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मुलैठी के फायदे, नुकसान और सेवन की विधियां


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मुलैठी जिसे Glycyrrhiza glabra भी कहा जाता है, औषधीय गुणों से युक्त एक जड़ी बूटी है। यह यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कुछ भागों में पाई जाती है। इसका इस्तेमाल विभिन्न कारणों से किया जाता है खासतौर पर गले की खराश, खांसी सर्दी जुखाम, अस्थमा, पेट की खराबी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए यह विशेष रूप से कारगर साबित होता है। 

मुलैठी के फायदे ढेरों हैं और इस ब्लॉग में हम उन्हीं फायदों पर विस्तार से बात करेंगे। मुलैठी का इतिहास, इसके फायदे और नुकसान, इसकी विभिन्न सेवन विधियों और संबंधित प्रश्नों पर हम mulethi benefits in Hindi के इस ब्लॉग के माध्यम से प्रकाश डालेंगे। 


मुलैठी क्या है (What is Licorice in Hindi)

मुलैठी औषधीय गुणों से युक्त जड़ी बूटी है जिसे Liquorice नाम से भी जाना जाता है। स्वाद में सुगंधित यह जड़ी बूटी खाद्य पदार्थों के साथ ही कई औषधीय दवाओं को बनाने में भी इस्तेमाल की जाती है। आमतौर पर इसका निवास स्थान एशिया, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका है लेकिन इसका इस्तेमाल हजारों वार्षिंसे किया जाता रहा है। यह कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी में भी काफी असरदार है।

माना जाता है कि मुलैठी का सबसे पहले इस्तेमाल मिस्रवासियों ने करना शुरू किया था। उन्होंने इसका इस्तेमाल दो कारणों से किया था, पहला धार्मिक प्रयोजन से और दूसरा औषधीय प्रयोजन से ठीक तुलसी और नीम की तरह। भारत में भी सदियों से इसका इस्तेमाल जारी है और आयुर्वेद चिकित्सा में इसे कई बीमारियों को ठीक करने वाला बताया गया है।

 

मुलैठी के फायदे (Benefits of liquorice in Hindi)

मुलैठी के कई स्वास्थ्य फायदे हैं। खासतौर पर यह गले की खराश, खांसी जुखाम सर्दी, अस्थमा, पेट दर्द जैसे रोगों में सहायक है। आइए एक एक करके मुलैठी के फायदे पर नजर डालते हैं।


1. खांसी और खराश को दूर करे मुलैठी (Relieves cough and soreness) 

अगर आप खांसी और खराश की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको एक बार मुलैठी का सेवन करके अवश्य ही देखना चाहिए। मुलैठी के सेवन से आप खांसी और खराश को दूर कर सकते हैं क्योंकि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। कई शोध यह बताते हैं कि इसमें अस्थमैटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं जोकि आवाज को बेहतर बनाते हैं और खराश को दूर करते हैं।

साथ ही यह गले की सूजन और जलन को कम करता है जिससे खांसी में राहत मिलती है। खांसी और खराश को ठीक करने के लिए आप मुलैठी की चाय या मुलैठी का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। मुलैठी चाय कैसे बनाएं वीडियो को आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।


2. पाचन तंत्र में सुधार करता है मुलैठी (Improves the digestive system)

पाचन तंत्र में सुधार करने के लिए भी मुलैठी काफी कारगर है। इसके सही इस्तेमाल से आप पाचन संबंधित दिक्कतें दूर कर सकते हैं और साथ ही पाचन तंत्र को भी मजबूत बना सकते हैं। इसके अलावा, कब्ज, पेट में जलन और सूजन को भी कम करने में यह काफी सहायक जड़ी बूटी है। इसमें ग्लाइसीरिज़िन, अमीनो एसिड और फाइबर पाया जाता है जोकि पाचन तंत्र के लिए कई तरीकों से काफी फायदेमंद होता है।

मुलैठी की मदद से पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए आप इसका काढ़ा बना सकते हैं। इसके लिए आपको बस एक कप पानी में दो चम्मच मुलैठी का पाउडर मिलाना है और फिर इस घोल को अच्छे से मिला लें। अब इस घोल को छान लें और गरमा गर्म काढ़ा का आनंद ले सकते हैं जोकि स्वाद में भी बेहतर होगा। तो अगर आप पाचन तंत्र के लिए mulethi benefits पाना चाहते हैं तो रोजाना इसका सेवन करना शुरू कर दें।

 

3. मुलैठी के फायदे त्वचा के लिए (Benefits for skin)

मुलैठी आपके त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकती है और कई त्वचा संबंधित दिक्कतों से छुटकारा दिला सकती है।  यह त्वचा की रंगत को वापस लाने, दाग धब्बों को कम करने और झुर्रियों को कम करने में मदद कर सकती है। परंतु कैसे? आइए समझते हैं। सबसे पहले तो इसमें ग्लाइसीरिज़िन पाया जाता है जोकि मुलैठी का एक सक्रिय यौगिक है और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। 

इसलिए यह त्वचा के सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके पश्चात, मुलैठी में एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं जो त्वचा को मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। अंत में आता है मुलैठी का हाइड्रेटिंग एजेंट जोकि त्वचा को नमी प्रदान करता है।


4. मुलैठी के फायदे बालों के लिए (Benefits for hair)

बालों के लिए भी मुलैठी काफी फायदेमंद है। यह बालों का झड़ना, बालों का सफेद होना रोक सकती है और बालों का मजबूती प्रदान कर सकती है। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, इसमें ग्लाइसीरिज़िन पाया जाता है जोकि बालों को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण बालों की जड़ों में सूजन को कम करते हैं।

मुलैठी के फायदे बालों के लिए प्राप्त करने के लिए आप इसके तेल और हेयर मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको मुलेठी का तेल, नारियल का तेल, एक चम्मच शहद को एक कटोरी में अच्छे से मिला लेना है। अब आप इस पेस्ट को अपने बालों में लगा सकते हैं। इसके अलावा आप मुलैठी पाउडर, आंवला पाउडर और एक चम्मच दूध एक साथ मिलाकर हेयर मास्क तैयार कर सकते हैं जिसे लगाने पर सफेद बालों से मुक्ति मिलेगी।


5. मुलेठी के फायदे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए (For immune system)

मुलैठी के फायदे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी हैं। अगर आप बार बार संक्रमण के शिकार हो जाते हैं या जल्दी किसी संक्रमण से ठीक नहीं होते हैं तो मुलेठी आपकी इसमें मदद कर सकता है। इसके सेवन से आप अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर खुद को रोगों से दूर रख सकते हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं जोकि शरीर को मुक्त कणों से बचाते हैं।

अगर आप मुलेठी की मदद से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इसके जड़ को रोजाना चबाना शुरू कर दें। इसके जड़ को रोजाना चबाने से आपकी इम्यूनिटी बेहतर होगी और आप कई रोगों से बच जायेंगे। उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि mulethi khane ke fayde प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए कैसे है। 

 

6. हृदय स्वास्थ्य में लाभकारी है मुलेठी (Mulethi for heart health)

अगर आप अपने हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखना चाहते हैं तो मुलेठी का सेवन कर सकते हैं। अगर आपका हृदय स्वास्थ्य बेहतर नहीं होगा तो हार्ट अटैक और हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जायेगा और इसलिए आपको अपने हृदय की रक्षा करने के लिए मुलेठी का इस्तेमाल करना चाहिए। यह हृदय को मजबूत बनाने, रक्तचाप को नियंत्रित करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए खासतौर पर सहायक है।

मुलेठी को हाइपोटेंसिव माना जाता है। इसका अर्थ यह हुआ कि यह रक्तचाप को कम करने में मदद करेगा। साथ ही इसका एंटी इंफ्लेम्टरी गुण हृदय की मांशपेशियों में मौजूद सूजन को कम करते हैं तो वहीं यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और खराब कोलस्ट्रॉल को शरीर से बाहर करने में भी मदद करता है। आप इसकी चाय, काढ़ा का इस्तेमाल करके अपने हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर कर सकते हैं।


7. अस्थमा को दूर करता है मुलेठी (Liquorice for Asthma)

अगर आप अस्थमा से पीड़ित हैं या इस रोग से खुद की दूर रखना चाहते हैं तो डॉक्टर द्वारा निर्देशित दवाइयों के साथ ही मुलेठी का भी सेवन कर सकते हैं। इसमें कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो अस्थमा की समस्या ने में सहायक साबित हो सकते हैं। मुलेठी कफ को शांत करता है और साथ ही बलगम को पतला करने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है जिससे सांस लेने में आसानी होती है।

इसके साथ ही यह स्वशन मार्ग को भी खोलता है। इसमें पाए जाने वाले गुण वायुमार्ग को फैलाने में मदद करते हैं जिससे सांस लेने में आसानी होती है।  अस्थमा की समस्या में आप मुलेठी की चाय बनाकर पी सकते हैं। तो ऐसे में अगर आप इस mulethi benefits in Hindi को प्राप्त कर सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करके।

 

मुलैठी के पोषण गुण (Nutritional Properties of liquorice in Hindi)

मुलैठी कई पोषक तत्वों से भरपूर है जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल हजारों वर्षों से चला आ रहा है। मिस्र से लेकर यूनानी और भारतीयों तक ने इसके गंध और पौष्टिक गुणों से युक्त होने के कारण इसका इस्तेमाल किया है। न सिर्फ इसका इस्तेमाल धार्मिक कारणों से किया गया बल्कि कई रोगों के उपचार में भी इसका इस्तेमाल किया गया। आइए एक नजर नीचे दिए टेबल पर डालते हैं और जानते हैं कि मुलैठी के पोषण गुण कौन कौन से हैं।


पोषण तत्व

मात्रा (100 ग्राम में)

फायदे

लाभ

ऊर्जा

33 किलोकैलोरी

दर्द निवारक

गठिया, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, पेट दर्द को कम करता है

प्रोटीन

1.8 ग्राम

पाचन सहायक

कब्ज से राहत दिलाता है, पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है

कार्बोहाइड्रेट

7.8 ग्राम

कफ नाशक

खांसी, जुकाम, गले की खराश में राहत देता है

वसा

0.2 ग्राम

वजन नियंत्रण

एंटी-ऑक्सीडेंट्स वजन कम करने में सहायक

फाइबर

1.7 ग्राम

रक्तचाप नियंत्रण

पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है

विटामिन ए

20 IU

मधुमेह नियंत्रण

एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर लेवल को कम करते हैं

विटामिन सी

2 मिलीग्राम

मूत्राशय संक्रमण रोकथाम

एंटी-बैक्टीरियल गुण मूत्राशय संक्रमण से बचाते हैं

कैल्शियम

35 मिलीग्राम

ब्लड प्रेशर

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, मांसपेशियों के कार्य में सुधार करता है

आयरन

0.5 मिलीग्राम

हड्डी स्वस्थ्य

हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी, मांसपेशियों के कार्य में सुधार करता है, तंत्रिका तंत्र को सुचारू बनाता है

पोटेशियम

250 मिलीग्राम

मैग्नीशियम

20 मिलीग्राम



तो इस तरह आपने इस टेबल की मदद से जाना कि मुलैठी के गुण कौन से हैं और साथ ही उन गुणों के क्या फायदे होते हैं। ऊपर हमने विस्तार से mulethi benefits पर बात किया है।


मुलैठी के सेवन के तरीके (Ways to consume licorice)

 

मुलैठी को आमतौर पर तीन तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं उन तीन तरीकों के बारे में:

  1. मुलैठी की चाय: आप मुलेठी की चाय बनाकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी चाय बनाना भी काफी आसान है। इसके लिए आपको एक कप पानी में मुलेठी की जड़ें या पाउडर डालकर उबालें। इसमें आप मिठास के लिए चीनी में मिला सकते हैं। इसके बाद आप इसे छानकर पी सकते हैं।

मुलेठी की चाय बनाने की विधि: Hormonal Balancing Tea Recipe | How to Make Mulethi Tea for Weight loss, Detox, PCOS & POCD | Hindi

  1. मुलैठी का काढ़ा: अगला विकल्प है मुलेठी का काढ़ा बनाने का। इसे बनाने के लिए आप काढ़ा बनाने की कई सामग्रियों जैसे जल्दी, गुण, काली मिर्च, मुलैठी आदि को उबालकर फिर छानकर पी सकते हैं।
  1. मुलैठी की जड़ें: तीसरा फायदेमंद तरीका है मुलेठी की जड़ें चबाने का। आप मुलेठी की जड़ों को धोकर सीधे चबाना शुरू कर सकते हैं जोकि स्वाद में भी हक्का मीठा ही होता है।
  1. मुलेठी का पाउडर: अंतिम तरीका है इसका पाउडर बनाने का। आप मुलेठी का चूर्ण बनाकर भी इसका सेवन पानी के साथ कर सकते हैं। इसके लिए आप मुलेठी का चूर्ण बाजार से खरीद सकते हैं या इसकी जड़ों को पीसकर चूर्ण तैयार कर सकते हैं। इस चूर्ण को दूध या पानी के साथ मिलाकर पिया जा सकता है। मुलेठी पाउडर के फायदे यह हैं कि इससे आपका ह्रदय स्वास्थ्य बेहतर बनता है और साथ ही अस्थमा के लक्षणों में भी सुधार होता है।

    तो अगर आप सभी mulethi ke fayde in Hindi प्राप्त करना चाहते हैं तो आप ऊपर दिए गए रेसिपीज को बनाकर इनका सेवन कर सकते हैं । इन्हें तैयार करना काफी आसान है । हमने आपकी सहायता के लिए YouTube video links भी दिए हैं ।


मुलैठी के नुकसान (Side Effects of Mulethi in Hindi)

मुलैठी के फायदे और नुकसान दोनों हैं इसलिए कुछेक लोगों को इसके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं। हम सबका शरीर अलग अलग है और इसलिए सबके शरीर पर इसका प्रभाव भी अलग अलग ही होता है। कई लोगों के लिए जहां ये फायदेमंद है तो वहीं कई लोगों के लिए यह नुकसानदेह भी हो सकता है। 


मुलैठी के नुकसान निम्नलिखित हैं:

  • ‌दस्त
  • ‌पेट में ऐंठन
  • ‌उच्च रक्तचाप
  • ‌पोटैशियम की कमी

अगर आप मुलेठी के सेवन के पश्चात कोई भी एलर्जी देखते हैं तो हम आपको सलाह देते हैं कि तुरंत ही इसका सेवन बंद कर दें। अगर एलर्जी गंभीर है तो डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अगर आप किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन उन दवाओं के साथ इंटरैक्ट कर सकता है इसलिए डॉक्टर से परामर्श लें।


निष्कर्ष

मुलैठी के फायदे ब्लॉग में आपने विस्तार से जाना कि इसके फायदे, नुकसान, सेवन की विधियां, सेवन से सम्बन्धित सावधानियां और संभावित नुकसान क्या हैं। यह जहां एक तरफ गले की खराश खांसी की दूर करता है तो वहीं कई बार कई बार इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं जैसे उल्टी, पेट में ऐंठन आदि। यानि mulethi ke fayde in Hindi के साथ ही इसके नुकसान भी हो सकते हैं ।

इसके इस्तेमाल के कई तरीके हैं। सबसे आसान तरीके हैं इसकी चाय बनाना, काढ़ा बनाना और चूर्ण यानी पाउडर बनाकर इसका सेवन करना।  मुलेठी के फायदे तो हैं लेकिन इसका इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं और किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे लोगों को बिना डॉक्टर की परामर्श के बिना नहीं करना चाहिए।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked question)

1. मुलेठी के सेवन से कौन-कौन से स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं?

मुलेठी के सेवन से गले की खराश से राहत मिलती है, खांसी सर्दी  दूर होती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है, अस्थमा की समस्या दूर होती है, खराब पेट की समस्या से छुटकारा मिलता है, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है और साथ ही कैंसर का भी इलाज करता है।


2. मुलेठी किन-किन रोगों के उपचार में प्रयोगी है?

मुलेठी खांसी, पेट खराब, अस्थमा, कैंसर, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप जैसे रोगों के उपचार में उपयोगी है। इसके सही इस्तेमाल से ह्रदय रोग, मूत्राशय संक्रमण, रजोनिवृत्ति के लक्षण, मसूड़ों की बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है।


3. मुलेठी को सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें?

मुलैठी को सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए आप उसका चूर्ण तैयार करके दूध या पानी के साथ सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, मुलैठी की चाय और काढ़ा बनाकर इस्तेमाल करना भी एक सही तरीका है।


4. सीधे मुलेठी का सेवन करना क्या सुरक्षित है?

जी हां, आप बिल्कुल सीधे मुलेठी का सेवन कर सकते हैं। आप मुलेठी की जड़ों को सीधे तौर पर चूस सकते हैं जिससे कई स्वास्थ्य संबंधित लाभ प्राप्त होते हैं।


5. मुलेठी के पानी का सेवन करने के क्या लाभ हैं?

मुलेठी के पानी का सेवन करने से पेट दर्द से राहत मिलती है, खराब पेट की समस्या दूर होती है और साथ ही, त्वचा सम्बन्धित रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। हालांकि संतुलित मात्रा ने ही आपको इसका सेवन करना चाहिए वरना परिणाम उलटे हो सकते हैं।


6. मुलेठी का पानी या अर्क किस समय पीना फायदेमंद है?

मुलेठी का पानी या अर्क पीना सबसे फायदेमंद सुबह के समय माना जाता है। आप सुबह खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं हालांकि अगर इसके सेवन से आपको कोई भी एलर्जी होती है तो तुरंत ही इसका सेवन बंद कर दें।

 

References

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Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

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