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Calcium and Vitamin D3 Tablets uses in Hindi | कैल्शियम विटामिन D3 के फायदे


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Calcium and Vitamin D3 Tablets uses in Hindi पूरे विश्व में बढ़ गई है क्योंकि लोगों में कैल्शियम और विटामिन डी की भारी कमी देखी जा रही है। एनसीबीआई के अनुसार, लगभग 40.6% भारतीय आबादी में महत्वपूर्ण विकास वर्षों के दौरान आहार में कैल्शियम की कमी होती है तो वहीं, भारत में विटामिन डी की कमी बड़े पैमाने पर है, अध्ययनों से इसकी व्यापकता 34% से 94% तक बताई गई है। यह आंकड़े सिर्फ भारत के ही हैं, पूरे विश्व के आंकड़े तो चौंकाने वाले हैं।

खराब लाइफस्टाइल, संतुलित आहार का सेवन न करना, खराब आदतों को अपनाने से शरीर में इन दो महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इनकी कमी होने पर शरीर का हर अंग नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है और शरीर को कई रोगों का जोखिम बढ़ जाता है जैसे ऑस्टियोपोरिस, रिकेट्स, टिटैनी, त्वचा संबंधित दिक्कतें, कमजोर दांत आदि। ऐसे में Calcium and Vitamin D3 Tablets के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि इन पोषक तत्वों की कमी को ये टैबलेट पूरी करने में सक्षम है।


कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट क्या है (Calcium And Vitamin D3 Tablets in Hindi)

कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट दो पोषक तत्वों कैल्शियम और विटामिन डी के मिश्रण से बनी एक सप्लीमेंट है। जब शरीर में इन दो पोषक तत्वों की भारी कमी हो जाती है जो भोजन से पूरी नहीं की जा सकती तो डॉक्टर इस टैबलेट के सेवन की सलाह देते हैं। इसके अलावा डॉक्टर इसके सेवन की सलाह खून में कैल्शियम की कमी, ओस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स और टिटैनी की समस्या की समस्या दूर करने के लिए देते हैं।

बात करें इस टैबलेट की संरचना की तो आमतौर पर इस टैबलेट में कैल्शियम की मात्रा प्रति टैबलेट 200 mg से लेकर 1000 mg तक हो सकती है। इसके अलावा, टैबलेट में विटामिन डी की मात्रा 400 IU से 2000 IU प्रति टैबलेट तक हो सकती है। हमारे शरीर को 1000 mg कैल्शियम की मात्रा तो वहीं 600 IU विटामिन डी की मात्रा की आवश्यकता होती है। यानि कहा जा सकता है कि यह टैबलेट दैनिक जरूरत के पोषण तत्वों की कमी को पूरा करने में सक्षम है।


कैल्शियम और विटामिन D3 टैबलेट्स के फायदे (Calcium and Vitamin D3 Tablets uses in Hindi)

कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट्स के फायदे कई हैं। आइए एक एक करके इसके सभी फायदों को समझते हैं। आगे बढ़ने से पहले हम आपको बता दें कि शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी3 की प्रचुर मात्रा मौजूद हो, इसके लिए इन सप्लीमेंट्स पर नहीं बल्कि संतुलित आहार पर निर्भर होना चाहिए। 

एक संतुलित आहार से न सिर्फ विटामिन डी और कैल्शियम प्राप्त होता है बल्कि अन्य सभी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं। इन टैबलेट्स का सेवन तभी करें जब शरीर में वाकई इन पोषक तत्वों की भारी कमी हो गई है और डॉक्टर इसके सेवन की आपको सलाह देते हैं।


1. हड्डियों को मजबूत और स्थिर बनाता है (Strengthens bones)

कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट का सबसे मुख्य फायदा मिलता है आपकी हड्डियों को। हमारी हड्डियों को मजबूती और स्थिरता प्रदान करने में तीन पोषक तत्वों का सबसे बड़ा हाथ होता है; विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फोरस। हमारा शरीर लगातार हड्डियों के टिशूज को तोड़ता और नए टिशूज का निर्माण करता है। इस प्रक्रिया को पूरी करने में कैल्शियम सबसे जरुरी होता है ताकि नए bone tissues का निर्माण हो सके।

इसके अलावा, शरीर में सही ढंग से कैल्शियम का अवशोषण हो सके इसके लिए विटामिन डी3 जिम्मेदार होता है। विटामिन डी3 का मुख्य स्रोत सूर्य की रोशनी होती है। यानि अगर आप कितना भी कैल्शियम से युक्त भोजन का सेवन क्यों न कर लें, फायदा तभी प्राप्त होगा जब शरीर में विटामिन डी3 की मात्रा अच्छी होगी। तो इस तरह ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।


2. दांतों को मजबूती प्रदान करता है (Strengthens teeth)

हड्डियों के साथ साथ विटामिन डी और कैल्शियम दांतों को भी मजबूती प्रदान करते हैं और कैविटी के जोखिम को कम करते हैं। कैल्शियम दांतों के इनेमल यानि बाहरी ठोस परत के लिए खनिज पदार्थ की तरह कार्य करता है और उसकी मजबूती में योगदान देता है ताकि इसके टूटने फूटने का जोखिम कम हो सके। बात करें विटामिन डी3 की तो यह दोबारा से शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है यानि दांतों को कैल्शियम मिलती रहे इसके लिए शरीर में विटामिन डी3 उचित मात्रा में मौजूद होनी चाहिए।

साथ ही, हाल में ही किए गए शोध बताते हैं कि कैल्शियम मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है क्योंकि यह हमारे इम्यून सिस्टम को रेग्यूलेट करता है और मसूड़ों में होने वाले सूजन को कम करता है। मसूड़ों में होने वाली सूजन दांतों के कमजोर होने में योगदान देती हैं और मसूड़ों के रोग होने का भी कारण बनती है। तो इस तरह कैल्शियम विटामिन d3 के फायदे आपकी दांतों को भी प्राप्त होते हैं।


3. मांशपेशियों के कार्य में मदद करता है (Helps with muscle function)

कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट मांशपेशियों के कार्य में भी मदद करता है। इस टैबलेट के नियमित इस्तेमाल से मांशपेशियों में ऊर्जा सदैव बनी रहती है और थकावट नहीं होती है। कैल्शियम जहां मांशपेशियों के संकुचन और सहज कार्य में मदद करता है तो वहीं विटामिन डी3 इन्हें मजबूती प्रदान करता है और थकान से बचाता है। 

इसके अलावा, कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि मांशपेशियों की कमजोरी में कैल्शियम और विटामिन डी3 की कमी होती है। अगर आपके शरीर में इन दो पोषक तत्वों की कमी है तो आपकी मांशपेशियां भी कमजोर हो जायेंगी। साथ ही, इनकी कमी से ऐंठन और दर्द की समस्या भी जन्म ले सकती है। 


4. बालों के विकास में मदद करता है (Plays a helpful role in hair growth)

National Institute of Health के मुताबिक, शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर बाल झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बालों के रोम में पहले से ही विटामिन डी रिसेप्टर्स मौजूद होते हैं जिससे बालों का विकास होता है और वे मजबूत बनते हैं। ऐसे में अगर विटामिन डी रिसेप्टर्स की कमी हो जाए तो बालों का टूटना शुरू हो सकता है। इसके अलावा, ये दोनों ही पोषक तत्व शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी मददगार होते हैं जिससे बालों का निरंतर विकास होता है।

लेकिन बालों का झड़ना या बालों का विकास न होना 20 से भी अधिक कारणों की वजह से होता है। ऐसे में इस टैबलेट का सेवन बालों का झड़ना रोकने में कम असरदार है इसलिए हम आपको Traya Hair Test देने की सलाह देते हैं। यह टेस्ट फ्री है और आपका सिर्फ दो मिनट लेगा, जिससे आपके बालों के झड़ने के कारण की पूरी रिपोर्ट आपको मिलेगी। इसके पश्चात फ्री कंसल्टेशन और जरूरी ट्रीटमेंट की मदद से आप बाल झड़ने की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।


5. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है (Strengthens the immune system)

कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट का अगला फायदा होता है इम्यून सिस्टम यानि प्रतिरक्षा प्रणाली को लेकर। बात करें अगर सिर्फ विटामिन डी3 की तो इसे immunomodulator कहा जाता है क्योंकि यह प्रतिरक्षा प्रणाली के विभिन्न कार्यों को बैलेंस करने में मदद करता है। इसके अलावा यह टी-कोशिकाओं और बी-कोशिकाओं जैसी प्रतिरक्षा कोशिकाओं को सक्रिय और मजबूत करता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कैल्शियम भी इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है और इसे मजबूती प्रदान करने में मदद करता है। कैल्शियम सेलुलर संचार और सिग्नलिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो उचित प्रतिरक्षा प्रणाली कार्य के लिए आवश्यक हैं। यह घावों को जल्दी भरने में भी मदद करता है जिससे इम्यून सिस्टम का रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है।


6. ओस्टियोपोरोसिस की समस्या में मदद करता है (Helps in the problem of osteoporosis)

ओस्टेपोरोसिस हड्डियों का रोग है जिसमें हड्डियां बेहद ही नाजुक और कमजोर हो जाती हैं। जब हड्डियों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व खासकर कि विटामिन डी3, कैल्शियम और फॉस्फोरस नहीं प्राप्त होता है तो वे कमजोर हो जाती हैं। इस परिस्थिति में उनके टूटने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। स्तिथि कई बार इतनी गंभीर हो जाती है कि एक तेज छींक भी इन्हें तोड़ने के लिए काफी होती है।

ऐसे में कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट के फायदे होते हैं। इस टैबलेट के सेवन से ओस्टियोपोरोसिस की समस्या का समाधान होता है क्योंकि यह टैबलेट शरीर को उचित मात्रा में विटामिन डी3 और कैल्शियम प्रदान करता है। इसका नियमित सेवन भविष्य में ओस्टेपोरोसिस के होने के जोखिम को भी कई गुना तक कम कर देता है।


7. रिकेट्स के इलाज में सहायक है (Helpful in treating rickets) 

कैल्शियम विटामिन d3 के फायदे रिकेट्स के सफल इलाज में भी मिलते हैं। आपने ऊपर जाना कि ओस्टियोपोरोसिस रोग क्या होता है। खासतौर पर यह बीमारी बुजुर्गों और उम्र दराज लोगों में होता है लेकिन रिकेट्स की समस्या बच्चों में होती है। इस रोग से पीड़ित बच्चों की हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं। कई बार बच्चों की हड्डियां टेढ़ी और झुक भी जाती हैं जिससे गतिविधि में कई दिक्कतें होने लगती हैं।

इस परिस्थिति में भी यह टैबलेट काफी फायदेमंद साबित होता है। रिकेट्स की समस्या ही इसलिए होती है क्योंकि हड्डियों में विटामिन डी और कैल्शियम की कमी हो जाती है और यह टैबलेट उस कमी को पूरा करता है। हालांकि, अगर आपके बच्चे को रिकेट्स की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 


8. पैराथायराइड हार्मोन के उत्पादन में वृद्धि करता है (Increases production of parathyroid hormone)

विटामिन डी3 और कैल्शियम टैबलेट का अगला फायदा है शरीर में parathyroid hormone के उचित उत्पादन को लेकर। अगर शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी3 की कमी हो जाती है तो इस हार्मोन का सही से उत्पादन नहीं हो पाता है। इस वजह से कई दिक्कतें जैसे होठों, उंगलियों और पैर की उंगलियों में झुनझुनी, मांसपेशियों में ऐंठन, पेट में दर्द, असामान्य हृदय ताल जैसी दिक्कतें हो जाती हैं। 

इस परिस्थिति में थायराइड रोग होने का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है। ऐसे में इस टैबलेट के सेवन से थायराइड ग्लैंड द्वारा होने वाले हार्मोन्स का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। हालांकि बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसा आपको नहीं करना चाहिए। 


कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Calcium and Vitamin D3 Tablets)

जहां एक तरफ कैल्शियम विटामिन d3 के फायदे हैं तो वहीं इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिसे ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। आमतौर पर यह टैबलेट कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाती लेकिन अगर आप डॉक्टर द्वारा दिए गए परामर्श को फॉलो नहीं करते हैं या ओवरडोज लेते हैं तो निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स आपको देखने को मिल सकते हैं:

  • ‌कब्ज़
  • ‌गैस
  • ‌सूजन
  • ‌पेट की ख़राबी
  • ‌जी मिचलाना
  • ‌उल्टी करना

अगर आपको ऊपर दी गई किसी भी साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ता है तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें। इसके अलावा, सेवन से हुई साइड इफेक्ट्स की पूरी जानकारी भी अपने डॉक्टर को बताएं। ध्यान रखें कि इसका सेवन सुझाई गई मात्रा में ही करें, ओवरडोज खतरनाक हो सकता है। 


कैल्शियम और विटामिन D3 टैबलेट्स का सेवन कैसे करें?

इस टैबलेट का सेवन आपको हमेशा डॉक्टर के सुझाव के अनुसार ही करना चाहिए। यह दवा डॉक्टर की पर्ची पर मिलती है और इसलिए बिना डॉक्टर के सुझाव के या ओवरडोज करने से दिक्कतें हो सकती हैं। आमतौर पर इसका सेवन शाम को भोजन करने के पश्चात ही किया जाता है।

इसके सेवन से जुड़े परहेज, सावधानियां और अन्य जरूरी बातों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रखें कि यह टैबलेट बच्चों के संपर्क में न आए। 

 

विटामिन डी3 और कैल्शियम टैबलेट के सेवन से जुड़ी सावधानियां (Precautions related to consumption of Vitamin D3 and Calcium tablets)

विटामिन डी3 और कैल्शियम टैबलेट का सेवन आमतौर पर सुरक्षित होता है लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. शराब के साथ इस टैबलेट का सेवन कदापि न करें।

2. इस दवा की लत तो नहीं लगती लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

3. गुर्दे की बीमारी, हृदय रोग, एलर्जी, अनियमित दिल की धड़कन, लीवर रोग जैसी समस्याओं में इस दवा का सेवन न करें या डॉक्टर की सलाह के पश्चात ही करें।

4. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए इसका सेवन सुरक्षित है लेकिन डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

5. Chloroquine, Amlodipine, Doxycycline और Caffeine जैसी अन्य कई दवाओं के समूह के साथ कैल्शियम विटामिन डी3 टैबलेट का सेवन हानिकारक हो सकता है। 

6. अगर आप पहले से ही किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा का सेवन कदापि न करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

Calcium And Vitamin D3 Tablets Uses In Hindi कई हैं जैसे इसके सेवन से हड्डियां मजबूत बनती हैं, ओस्टियोपोरोसिस के इलाज में मदद मिलती है, दांत मजबूत बनते हैं, बालों का झड़ना कम हो जाता है, थायराइड हार्मोन की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है, बच्चों में रिकेट्स की समस्या दूर होती है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। 

लेकिन जहां एक तरफ calcium and vitamin d3 tablets ip in hindi हैं तो इसके सेवन से कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं जैसे उल्टी, मितली, चक्कर आना, पेट की खराबी, सूजन, गैस, कब्ज आदि। ऐसे में इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। 


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

1. कैल्शियम और विटामिन डी की गोलियां सेवन करने पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कैल्शियम और विटामिन डी की गोलियां सेवन करने पर हड्डियां स्थिर और मजबूत बनती हैं, ओस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स होने का खतरा कम हो जाता है, इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है, बालों का झड़ना कम हो जाता है, दांत मजबूत बनते हैं और कैविटी होने का जोखिम कम हो जाता है।

 

2. विटामिन डी3 सप्लीमेंट्स किस समय पर लेने चाहिए?

विटामिन डी3 सप्लीमेंट आमतौर पर शाम को भोजन करने के पश्चात सेवन करने की सलाह दी जाती है। हालांकि हर व्यक्ति के हिसाब से इसकी सेवन विधि और अवधि अलग अलग हो सकती है इसलिए डॉक्टर से संपर्क करें।


3. कैल्शियम और विटामिन D3 के सेवन के लिए सबसे उत्तम समय कौन सा होता है?

कैल्शियम और विटामिन डी3 के सेवन के लिए सबसे उत्तम समय शाम को भोजन के पश्चात होता है। हालांकि व्यक्ति दर व्यक्ति इसके सेवन की अवधि, समय और खुराक अलग अलग हो सकती है इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना रिकमेंड किया जाता है।


4. विटामिन D3 की कमी के कारण होने वाले रोग कौन से हैं?

विटामिन डी3 की कमी से ओस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स, ओस्टियोमालेशिया, न्यूमोनिया, कैंसर, मोटापा, हृदय रोग आदि रोग होने की संभावना होती है।


References

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Dr. Kalyani Deshmukh, M.D.

Dermatologist

Dr. Deshmukh is an MD (Dermatology, Venerology, and Leprosy) with more than 4 years of experience. She successfully runs her own practice and believes that a personalized service maximizes customer satisfaction.

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