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दालचीनी के फायदे, उपयोग और सावधानियाँ (Dalchini ke fayde in hindi)


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दालचीनी, जिसका प्रयोग हम मसालों के रूप में करते हैं दरअसल हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होती है।  पाचन विकार से लेकर जुखाम सर्दी, स्त्री रोग, दांत दर्द, चर्म रोग, गठिया जैसी कई बीमारियों के लिए दालचीनी के फायदे ज्ञात हैं। इसलिए खासतौर पर भारतीय घरों में मसालों में इसका प्रयोग किया जाता है ताकि हम स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। 


यह सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सा में ही इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि आधुनिक दवाओं और उत्पादों में भी इसका इस्तेमाल होने लगा है।  सौंदर्य उत्पादों, कैंडल, तेल, सप्लीमेंट्स, पेय पदार्थों आदि में इसका इस्तेमाल इसीलिए हो रहा है क्योंकि यह मानव शरीर को ढेरों फायदे पहुंचाता है। इस ब्लॉग में हम आपको विस्तारपूर्वक दालचीनी के फायदे और नुकसान, इसके उपयोग और संबंधित सभी प्रश्नों का उत्तर देंगे।


दालचीनी क्या है ? (Dalchini kya hai)

दालचीनी एक मसाला है जो एक छोटे पेड़ की सुखी छाल से बनाया जाता है। इसका पेड़ हमेशा हराभरा होता है तो वहीं इससे हमेशा सुगंध आती है। यह देखने में चिकनी और मुलायम होती है और इसका रंग भूरा होता है। इसे मुख्य रूप से श्रीलंका और दक्षिण भारत में उगाया जाता है।  इसके दो प्रकार होते हैं: असली दालचीनी और कैसिआ दालचीनी।

कैसिआ दालचीनी (Cinnamomum Zeylancium) सबसे आम किस्म की होती है और इसे ही असली दालचीनी माना जाता है। इसका मुख्य कारण होता है इसकी मजबूत और सुखद सुगंध और स्वाद। तो वहीं दूसरा है कैसिआ दालचीनी (Cinnamomum Cassia) जोकि कम गुणवत्ता वाली होती है। यानि इसमें कम गुणवत्ता, सुगंध और स्वाद मौजूद होता है। 


दालचीनी के फायदे (Dalchini ke fayde)

दालचीनी के फायदे कई हैं, खासतौर पर यह हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, सूजन और अल्जाइमर रोग में इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। साथ ही खास अवसरों पर इसका उपयोग सुगंध बढ़ाने के लिए भी किया जाता है और एरोमाथेरेपी में इस्तेमाल किया जाता है। यह मसाले के साथ ही एक स्वास्थ्यवर्धक औषधि भी है। 


आयुर्वेद इसका इस्तेमाल सदियों से करता आ रहा है। आयुर्वेद के मुताबिक, यह कई गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायक है जिसकी वजह से इसका सेवन लगातार करना चाहिए। इस बात की पुष्टि आज वैज्ञानिकों ने भी की है। कई आधुनिक शोधों में यह बात निकलकर सामने आई कि इसका इस्तेमाल व्यक्ति को कई रोगों जैसे जुखाम सर्दी, वजन नियंत्रण, सूजन, हृदय रोग, मधुमेह आदि से रक्षा करता है। आगे हम विस्तार से दालचीनी के फायदे और नुकसान को समझेंगे।


१. मधुमेह को नियंत्रित करता है (controls diabetes)

दालचीनी के फायदे कई हैं लेकिन इसका सबसे प्रमुख फायदा यह है कि इसका सेवन मधुमेह यानि डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी से आपकी रक्षा कर सकती है।  इसके इस्तेमाल से शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। दरअसल इसमें ऐसे कई यौगिक पाए जाते हैं जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

जैसे कि पॉलीफेनॉल्स जोकि एक एंटीऑक्सीडेंट है। यह सूजन को कम करने के साथ ही इन्सुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद मैग्नीशियम रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। तो वहीं कैनेलल एक अन्य यौगिक है को ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। इस तरह अगर आप डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं तो इसका सेवन अवश्य करें।


२. हृदय स्वास्थ्य को बेहतर करता है (Improves heart health)

अगर आप रोजाना दालचीनी का सेवन करते हैं तो आपके हृदय का स्वास्थ्य भी बेहतर बनता है। इसमें मौजूद गुण रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं और पूरे हृदय स्वास्थ्य को सुधारते हैं। यह हम नहीं बल्कि लगातार हुए कई विश्वसनीय शोध बताते हैं। एक समीक्षा के अनुसार, प्रतिदिन कम से कम१.5 ग्राम या लगभग 3/4 चम्मच दालचीनी का सेवन ट्राइग्लिसराइड्स, कुल कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सक्षम था।


तो वहीं,१3 अध्ययनों की एक अन्य समीक्षा में पाया गया कि दालचीनी ट्राइग्लिसराइड और कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकती है, ये दोनों हृदय रोग के जोखिम कारक हैं। ऐसे में अगर आप भी डॉक्टर की सलाह के पश्चात नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं तो आपके हृदय का स्वास्थ्य भी बेहतर बनेगा।


३. मुक्त कणों से रक्षा करता है (protects against free radicals)

दालचीनी के फायदे यह हैं कि यह आपके शरीर को मुक्त कणों से भी बचाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करते हैं। दरअसल मुक्त कण यानि Free Radicals शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं और कई बार कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के भी कारण बनते हैं। 

इसमें पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं जोकि मुक्त कणों से हमारी रक्षा करते हैं। पॉलीफेनोल्स के कुछ प्रकार जैसे कैटेचिन, ऐपीकैटेचिन और क्वेरसेटिन एंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचाते हैं जैसे रक्त शर्करा को कम करना,  सूजन कम करना और मुक्त कणों से हमारी रक्षा करना।


४. अल्जाइमर रोग के जोखिम को कम करता है (Reduces the risk of Alzheimer's disease)

अल्जाइमर एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को सोचने में कठिनाई होती है, याददाश्त कमजोर हो जाती है और साथ ही भ्रम भी हों लगता है। कुछ अध्ययन इस तरफ इशारा करते हैं कि अल्जाइमर को ठीक करने में दालचीनी मदद कर सकती है। इसमें मौजूद यौगिक जैसे पॉलीफेनोल्स, मैग्नीशियम और कैनेलल अल्जाइमर रोग से लड़ने में सहायता करते हैं। 

जहां इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स मुक्त कणों से हमारी रक्षा करते हैं तो वहीं मैग्नीशियम हमारे मस्तिष्क स्वास्थ्य को बेहतर रखता है। तत्पश्चात कैनेलल भी एक यौगिक है जो अल्जाइमर के कुछ लक्षणों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।


५. वीर्य की मात्रा, गुणवत्ता और गतिशीलता में सुधार करता है (Improves semen quantity, quality and motility)

वीर्य जिसे अंग्रेजी भाषा में स्पर्म भी कहा जाता है, पुरुषों के अंडकोष से द्वारा स्रावित होने वाला एक तरल पदार्थ है जोकि प्रजनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। प्रजनन का ज्यादातर भार वीर्य पर ही निर्भर करता है इसलिए इसकी मात्रा, गुणवत्ता और गतिशीलता अच्छी होनी चाहिए। ऐसे में दालचीनी काफी मददगार साबित हो सकती है। 

इसपर किए गए एक शोध में यह बात निकलकर सामने आई कि जिन व्यक्तियों ने दालचीनी का सेवन किया, उनके स्पर्म की मात्रा उन व्यक्तियों के मुकाबले१6% अधिक थी जो इसका सेवन नहीं करते थे। साथ ही दालचीनी के सेवन से इसकी गुणवत्ता और गतिशीलता में भी सुधार होता है। 


६. मासिक चक्र को नियंत्रित करता है (Regulates period cycle)

दालचीनी मासिक चक्र यानि पीरियड साइकिल को भी नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। यह महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन को बैलेंस करते हैं जिससे मासिक चक्र को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही, दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गर्भाशय में रक्त के प्रवाह में सुधार कर सकते हैं। 

यह मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय की परत के बहाव को नियंत्रित करने और संभावित रूप से ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है। मासिक धर्म के दौरान पेट और कमर में दर्द और ऐंठन का होना आम बात है, जिसे कम करने में भी दालचीनी उपयोगी साबित हो सकता है। कुछ अध्ययन यह भी कहते हैं कि PCOS यानि Polycystic ovary syndrome की स्तिथि में भी दालचीनी उपयोगी है।


७. पाचन क्रिया को बेहतर करता है (Aids digestion)

दालचीनी यानि Cinnamon पाचन क्रिया को भी बेहतर करने का कार्य करता है। दरअसल यह शरीर में ढेरों डाइजेस्टिव एंजाइम्स जैसे लार, पित्त और गैस्ट्रिक एसिड के उत्पादन को बढ़ावा देता है। हम जिस भोजन का सेवन करते हैं, उन्हें टुकड़ों में विभाजित करने के लिए ये एंजाइम्स जरूरी होते हैं ताकि हमारे शरीर में भोजन सही से पच सके। 

साथ ही दालचीनी में एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो आंत बैक्टीरिया के स्वस्थ संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इससे न सिर्फ आंत का स्वास्थ्य बेहतर बनता है बल्कि इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है। बैक्टीरिया के स्वस्थ संतुलन से irritable bowel syndrome जैसी समस्या में भी राहत मिलती है। 


८. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है (Strengthens the immune system)

दालचीनी के फायदे सिर्फ पाचन तंत्र तक ही नहीं सीमित हैं, बल्कि यह प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करने में मदद करता है। इसमें एक सक्रिय कंपाउंड cinnamaldehyde पाया जाता है, जिसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। इससे आपके शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और फंगाई से लड़ने में मदद मिलती है। 

साथ ही इसमें एंटीवायरल गुण भी मौजूद होते हैं जिससे संभावित रूप से कुछ वायरस की प्रतिकृति को रोकने में मदद मिलती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी इम्यून सिस्टम मजबूत बने तो रोजाना१ चम्मच दालचीनी पाउडर को गर्म पानी में१0 मिनट तक भिगोकर रखें। इसके पश्चात शहद या नींबू के साथ गर्मागर्म इसका आनंद लें जोकि आपके पूरे स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार साबित होगा।


९. सर्दी जुखाम में रामबाण औषधि है (It is a panacea for cold and cough)

दालचीनी सर्दी जुखाम जैसी परेशानियों को दूर करने के लिए भी रामबाण साबित हो सकती है। इसमें एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जोकि सर्दी जुखाम को दूर करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद गुण कफ को ढीला करने और सांस लेने में आसान बनाने के लिए गुण मौजूद होते हैं। 

अगर आप इसकी मदद से सर्दी जुखाम को दूर करना चाहते हैं तो कई तरीकों से इसका सेवन कर सकते हैं। इसे उबलते हुए पानी में१0 मिनट भिगोकर फिर छानकर चाय की तरह इसे पी सकते हैं। साथ ही, एक चम्मच दालचीनी में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार इसे चाटने से भी सर्दी जुखाम में राहत मिलती है।


१०. बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है (Makes hair healthy and strong)

दालचीनी के फायदे बालों के लिए भी हैं। यह बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। अगर आप इसे अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करते हैं तो आपको चौंकाने वाले फायदे प्राप्त होंगे। दालचीनी में मौजूद कंपाउंड सिनामाल्डिहाइड, खोपड़ी में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। यह बढ़ा हुआ रक्त प्रवाह बालों के रोमों को पोषण देता है और बालों के विकास को बढ़ावा देता है।

साथ ही, इसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण भी मौजूद होते हैं। ये गुण खोपड़ी यानि सिर की त्वचा में होने वाले इन्फेक्शन से रक्षा करते हैं तथा रूसी को भी रोकते हैं। इससे बालों का झड़ना रुकता है। अगर आप बालों की किसी भी समस्या से परेशान हैं तो हमारी यही सलाह है कि सबसे पहले Traya Hair Test दें ताकि समस्या का पता लगाकर सही समाधान दिया जा सके।


११. त्वचा संबंधित रोगों का निवारण करता है (Prevents skin related diseases)

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, दालचीनी में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं। ये गुण हमारे त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके फायदे दाग-धब्बों से लड़ने और चमक बढ़ाने से लेकर जलन को शांत करने और यहां तक कि उम्र बढ़ने के संकेतों को धीमा करने तक हैं। 

आपने अक्सर गौर किया होगा कि लोग समय से पहले ही बूढ़े होने लगते हैं और उनकी त्वचा खराब होने लगती है। इसका मुख्य कारण होता है मुक्त कण। मुक्त कण शरीर को ढेरों नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन इन्हें नुकसान पहुंचाना अगर आप चाहते हैं तो दालचीनी का सेवन अवश्य करें। इससे आपकी ट्वाच हमेशा जवान दिखेगी और आपके चेहरे पर भी निखार रहेगा। 


१२. सिरदर्द से आराम दिलाता है (Cinnamon provides relief from headache)

दालचीनी के फायदे सिरदर्द से परेशान व्यक्तियों के लिए भी हैं। अगर आप सिरदर्द या सिर से संबंधित विकारों से परेशान हैं तो इसका सही तरीके से सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एनाल्जेस्टिक गुण मौजूद होते हैं जोकि दर्द को कम करने और तुरंत राहत पहुंचाने में मदद करते हैं। 

इसके लिए आप दालचीनी का कई तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे कि इसका काढ़ा बनाकर पीना, इसका तेल मसाज करना, इसके पाउडर को शहद में मिलाकर सेवन करना, इसकी चाय पीना आदि आपको सिरदर्द से आराम दिला सकते हैं।


दालचीनी में पाए जाने वाले पोषक तत्त्व (Nutrients found in cinnamon)

दालचीनी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जोकि हमारे स्वास्थय के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। जैसे कि इसमें कैलोरी, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि पाए जाते हैं जो शरीर के विभिन्न कार्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। निचे टेबल में हमने विस्तारपूर्वक दालचीनी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की जानकारी दी है, जिसे आप देख सकते हैं।

 

पोषक तत्व

मात्रा (100 ग्राम में)

कैलोरी

288

कार्बोहाइड्रेट

92.2 ग्राम

फाइबर

25.8 ग्राम

प्रोटीन

1.9 ग्राम

वसा

1.1 ग्राम

पोटेशियम

444 मिलीग्राम

मैग्नीशियम

359 मिलीग्राम

कैल्शियम

296 मिलीग्राम

आयरन

1.9 मिलीग्राम

जिंक

0.7 मिलीग्राम

कॉपर

0.1 मिलीग्राम

सेलेनियम

10.5 माइक्रोग्राम

विटामिन सी

0.1 मिलीग्राम

विटामिन बी1

0.2 मिलीग्राम

विटामिन बी2

0.03 मिलीग्राम

विटामिन बी3

1.2 मिलीग्राम

विटामिन बी5

0.1 मिलीग्राम

विटामिन बी6

0.3 मिलीग्राम

विटामिन बी9

0.01 मिलीग्राम

विटामिन बी12

0

विटामिन ए

2 माइक्रोग्राम

विटामिन ई

0.2 मिलीग्राम

विटामिन के

2.2 माइक्रोग्राम


दालचीनी के नुकसान (Disadvantages of cinnamon)

दालचीनी के फायदे और नुकसान दोनों हैं। दालचीनी जहाँ हमारे शरीर को कई स्वस्थ्य सम्बंधित लाभ प्रदान करती हैं तो वहीँ अगर इसका सही ढंग से सेवन न किया जाये तो यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। खासतौर पर अगर आप बिना डॉक्टर की परामर्श के इसका सेवन करते हैं तो आपको दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आइये जानते हैं कि दालचीनी के नुकसान क्या हैं:

  • दालचीनी का अधिक मात्रा में सेवन करने से डायरिया, उलटी, मितली होना आदि दिक्कतें हो सकती हैं।
  • अगर आप रक्त को पतला करने की दवाई ले रहे हैं तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।
  • इसका सीधा सेवन आपके पेट के लिए हानिकारक हो सकता है जिससे गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • कुछ लोगों को दालचीनी से एलर्जी भी हो सकती है, ऐसे में अगर आप एलर्जिक लक्षण महसूस करते हैं तो तुरंत इसका सेवन बंद कर दें।

इस तरह आपने देखा कि दालचीनी के फायदे और नुकसान दोनों हैं। अगर आप सिर्फ इसके फायदे प्राप्त करना चाहते हैं और इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन कदापि न करें। खासतौर पर अगर आप एक गर्भवती महिला हैं या किसी अन्य रोग उपचार के लिए दवाएं ले रहीं हैं तो इसका सेवन करने से पहले अवश्य ही डॉक्टर से संपर्क करें। 


दालचीनी का सेवन करने के तरीके (Different ways to consume cinnamon)

दालचीनी का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। हालाँकि जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, दालचीनी के फायदे और नुकसान दोनों हैं इसलिए इसका सेवन बिना डॉक्टर की परामर्श के न करें।

  • दालचीनी की चाय: दालचीनी की चाय पीना आपको कई स्वस्थ्य सम्बंधित दिक्कतों से छुटकारा दिला सकता है। इसलिए आप रोजाना एक कप दालचीनी चाय का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए, एक कप पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर डालें और उबाल लें। चाय को 5-10 मिनट तक उबालने दें, फिर इसे छान लें और पिएं।
  • स्मूथी बनाकर पियें: आप चाहें तो दालचीनी की स्मूथी बनाकर भी पी सकते हैं। आप जिन भी फलों के मिश्रण से स्मूथी बनाते हैं, उसमें थोडा सा दालचीनी भी मिला दें और फिर उसका सेवन कर सकते हैं।
  • शहद के साथ सेवन करें: अगर आप इसके सभी फायदों को प्राप्त करना चाहते हैं तो दालचीनी पाउडर में शहद को मिलकर इसका सेवन कर सकते हैं। इसके पाउडर को शहद में मिलकर दिन में दो से तीन बार चाटने से आपको कई फायदे मिल सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

१. दालचीनी के फायदे और नुकसान क्या हैं ?

दालचीनी का सेवन ह्रदय को स्वस्थ रखता है, बालों को मजबूत बनाता है, सर्दी जुखाम में रामबाण का कार्य करता है, मधुमेह से बचाता है, मासिक चक्र को नियंत्रित करता है, वीर्य की गुणवत्ता बढाता है आदि। परन्तु अगर इसका सेवन बिना डॉक्टर की परामर्श क किया जाये तो पेट में दर्द, गैस, उलटी आना, एलर्जी लक्ष्ण महसूस करना आदि दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।


२. दालचीनी को गर्म पानी में मिलाकर पीने के पोषण संबंधी लाभ क्या हैं?

अगर आप दालचीनी को गर्म पानी में मिलाकर सेवन करते हैं तो आप कई बिमारियों से बच सकते हैं जैसे मधुमेह, सर्दी जुखाम, सिरदर्द, पाचन सम्बंधित दिक्कतें, दिमाग सम्बन्धी रोग। इसका सेवन गर्म पानी के साथ हमेशा खाली पेट सुबह ही करना चाहिए।


३. पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए दालचीनी किस प्रकार लाभकारी है?

दालचीनी पुरुषों के लिए काफी लाभकारी होती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मौजूद गुण पुरुषों के स्पर्म की संख्या, गुणवत्ता और गतिशीलता को बढ़ाती है। साथ ही यह पुरुषों में होने वाले इरेक्टाइल डिसफंक्शन तथा शीघ्रपतन का इलाज भी कर सकती है। कई शोधों में इसे पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन को बढाने वाला बताया गया है।

 

४. दालचीनी से महिलाओं को कौन-कौन से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं?

दालचीनी महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह मासिक चक्र को नियमित करने के साथ ही, माहवारी के दौरान होने वाली जकदन और ऐंठन को भी कम करती है। साथ ही, महिलाओं के यौन स्वास्थ्य को सुधारने में भी दालचीनी महत्वपूर्ण है।


५. दालचीनी का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

दालचीनी से शरीर पर ढेरों सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। यह न सिर्फ ब्लड शुगर को रेगुलेट करता है बल्कि वजन घटाने में भी सहायक है। इसके नियमित सेवन से बाल झड़ने कम हो जाते हैं, त्वचा जवान दिखने लगती है, आप ज्यादा उर्जावान महसूस करते हैं और साथ ही कई रोगों की संभावनाओं से आपकी रख्सा होती है। 


अस्वीकरण: यह ब्लॉग सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है, न कि किसी बीमारी के इलाज के लिए। अगर आप किसी भी स्वास्थय सम्बन्धित समस्याओं से जूझ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। 


References

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Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

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