. इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद है काली मिर्च (Black pepper is beneficial for the immune system)

आपके इम्यून सिस्टम के लिए भी काली मिर्च काफी फायदेमंद है। इसका कारण है इसमें मौजूद ढेरों पोषक तत्व और औषधीय गुण जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसमें विटामिन सी पाया जाता है जिसे एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है जोकि संक्रमण से लड़ता है। इसके पश्चात, इसमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सही संचालन में मदद करता है।

इसके अलावा इसमें विटामिन ए, विटामिन के और पोटैशियम की भी मात्रा पाई जाती है जोकि इम्यून सिस्टम के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए आप इसका इस्तेमाल काढ़ा बनाने या सब्जियों को तैयार करने में कर सकते हैं।


4. बालों के लिए फायदेमंद है काली मिर्च का सेवन (Consuming black pepper is beneficial for hair)

बालों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान के लिए आप काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, इसमें कैप्साइसिन पाया जाता है। यह बालों के रोम को उत्तेजित करने और नए बालों के विकास में मदद करता है। इसके पश्चात, इसमें मौजूद विटामिन सी और मैग्नीशियम की बालों की मजबूती के लिए जाना जाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है।

बालों के फायदे के लिए आप काली मिर्च पाउडर के साथ नारियल तेल को मिलाकर आप अपने बालों में लगा सकते हैं। इसे आधे घंटे के लिए अपने बालों में लगाएं और फिर साफ पानी से शैंपू कर लें। सप्ताह में दो बार आप इस नुस्खे को अपनाकर बालों की समस्या से निजात पा सकते हैं। 


5. काली मिर्च मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है (Black pepper increases metabolism)

क्या आपको पता है कि काली मिर्च में thermogenic properties पाई जाती हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाने का काम करता है। जब आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है तो इसका अर्थ यह होता है कि कैलोरीज़ भी तेजी से बर्न होनी शुरू हो जाती हैं जिससे वजन घटाने में सहायता मिलती है। इस थर्मोजेनिक गुण के लिए पिपेरिन नामक एक यौगिक जिम्मेदार होता है।

ऐसे में आप अपने मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कई तरीकों से कर सकते हैं। खासतौर पर इसका इस्तेमाल आप सब्जी बनाने में कर सकते हैं। इसके अलावा, आप शहद या दूध के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं। 


6. किसी भी प्रकार के कैंसर से लड़ने में प्रभावी (Effective in fighting any type of cancer)

काली मिर्च किसी भी प्रकार के कैंसर में लड़ने में प्रभावी होता है। पिपेरिन नामक यौगिक, जिसके बारे में हमने आपको पहले ही बताया, कैंसर से लड़ता है और शरीर की कैंसर से रक्षा करता है। यह कैंसर के कोशिकाओं के विकास और प्रसार को रोकता है और कैंसर के उपचार को अधिक प्रभावशाली बनाता है। 

कई अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हुई है कि स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलन कैंसर में यह विशेष रूप से प्रभावी है। हालांकि अगर आपको कैंसर है या आप कैंसर के लक्षणों को देख पा रहे हैं तो काली मिर्च का सीधे इस्तेमाल करने के बजाय आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर डॉक्टर अनुमति दें तो काली मिर्च की अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें जिससे फायदा हो सकता है।


7. जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है काली मिर्च (Black pepper provides relief from joint pain)

अगर आपको जोड़ों का दर्द है तो इस परिस्थिति में भी आप काली मिर्च की मदद ले सकते हैं। यह गंभीर से गंभीर जोड़ों के दर्द में फायदेमंद है और आपको उससे मुक्ति दिला सकता है। इसका कारण है इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण, जोकि जोड़ों के दर्द से राहत दिलाते हैं। आर्थराइटिस और गठिया जैसे गंभीर रोगों के लक्षणों को भी कम करने में इसे प्रभावी माना जाता है।

इस्तेमाल कैसे करें? आसान है। आप इसे विभिन्न व्यंजनों में शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही, रोजाना इसकी कुछ दानों को शहद के साथ मिलाकर चबाकर खा सकते हैं। इसके अलावा, मार्केट में भी आसानी से इसके कैप्सूल और सप्लीमेंट मिल जाते हैं जिसका उपयोग किया जा सकता है।


8. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है काली मिर्च (Black pepper reduces cholesterol levels)

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी काली मिर्च सहायक है। हमारे शरीर को कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है लेकिन सभी कोलेस्ट्रॉल अच्छे नहीं होते और साथ ही जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए बिलकुल फायदेमंद नहीं है। जहां सामान्य कोलेस्ट्रॉल शरीर के सेल्स को बढ़ाता है तो वहीं अगर यह अधिक मात्रा में हो जाए तो हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

कुछ अध्ययनों के मुताबिक, यह शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल को 10 से 15 प्रतिशत कम तो वहीं अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को 10 से 15 प्रतिशत बढ़ा सकता है। इसमें पाया जाने वाला यौगिक पेपरिन कोलेस्ट्रॉल के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है जिससे शरीर से खराब कोलस्ट्रॉल को बाहर निकालने में आसानी हो जाती है।


9. मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए काली मिर्च (Black pepper improves mental health)

काली मिर्च के फायदे आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हैं। बहुत कम ही ऐसे खाद्य पदार्थ या जड़ी बूटियां होती हैं जो मानसिक स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं, काली मिर्च उनमें से एक है। इसमें पाया जाने वाला यौगीन पिपेरिन मस्तिष्क के कामकाज में मदद करता है और अवसाद के लक्षणों में सुधार करता है।

इसके अलावा, इसमें terpene caryophyllene भी पाया जाता है। यह अन्य कई मसलों और औषधियों में पाया जाता है जिसे anxiety के लक्षणों में सुधार करने के लिए काफी प्रभावी माना गया है। ऐसे में इसका सेवन आपकी cognitive capacity में वृद्धि करता है और आप ज्यादा एकाग्र बनते हैं। 


10. मधुमेह की समस्या को दूर करता है काली मिर्च (Black pepper removes the problem of diabetes)

मधुमेह, एक ऐसी बीमारी जिससे आज भारत की एक बड़ी आबादी जूझ रही है। इस बीमारी से आपको दूर रखने में भी काली मिर्च सहायक है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता और आपके शरीर की रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और चीनी स्पाइक्स को रोकने की क्षमता में सुधार करता है। दोबारा से इसमें पाया जाने वाला यौगिक पेपरिन बैलेंस बनाए रखता है।

ऐसे में आपको नियमित रूप से काली मिर्च का सेवन करना चाहिए। आप इसका कई प्रकार से सेवन कर सकते हैं जैसे सब्जी में डालकर, सलाद में इसका इस्तेमाल करके, शहद के साथ, दूध के साथ या इसकी चटनी बनाकर। 


11. शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार है काली मिर्च (Black pepper is helpful in detoxifying the body)

शरीर को डिटॉक्स करना चाहते हैं तो भी काली मिर्च यानी black pepper का इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन में दो चीजें आम होती हैं, पेशाब और पसीना। जब आप इसका सेवन सही ढंग से करते हैं तो आपको पसीना आता है और साथ ही, पेशाब भी नियमित रूप से लगती है। इसकी वजह से शरीर से सभी विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और आपका शरीर ठीक ढंग से काम करता है।

तो अगर आप अपने शरीर को डिटॉक्स करते हैं तो रोजाना एक चम्मच शहद में 7 से 8 काली मिर्च के दाने को मिलाएं और चबाकर अच्छे से खाएं। आपकी यह आदत आपके शरीर में कई सकारात्मक बदलाव ला सकती है।


12. त्वचा की समस्याओं के लिए काली मिर्च (black pepper for skin problems)

काली मिर्च के फायदे आपकी त्वचा के लिए भी हैं। इसके सेवन से आप कई त्वचा संबंधित बीमारियों को दूर कर सकते हैं जैसे खुजली, रैशेज, सफेद धब्बे जिसे विटिलोगी भी कहा जाता है आदि। ऐसे में काली मिर्च में मौजूद गुण आपकी त्वचा की वास्तविक रंगत को बनाए रखते हैं और साथ ही, इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा के रोगों से रक्षा करते हैं।

हालांकि इसका सीधे तौर पर त्वचा पर इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इसका त्वचा पर इस्तेमाल करने के बजाय, सब्जी सलाद आदि में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। रोजाना इसका सेवन आपके शरीर से इन्टॉक्सिकेन्ट को दूर कर देता है जिससे त्वचा साफ होती है और चमकदार बनती है।


काली मिर्च के औषधीय गुण (Medicinal properties of black pepper)

काली मिर्च में ढेरों औषधीय गुण पाए जाते हैं। यहां तक कि इसका उल्लेख महाभारत और रामायण में भी मिलता है। इसके गुणों और प्राचीन समय में इसकी वजह से होने वाले आर्थिक फायदों को देखते हुए इसे काला सोना भी कहा जाता था।  आइए नीचे दिए टेबल की मदद से एक नजर काली मिर्च के औषधीय गुणों पर डालते हैं।


गुण

लाभ

पाचक

भूख बढ़ाती है, पाचन में सुधार करती है, कब्ज, अपच, गैस, पेट में ऐंठन, दस्त आदि से राहत दिलाती है।

इम्यूनिटी बूस्टर

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, संक्रमण से बचाती है।

एंटीऑक्सीडेंट

मुक्त कणों से लड़ती है, कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, हृदय रोग आदि से बचाव करती है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी

सूजन को कम करती है, दर्द से राहत दिलाती है।

न्यूरोप्रोटेक्टिव

तंत्रिका तंत्र को नुकसान से बचाती है, अल्जाइमर, पार्किंसन आदि से बचाव करती है।

अस्थि स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

हड्डियों को मजबूत करती है, ऑस्टियोपोरोसिस से बचाती है।

त्वचा के लिए लाभदायक

त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाती है, मुहांसे, झुर्रियों आदि से बचाती है।

बालों के लिए लाभदायक

बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाती है, बालों के झड़ने को रोकती है।



तो इस तरह आपने देखा कि काली मिर्च में कौन से औषधीय गुण पाए जाते हैं और उनसे शरीर को क्या लाभ मिलते हैं। आगे हम विस्तार से काली मिर्च के फायदे पर बात करेंगे। 


काली मिर्च के विभिन्न उपयोग (Various uses of black pepper)

काली मिर्च के ढेरों अलग अलग उपयोग हैं। इसका सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन सेवन विधियों को विस्तार से:

  1. भोजन में करें शामिल: काली मिर्च को आप अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। भारतीय घरों में खासतौर पर, काली मिर्च को सब्जियां बनाते समय उपयोग में लाया जाता है।
  1. कैप्सूल या सप्लीमेंट लें: काली मिर्च का कैप्सूल और सप्लीमेंट भी आपको आसानी से ऑनलाइन मेडिसिन प्लेटफार्म पर या मेडिकल की दुकानों पर मिल जायेगा। डॉक्टर के परामर्श के बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं।
  1. सलाद: आप काली मिर्च को सलाद में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सलाद में काली मिर्च के साथ ही आप नींबू और अन्य मसालों के साथ मिला सकते हैं।

काली मिर्च के नुकसान (Disadvantages of black pepper)

काली मिर्च के फायदे तो हैं लेकिन साथ ही इसके कई नुकसान भी हैं। ये नुकसान आपको तभी दिखाई देंगे जब आप इसकी अधिक मात्रा में सेवन करेंगे या बिना डॉक्टर की परामर्श के इसके सप्लीमेंट्स लेंगे। आइए जानते हैं कि काली मिर्च के नुकसान क्या हैं:

  1. पेट में जलन की समस्या हो सकती है। खासतौर पर इसका जरूरत से अधिक इस्तेमाल पेट में जलन दे सकता है।
  1. अगर आपको पित्त पथरी से संबंधित समस्या है तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यह उस समस्या को बढ़ा सकता है।
  1. अगर आप किसी अन्य दवा को नियमित रूप से ले रहे हैं तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। क्योंकि कई बार यह आपकी दवाओं के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)


kali mirch ke fayde ढेरों हैं, खासतौर पर अगर आप सर्दी खांसी जुखाम से राहत चाहते हैं, अपच को दूर करना चाहते हैं, वजन घटाना चाहते हैं या कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो यह विशेष रूप से प्रभावी होगा। इसमें मौजूद यौगिक पेपरिन ऑलराउंडर है जोकि कई प्रकार की सेहत संबंधित समस्याओं में मदद करता है।


काली मिर्च खाने के फायदे तो हैं लेकिन इसका सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इसे आपको सीधे त्वचा पर लगाने से बचना चाहिए, इसके बजाय आप शहद के साथ इसका सेवन कर सकते हैं। कुछेक लोगों को इससे एलर्जी, पेट में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं इसलिए डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (frequently Asked question)


1. काली मिर्च का दैनिक सेवन कितना होना चाहिए?

काली मिर्च का दैनिक सेवन 7 से 8 दानों तक ही होना चाहिए। हालांकि कुछेक परिस्थितियों जैसे कैंसर में इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन इसके लिए डॉक्टर के परामर्श जरूरी है। 


2. काली मिर्च के कौन-कौन से चिकित्सकीय गुण हैं?

काली मिर्च के कई चिकित्सीय गुण हैं। यह वजन घटाने में मदद करता है, सर्दी खांसी जुखाम को दूर करता है, बालों को मजबूत बनाता है, गठिया रोगों को ठीक करता है, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और साथ ही कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करता है।


3. किन स्थितियों में काली मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए?


अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराने वाली महिला हैं तो इसका सेवन नुकसानदेह हो सकता है। इसके अलावा, अगर आप किसी भी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं या इसके सेवन से आपको एलर्जी हो रही है तो इस स्तिथि में काली मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए।


4. काली मिर्च के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?

काली मिर्च के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह दर्द और सूजन को दूर करता है, बालों के विकास में मदद करता है, त्वचा संबंधित बीमारियों को दूर करता है, वजन घटाने में मदद करता है, कोकस्ट्रोल के स्तर को कम करता है, मधुमेह को नियंत्रित करता है और साथ ही सर्दी खांसी और जुखाम में रामबाण है।


References

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Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

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