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महिलाओं में थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms in female in Hindi)


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महिलाओं में थायराइड के लक्षण और रोग होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को थायराइड होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे महिलाओं में हार्मोन्स का उथल पुथल ज्यादा होता है। साथ ही महिलाओं में ही Autoimmune का खतरा ज्यादा होता है जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली अपने ही शरीर के स्वस्थ थायराइड ऊतकों पर हमला कर देती है। 

थायराइड रोग पर विभिन्न अध्ययनों के एक अनुमान के अनुसार, यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में लगभग 42 मिलियन लोग थायराइड रोगों से पीड़ित हैं। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि भारतीय महिलाओं में थायराइड विकारों की व्यापकता वैश्विक औसत से अधिक है। यानि थायराइड से जूझ रहीं भारतीय महिलाओं की संख्या दुनिया में हर देश से ज्यादा है। यह वाकई डरावनी बात है लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। 

महिलाओं में थायराइड के लक्षण कई हैं जैसे कि वजन बढ़ना या वजन घटना, अत्यधिक पसीना आना, अत्यधिक तनाव और शरीर में कंपकंपी होना, हृदय की गति तेज होना, मानसिक स्वास्थ्य खराब होना, अत्यधिक थकान, हड्डियों में कमजोरी होना, बालों का झड़ना आदि।

आज के इस ब्लॉग में आप न सिर्फ यह जानेंगी कि महिलाओं में थायराइड के लक्षण क्या हैं, बल्कि इस रोग से संबंधित हर बिंदुओं पर हम आपको जानकारी देंगे। जैसे कि थायराइड रोग क्या है, इससे महिलाएं ही अधिकतम पीड़ित क्यों होती हैं, इसके प्रकार क्या हैं, इसका इलाज कैसे होता है, क्या घरेलू नुस्खे और खानपान की मदद से इसका इलाज संभव है आदि। 


थायराइड रोग क्या है (What is Thyroid in Hindi)

थायराइड रोग शरीर में उत्पादन होने वाले थायराइड हार्मोन का असंतुलन है। हमारे गले में एक तितली के आकार की ग्रंथि मौजूद है जिसे थायराइड कहा जाता है। इसका कार्य थायराइड हार्मोन का उत्पादन होता है जिससे मेटाबॉल्सिम से लेकर हृदय के स्वास्थ्य तक सबकुछ प्रभावित होता है। लेकिन जब इस हार्मोन का उत्पादन असंतुलित यानि सामान्य से कम या ज्यादा हो जाता है तो शरीर के कई कार्य नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं।

थायराइड रोग की वजह से छोटे Goitre (गण्डमाला) से लेकर जानलेवा कैंसर तक हो सकता है। ऐसे में जरुरी है कि समय रहते इसका इलाज किया जाए। आमतौर पर थायराइड रोग खतरनाक नहीं होता है लेकिन कुछ स्तिथियों में यह जानलेवा भी हो सकता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो हृदय रोग, ओस्टियोपोरोसिस, हड्डियों का कमजोर होना, गर्भ धारण करने में दिक्कतें होना, मानसिक स्वास्थ्य खराब होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए जरुरी है कि आप पहले ही महिलाओं में थायराइड के लक्षण समझ लें ताकि इसका उपचार समय से हो सके।

 

महिलाओं में थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms in female in Hindi)

महिलाओं में थायराइड के लक्षण अलग अलग होते हैं। नीचे आपको सभी Thyroid symptoms in Hindi की जानकारी दी जा रही है ताकि आप इन लक्षणों के होने पर अपना जल्द से जल्द उपचार करा सकें।


1. अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस करना (feeling extremely tired and weak)

अगर आप हाइपोथायरायडिज्म यानि सुस्त थायराइड रोग से पीड़ित हैं तो आपको हमेशा थकान और सुस्ती महसूस होगी। शरीर में आप कमजोरी का अनुभव करेंगे। यहां तक कि एक अच्छी नींद लेने के पश्चात भी जब आप उठेंगे तो भी आपको थकान ही महसूस होगी। ऐसा इसलिए होते है क्योंकि हाइपोथायरायडिज्म की स्तिथि में आपका शरीर थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम करता है।

जब आपके शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम होगा तो आपका मेटाबॉलिज्म नकारात्मक रूप से प्रभावित होगा। मेटाबॉलिज्म यानि चयापचय ही वह प्रक्रिया है जिसकी मदद से हमारे शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा मिलती है और हम जीवित रहते हैं। ऐसे में अगर मेटाबॉलिज्म ही सुस्त होगा तो हमारा शरीर भी सुस्त हो जायेगा, थकावट और कमजोरी महसूस होगी।


2. एकाग्रता में कमी हो जाती है (concentration decreases)

हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से जूझ रही महिलाओं में एक अन्य लक्षण देखने को मिलता है, जोकि है एकाग्रता में कमी। सुस्त थायराइड रोग महिलाओं में एकाग्रता की शक्ति को घटाने का कार्य करती हैं और साथ ही दिमाग के काम करने के तौर तरीके को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। परंतु ऐसा क्यों और कैसे होता है?

हमारे दिमाग को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए ग्लूकोज और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। लेकिन जब थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है तो शरीर पोषक तत्वों और ऑक्सिजन का इस्तेमाल करके एनर्जी का उत्पादन सही ढंग से नहीं कर पाता है। तो इस तरह दिमाग का कार्य भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है। महिलाओं में थायराइड के लक्षण में यह एक प्रमुख लक्षण होता है।


3. माहवारी का अनियमित होना (irregular menstruation)

माहवारी का अनियमित होना, माहवारी के दौरान खून ज्यादा निकलना और पीरियड्स में लंबे समय तक ब्लीडिंग होना भी महिलाओं में थायराइड के लक्षण होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम होता है तो यह शरीर में reproductive hormones को भी प्रभावित करता है। साथ ही, इसकी वजह से prolactin का स्तर भी बढ़ जाता है। 

Prolactin का शरीर में स्तर बढ़ने से गर्भाशय की परत पतली हो जाती है और पिट्यूटरी ग्रंथि के अंडाशय को नियंत्रित करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं, या पीरियड्स भारी होना या बिलकुल न आना की स्तिथि पैदा हो जाती है।


4. कब्ज महिलाओं में थायराइड होने का लक्षण है (Constipation is a symptom of thyroid in women)

कब्ज थायराइड की समस्या में होने वाला एक आम लक्षण है। यह स्तिथि आमतौर पर Hypothyroidism के मामले में होती है जब थायराइड ग्लैंड उचित मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता है। जब शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम होता है तो उसकी वजह से पाचन तंत्र ठीक से काम करना बंद कर देता है। थायराइड हार्मोन की कमी के चलते भोजन सही ढंग से न पचने की समस्या जन्म ले लेती है यानि कब्ज।

लेकिन अच्छी खबर यह है कि इसका इलाज आसानी से हो सकता है। अगर आपको थायराइड रोग की वजह से कब्ज की समस्या है तो थायराइड की दवाओं को एडजस्ट करके या खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके समस्या को ठीक किया जा सकता है।


5. बाल झड़ना शुरू होना (Hair fall is a symptom of thyroid)


थायराइड की समस्या में बाल झड़ना भी शुरू हो जाता है, खासकर कि Hypothyroidism में, जब शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। इस हार्मोन के उत्पादन में कमी आने की वजह से बालों के विकास के जो चरण होते हैं, वे बाधित हो जाते हैं। इससे बाल कमजोर हो जाते हैं और उनका झड़ना शुरू हो जाता है। 

बालों के झड़ने के अलावा, थायराइड की समस्या वाले लोगों को धोने, ब्रश करने या स्टाइल करने के दौरान अत्यधिक बाल झड़ने का अनुभव हो सकता है। इस समस्या में बालों को वापस से उगाने में काफी समय लग सकता है। अगर आप आपके बाल वापस से उगना चाहते हैं तो हम आपको Traya Hair Test देने का सुझाव देते हैं जिससे हमारे हेयर केयर एक्सपर्ट्स आपको बाल वापस उगाने के लिए सही दिशा निर्देश और उपचार सुझा सकें। 


6. अत्यधिक चिंता या चिड़चिड़ाहट का होना (Excessive anxiety or irritability)

अगर आपके शरीर में थायराइड हार्मोन्स जिसे T hormones भी कहा जाता है, का उत्पादन अधिक मात्रा में होने लगे तो इस परिस्थिति में आप अत्यधिक चिंता से ग्रस्त हो सकते हैं। साथ ही Hyperthyroidism (Fast Thyroid) की वजह से मन हमेशा चिड़चिड़ा रहता है और व्यक्ति बात बात पर क्रोधित भी होने लगता है। जब शरीर में टी हार्मोन्स का उत्पादन तेजी से होता है तो हमारे इमोशन भी तीव्र गति से बदलते हैं।

खासतौर पर थायराइड हार्मोन टी3 सेरोटोनिन और नॉरएड्रेनालाईन के काम करने के तरीके को प्रभावित करता है, जो चिंता और अवसाद से जुड़े न्यूरोट्रांसमीटर हैं। अगर ये नकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे तो अवश्य ही आपका पूरा मूड भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होगा। इससे आपको झुंझलाहट, चिड़चिड़ापन या अत्यधिक चिंता होने की समस्या हो सकती है।


7. दिल की धड़कन का तेज होना (rapid or irregular heartbeat)

Hyperthyroidism (Fast Thyroid) हृदय स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है और कई बार हृदय रोग का कारण बन जाता है। हाइपरथायरायडिज्म के कारण हृदय की धड़कन अत्यधिक तेज हो जाती है। यह प्रणालीगत संवहनी प्रतिरोध को कम करके सिस्टोलिक रक्तचाप को भी बढ़ाता है। थायराइड हार्मोन के बढ़े हुए प्रभाव की वजह से beta1-adrenergic और M2-muscarinic receptors प्रभावित होते हैं।

इसकी वजह से हृदय की गति तेज हो जाती है और कई बार हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया गया तो यह आगे चलकर हृदय स्वास्थ्य के लिए बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है और हार्ट अटैक का भी कारण बन सकता है।


8. अनिद्रा की समस्या हो जाती है (insomnia problem arises)

महिलाओं में थायराइड के लक्षण में अनिद्रा यानि Insomnia भी शामिल है। Hyperthyroidism (Fast Thyroid) की समस्या में शरीर में अत्यधिक मात्रा में तेजी से थायराइड हार्मोन का उत्पादन होता है। थायराइड हार्मोन के अत्यधिक उत्पादन की वजह से sleep dysfunction की समस्या हो जाती है। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, इस स्तिथि में अत्यधिक तनाव, चिंता और कमजोरी भी हो जाती है। 

अत्यधिक तनाव नींद की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती है और इसलिए आपका पूरा sleep cycle ही डिस्टर्ब हो सकता है। साथ ही जब हाइपरथायरॉयड की समस्या होती है रात में अत्यधिक पसीना आने लगता है। इसके अलावा इस समस्या से परेशान व्यक्तियों को बार बार पेशाब भी लगती है। इस वजह से भी रात की नींद खराब हो सकती है। 


9. वजन कम होने के साथ अत्यधिक भूख लगना (Increased appetite with weight loss)

थायराइड की समस्या से परेशान लोगों को भूख तो ज्यादा लगती है लेकिन उनका वजन कम हो जाता है। हालांकि महिलाओं में थायराइड के लक्षण में वजन कम होना और अत्यधिक भूख लगना आम नहीं है लेकिन कुछ व्यक्तियों को यह समस्या हो सकती है। इसका कारण यह है कि Hyperthyroidism की समस्या में शरीर अत्यधिक एनर्जी का इस्तेमाल करता है, जोकि वजन कम होने का कारण बनता है।

साथ ही शरीर की एनर्जी ज्यादा इस्तेमाल होने से अत्यधिक भूख लगना भी स्वाभाविक हो जाता है। साथ ही इस समस्या में शरीर छोटे मोटे कार्यों को संपन्न करने के लिए भी ज्यादा से ज्यादा कैलोरी जलाने लगता है। अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि तेज थायराइड की समस्या में शरीर में गर्मी का उत्पादन भी अधिक मात्रा में होता है। ये सभी मिलकर एक तरफ जहां भूख को बढ़ाने का कार्य करते हैं तो वहीं अनचाहा वजन भी घट जाता है।


10. हाथ और उंगलियों में कंपन होना (Tremors in hands or fingers)

थायराइड खासकर कि Hyperthyroidism की समस्या से जूझ रही महिलाओं में हाथ और उंगलियों में तेज कंपन होना भी आम लक्षण है। लगभग सभी महिलाओं जिन्हें Hyperthyroidism की समस्या है, वे हाथ और उंगलियों के कांपने की समस्या से परेशान हो सकती हैं। इसकी वजह है beta-adrenergic stimulation। यह तब होता है जब शरीर में अत्यधिक थायराइड हार्मोन के उत्पादन की वजह से मेटाबॉलिज्म काफी तेज हो जाता है। 

मेटाबॉलिज्म के तेज होने के साथ साथ यह सहानुभूति तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है। इससे चिंता की भावना पैदा हो सकती है और पूरा शरीर कांपने जैसा महसूस हो सकता है। इस समस्या को दूर करने में atenolol या propranolol का सेवन किया जा सकता है जिन्हें Beta-blockers कहा जाता है। इस तरह उम्मीद है आप सभी Thyroid Ke Lakshan in Hindi समझ गए होंगे।


मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms that increase obesity)

मोटे वाले होने वाले थायराइड के लक्षण कई हैं। शरीर को मोटा बनाने के लिए Hypothyroidism यानि तेज थायराइड जिम्मेदार होता है। इस परिस्थिति में बहुत ही सुस्त गति से थायराइड हार्मोन का उत्पादन होता है। आइए जानते हैं कि मोटे होने वाले थायराइड के लक्षण क्या हैं:

  • ‌अत्यधिक थकान और सुस्ती
  • ‌शारीरिक विकास धीमी होना
  • ‌बाल झड़ना और रूखापन
  • ‌कब्ज
  • ‌शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
  • ‌सेक्सुअल डिस्फंक्शन
  • ‌धीमी हृदय गति
  • ‌वजन का बढ़ना

अगर आपको Hypothyroidism की परेशानी है तो आपका वजन बढ़ेगा और मोटापे की समस्या आपको घेर लेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस समस्या में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम होता है जिसकी वजह से मेटाबॉलिज्म भी सुस्त पड़ जाता है। इसकी वजह से कम एनर्जी खर्च होती है और कैलोरी भी कम ही जलती है। इस वजह से धीरे धीरे आपका वजन काफी बढ़ जाता है।

 

थायराइड रोग के प्रकार (Types of Thyroid Disease in Hindi)

अगर आप महिलाओं में थायराइड के लक्षण को समझना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको थायराइड रोग के प्रकार को भी समझना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि थायराइड रोग के प्रकार के हिसाब से इसके लक्षण भी अलग अलग होते हैं। तो आइए संक्षेप में दोनों थायराइड के प्रकार को समझ लेते हैं।

1. धीमा थायराइड (हाइपोथायरायडिज्म)

धीमा थायराइड या हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी स्तिथि है जिसमें गले में मौजूद थायराइड ग्लैंड सामान्य से कम मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन करता है। इसकी वजह से आपका पूरा शरीर थकान से भर जाता है। यहां तक कि आप एक 8 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेकर भी उठेंगे तो खुद को थका हुआ ही पाएंगे। 

2. तेज थायराइड (हाइपरथायरायडिज्म)

दूसरा है हाइपरथायरायडिज्म यानि तेज थायराइड। इसमें सुस्त थायराइड का ठीक उल्टा होता है यानि आपके शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन तेजी से और अधिक मात्रा में होता है। जब यह अधिक मात्रा में और तेजी से आपके शरीर में उत्पादन होता है तो इसकी वजह से कई दिक्कतें सामने आती हैं। जैसे दिल की धड़कन की गति तेज हो जाती है, आपको पसीना ज्यादा आता है, आप न चाहते हुए भी वजन खोने लगते हैं।


पतले होने वाले थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms that make people thin)

पतले होने वाले थायराइड के लक्षण कई हैं। वह थायराइड जो आपको पतला बनाता है, उसे चिकित्सा विज्ञान में Hyperthyroidism कहा जाता है। इस समस्या से ग्रसित लोगों में थायराइड ग्लैंड बहुत तेजी से अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन करता है। आइए एक नजर इसके लक्षणों पर डालते हैं:

  • ‌अत्यधिक पसीना होना
  • ‌अत्यधिक भूख लगना
  • ‌घबराहट और घबराहट का दौरा 
  • ‌हृदय की गति तेज होना
  • ‌अनिद्रा की समस्या
  • ‌पीसीओएस की दिक्कत
  • ‌डायरिया
  • ‌वजन का कम होना

अगर आपको Hyperthyroidism की समस्या है तो आपका वजन नाटकीय रूप से घटेगा, यानि आप पतले हो जायेंगे। इसका कारण है शरीर में तेज गति से अत्यधिक थायराइड हार्मोन का उत्पादन जिसकी वजह से मेटाबॉलिज्म भी तेज हो जाता है। इसकी वजह से शरीर को अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है और कैलोरीज़ भी तेजी से जलती है। इस वजह से धीरे धीरे आप काफी पतले हो जाते हैं।


थायराइड की समस्या से होने वाले अन्य रोग (Diseases caused by thyroid problems)

अगर आपको थायराइड विकार हो गया है तो सिर्फ और सिर्फ ऊपर बताए गए लक्षण ही नहीं दिखाई देंगे, बल्कि लंबी अवधि में आपका सामना कुछ रोगों से भी होगा। आइए जानते हैं कि थायराइड की समस्या होने पर कौन कौन से रोग होते हैं:

1. गंडमाला (Goiter)

Goitre यानि गंडमाला थायराइड विकार की वजह से होने वाली एक प्रमुख रोग है। इसकी वजह से आपके गले में मौजूद थायराइड ग्लैंड काफी फैल जाती है। आमतौर पर इसके अन्य कोई लक्षण तो दिखाई नहीं देते हैं लेकिन कई बार यह श्वासनली या अन्नप्रणाली को संकुचित कर सकता है, जिससे सांस लेना या निगलना मुश्किल हो जाता है। यह शरीर में आयोडिन की कमी से भी होता है।


2. थायराइड नोड्यूल (Thyroid Nodules)

अत्यधिक थायराइड हार्मोन के स्राव से थायराइड नोड्यूल होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हें आप थायराइड ग्लैंड में होने वाले छोटे छोटे फोड़े या bumps का नाम दे सकते हैं। आमतौर पर ये खतरनाक नहीं होते हैं और कैंसर का रूप धारण नहीं करते। लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह कैंसर भी बन सकते हैं इसलिए जल्द से जल्द इलाज जरूरी हो जाता है।


3. कब्र रोग (Graves' disease)

कब्र रोग या Graves' disease थायराइड हार्मोन कम स्रावित होने की परिस्थिति में होता है। अगर शरीर में थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन कम या धीमी गति से हो रहा हो तो आपको इस रोग से जूझना पड़ सकता है। यह एक विचित्र रोग है जिसे आप autoimmune disroder का नाम भी दे सकते हैं। इसमें हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यून सिस्टम थायराइड ग्लैंड पर ही हमला कर देती है जिसकी वजह से अत्यधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन होने लगता है।


4. हाशिमोटो थायरोडिटिस (Hashimoto's thyroiditis)

अत्यधिक थायराइड हार्मोन के उत्पादन की वजह से हाशिमोटो थायरोडिटिस रोग भी हो सकता है। यह भी Graves' disease की ही तरह है और इसलिए इसे भी हम autoimmune disorder की श्रेणी में रख सकते हैं। इस रोग के हो जाने पर हमारा इम्यून सिस्टम थायराइड ग्लैंड पर हमला बोल देता है लेकिन सिर्फ हमला करके नहीं रुकता, बल्कि थायराइड ग्लैंड को तबाह भी कर देता है। इससे ग्लैंड की हार्मोन्स उत्पादन करने की क्षमता काफी कम हो जाती है।


थायराइड हार्मोन का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए (What should be the normal level of thyroid hormone)

आपने ऊपर ही जाना कि थायराइड हार्मोन का स्तर बिलकुल सामान्य होना चाहिए। अगर इसका स्तर बढ़ गया तो Hyperthyroidism और कम हो गया तो Hypothyroidism की समस्या हो सकती है। ऐसे में आपके मन में एक प्रश्न अवश्य ही उठता होगा कि आखिर थायराइड हार्मोन का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए? महिलाओं में थायराइड के लक्षण दूर करने के लिए आखिर इस हार्मोन की कितनी मात्रा की आवश्यकता है।

UCLA Health के मुताबिक, गैर-गर्भवती वयस्क महिलाओं में थायराइड-उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) के स्तर की सामान्य सीमा 0.5 - 5.0 मिली-अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रति मिलीलीटर (एमआईयू/एल) है। लेकिन उम्र के हिसाब से इसकी सामान्य मात्रा घट बढ़ सकती है इसलिए नीचे आप उम्र के हिसाब से थायराइड हार्मोन की मात्रा देख सकते हैं:

  • ‌18–29 years: 0.4–2.34 mIU/L
  • ‌30–49 years: 0.4–4.0 mIU/L
  • ‌50–79 years: 0.46–4.68 mIU/L
  • ‌71–90 years: 0.4–5.2 mIU/L 

थायराइड का इलाज कैसे होता है (How is thyroid disorder treated)

अगर आप थायराइड की समस्या से जूझ रहे हैं यानि इस हार्मोन का उत्पादन कम/ज्यादा आपके शरीर में हो रहा है तो घबराइए नहीं, इसका इलाज किया जा सकता है। ज्यादातर मामलों में कुछ दवाओं, खानपान में बदलाव और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं कि सुस्त थायराइड और तेज थायराइड का इलाज किस प्रकार होता है।

अगर आपको Hypothyroidism (underactive thyroid) है जिसमें शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो रहा है तो डॉक्टर levothyroxine दवाई के सेवन की सलाह दे सकते हैं। यह एक ऐसी दवा है जो थायराइड हार्मोन की कमी को पूरा करती है। यह दवा रोज खाने की सलाह दी जाती है और साथ ही समय के साथ इसके डोज में बदलाव किया जाता है।

दूसरी तरफ अगर आप Hyperthyroidism (overactive thyroid) की समस्या से जूझ रहे हैं यानि थायराइड हार्मोन का उत्पादन अधिक मात्रा में होना तो methimazole या propylthiouracil के सेवन की सलाह दी जाती है। ये दवाएं शरीर में थायराइड के उत्पादन को धीमा करने में मदद करती हैं। कई बार इस समस्या से रोगी को निजात दिलाने के लिए सर्जरी भी करनी पड़ जाती है। 


थायराइड की समस्या का घरेलू इलाज (Home remedies for thyroid problem)

थायराइड की समस्या का घरेलू उपचार कुछ हद तक संभव है। हालांकि घरेलू उपचार थायराइड की समस्या दूर करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं लेकिन इसके जोखिम को अवश्य ही कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस समस्या में आप कौन से घरेलू उपचार कर सकते हैं:

  • ‌आयोडिन युक्त आहार का सेवन अधिक मात्रा में करें
  • ‌सेलेनियम से युक्त आहार का सेवन करें
  • ‌केल, फूलगोभी, और पत्तागोभी का सेवन बिलकुल न करें
  • ‌रोजाना तुलसी के पत्तों को चबाएं
  • ‌हल्दी दूध का सेवन फायदेमंद है
  • ‌हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा से ज्यादा खाएं
  • ‌संतुलित आहार लें
  • ‌तनाव से मुक्ति पाने के लिए Stress Management करें
  • ‌रोजाना आधे घंटे तक एक्सरसाइज करें
  • ‌कम से कम 8 घंटे की नींद अवश्य लें
  • ‌रोजाना योग करें जैसे सूर्य नमस्कार और सर्वांगासन

तो इस तरह अगर आप ऊपर दिए गए घरेलू उपचार और बढ़िया लाइफस्टाइल को अपनाती हैं तो आपको अवश्य ही थायराइड की समस्या से छुटकारा मिलेगा। 


निष्कर्ष (Conclusion)

थायराइड रोग एक ऐसी स्तिथि है जिसमें शरीर में थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। महिलाओं में थायराइड के लक्षण कई हैं जैसे वजन घटना/वजन बढ़ना, हृदय रोगों से ग्रस्त होना, अनिद्रा, तनाव और चिंता, मानसिक स्वास्थ्य खराब होना, कब्ज की समस्या होना आदि। थायराइड रोग के दो प्रकार होते हैं पहला Hypothyroidism और दूसरा Hyperthyroidism ।


अगर आप इस समस्या से ग्रस्त हैं तो आपको तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनके द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करना चाहिए। साथ ही हम आपको अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने और स्वस्थ संतुलित आहार का सेवन करने की सलाह देते हैं। आपको Thyroid symptoms in Hindi कभी भी नहीं नजरंदाज करना चाहिए वरना यह आगे चलकर कैंसर का रूप धारण कर सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

1.  महिलाओं में थायराइड के लक्षण क्या हैं?

महिलाओं में थायराइड के लक्षण कई हैं जैसे कि वजन बढ़ना या वजन घटना, अत्यधिक पसीना आना, अत्यधिक तनाव और शरीर में कंपकंपी होना, हृदय की गति तेज होना, मानसिक स्वास्थ्य खराब होना, अत्यधिक थकान, हड्डियों में कमजोरी होना, बालों का झड़ना आदि।


2. कैसे पता चलेगा कि हमें थायराइड है?

अगर आपका अचानक से वजन घट या बढ़ गया है, आपको अत्यधिक थकान और तनाव महसूस होता है, आपके नाखून और बाल कमजोर हो गए हैं, हाथ और पांव में कंपकंपी होती है, बार बार पेशाब लगती है, कब्ज की दिक्कत हो गई है, दिल की धड़कन तेज हो गई है, एकाग्रता में कमी हो गई है तो हो सकता है कि आपको थायराइड की समस्या है।


3. थायराइड में कहां-कहां दर्द होता है?

थायराइड में दर्द आमतौर पर आपकी गर्दन के सामने, आपके एडम्स एप्पल के ठीक नीचे, जहां थायरॉयड स्थित होता है, महसूस होता है। यह कभी-कभी आपके जबड़े या कानों तक फैल सकता है। हालांकि थायराइड की स्तिथि में आमतौर पर दर्द की शिकायत नहीं होती है। लेकिन इसकी वजह से वजन बढ़ने की वजह से घुटने और कमर में अवश्य दर्द का अनुभव हो सकता है।


4. थायराइड कितने दिन में ठीक हो जाता है?

व्यक्ति के हिसाब से थायराइड को ठीक होने पर लगने वाला समय अलग अलग हो सकता है। हालांकि अगर आप अपने डॉक्टर द्वारा सुझाई दवाओं का सेवन ठीक ढंग से कर रहे हैं, एक अच्छी लाइफस्टाइल जी रहे हैं और साथ ही संतुलित भोजन करते हैं तो 6 से 12 सप्ताह में थायराइड ठीक हो सकता है।


5. महिलाओं में थायराइड कैंसर के लक्षण क्या हैं?

शुरुआती चरण में, थायराइड कैंसर में अक्सर बहुत कम या कोई लक्षण नहीं होते हैं। मुख्य लक्षण एडम्स एप्पल के ठीक नीचे गर्दन के सामने एक गांठ या सूजन है, जो आमतौर पर दर्द रहित होती है। समय बीतने के साथ अत्यधिक थकान, भूख कम लगना, सांस लेने में कठिनाई, भोजन निगलने में कठिनाई, हृदय गति काफी तेज होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।


6. महिलाओं में थायराइड के लक्षण से बचने के लिए क्या नहीं खाना चाहिए?

थायराइड की समस्या में आपको ब्रोकोली, केल, पत्तागोभी, सोया, जंक फूड, अधिकतम मात्रा में आयोडिन, समुद्री शैवाल, समुद्री घास, आयोडीन युक्त नमक के सेवन से बचना चाहिए। अन्य परहेज के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


References

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Dr. Kalyani Deshmukh, M.D.

Dermatologist

Dr. Deshmukh is an MD (Dermatology, Venerology, and Leprosy) with more than 4 years of experience. She successfully runs her own practice and believes that a personalized service maximizes customer satisfaction.

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