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कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग | Calcium ki kami ke Lakshan


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कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग अचानक से भारत में तेजी से बढ़ गए हैं। अगर हम वर्ष 2022 के एक अध्ययन पर ध्यान दें तो पता चलता है कि शहरी भारत में स्कूल जाने वाले 59.9% बच्चों में कैल्शियम की कमी है। सोचिए यह आंकड़ा सिर्फ भारतीय शहरों में स्कूल जाने वाले बच्चों का है, पूरे भारत का आंकड़ा तो वाकई चौंकाने और शायद डराने वाला होगा। लेकिन इसका कारण क्या है?

ऐसा क्यों है कि लोगों में कैल्शियम की भारी कमी हो गई है और वे न चाहते हुए भी कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग से जूझ रहे हैं? इसके पीछे कारण है संतुलित आहार का सेवन न करना, खराब लाइफस्टाइल और खराब आदतें। अगर एक व्यक्ति रोजाना संतुलित आहार भर का सेवन करे तो उसके शरीर में कभी भी कैल्शियम की कमी नहीं हो सकती और न ही वह इसकी कमी से होने वाले रोगों से जूझेगा। 

आइए विस्तार से जानते हैं कि कैल्शियम क्या है, इसकी कमी से कौन कौन से रोग होते हैं, उन रोगों से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं, संतुलित आहार कैसे लें ताकि शरीर को कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त हों आदि। 


कैल्शियम क्या है (What Is Calcium In Hindi)

कैल्शियम एक खनिज तत्व है जिसे आमतौर पर हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ जोड़कर देखा जाता है। साथ ही यह शरीर के अन्य कार्यों को सुचारू रूप से होने देने में भी मदद करता है। कैल्शियम शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। शरीर का लगभग सारा कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा होता है, जो उन्हें संरचना और कठोरता देता है।

दांतों और हड्डियों के साथ साथ कैल्शियम बालों के विकास में भी योगदान देता है। यह बालों के रोम को मजबूती प्रदान करता है, शरीर में हार्मोन्स को रेगूलेट करता है, स्वस्थ बालों के लिए शरीर में आयरन के अवशोषण को गति देता है आदि। ऐसे में अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या बालों का विकास नहीं हो पा रहा है तो एक कारण कैल्शियम की कमी भी हो सकती है। 

आपके बालों का झड़ना किस कारण से है, इसे जानने के लिए हम आपको Traya Free Hair Test देने की सलाह देते हैं। यह एक फ्री हेयर टेस्ट है जिसकी मदद से आप जान पाते हैं कि आपके बाल झड़ क्यों रहे हैं और वापस बाल उगाने के लिए क्या करना चाहिए। आपके बाल उगाने की सफर में आपको फ्री कंसल्टेशन भी मिलती रहती है। तो देर मत कीजिए, अभी इस टेस्ट को दीजिए और अपने बालों का झड़ना रोकने और बालों को वापस उगाने के सफर का शुभारंभ कीजिए।


कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग (Calcium Ki Kami Se Kya Hota Hai)

कैल्शियम की कमी से शरीर में कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर इसकी कमी आपकी हड्डियों, नाखूनों, दांतों और बालों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग कौन कौन से हैं।


1. ओस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा हड्डियों को प्रभावित करती है। अगर आपके शरीर में इस खनिज की कमी हो जाए तो आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनका विकास भी रुक जाता है। हड्डियों के बनावट और घनत्व के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी होता है और अगर शरीर में इसकी ही कमी हो जाए तो हड्डियां काफी कमजोर हो जाती है जिससे उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

इस स्तिथि को ही हम ओस्टियोपोरोसिस कहते हैं। कैल्शियम मुख्य रूप से हमारी हड्डियों और दांतों में ही मौजूद होती है इसलिए जब शरीर के अन्य हिस्सों में इसकी कमी हो जाए तो हमारी हड्डियों का कैल्शियम ही उन स्थानों पर कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए भी योगदान देता है जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। स्तिथि इतनी खतरनाक हो जाती है कि हड्डियों पर जरा सा भी तेज दबाव उन्हें तोड़ने के लिए काफी हो जाता है।


2. बालों का तेजी से झड़ना (Hairfall)

हालांकि बालों का झड़ना कोई बीमारी नहीं है लेकिन तेजी से बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह किसी mental trauma से कम भी नहीं है। अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो इसका असर आपके बालों पर भी पड़ता है और उनका टूटना शुरू हो जाता है। दरअसल कैल्शियम सेल सिग्नलिंग और एंजाइम रेगुलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही यह शरीर में हार्मोन के संतुलन को भी बनाए रखता है। ये दोनों ही कार्य बालों को मजबूत बनाए रखने और उनका टूटने की संभावना को कम करते हैं। 

अगर आप बाल झड़ने या बालों का वापस से विकास न होने की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम आपको Traya Free Hair Test देने की सलाह देते हैं। यह 2 से 3 मिनट का फ्री टेस्ट बाल झड़ने के 20 से भी अधिक कारणों की पड़ताल करता है और investigate करता है कि आपके बाल किन कारणों से झड़ रहे हैं। इसके बाद आपको फ्री कंसल्टेशन की सुविधा भी दी जाती है और साथ ही बालों के दोबारा विकास के लिए ट्रीटमेंट प्लान की शुरुआत होती है। तो देर न करें, अभी टेस्ट दें और झड़ते बालों की समस्या पर पूर्ण विराम लगाएं!


3. रिकेट्स (Rickets)

रिकेट्स बच्चों में होने वाली एक बीमारी है जो उनके हाथ और पैरों को प्रभावित करती है। जब बच्चों में कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों जैसे विटामिन डी की कमी हो जाती है तो उनकी हड्डियां कोमल और कमजोर हो जाती हैं। साथ ही, कैल्शियम की कमी होने से हड्डियों में skeletal disorder भी हो जाता है जिससे हाथ और पैर की हड्डियां टेढ़ी हो जाती हैं। यह ओस्टियोपोरोसिस के समान ही है, बस ओस्टियोपोरोसिस की समस्या व्यस्कों और बुजुर्गों में होती है तो वहीं रिकेट्स बच्चों में।

ऐसा होता क्यों है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हड्डियों की संरचना में कैल्शियम और फास्फेट महत्वपूर्ण होते हैं। ये दोनों खनिज पदार्थ हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं और साथ ही उन्हें घनत्व भी देते हैं। ऐसे में कैल्शियम की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है। रिकेट्स होने के निम्नलिखित लक्षण होते हैं:

  • ‌पैरों का झुकना, घुटने टेकना और रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना
  • ‌बच्चों में शारीरिक विकास बाधित होना
  • ‌मांशपेशियों और हड्डियों में दर्द होना

4. मांसपेशियों में ऐंठन और जकड़न (Muscle cramps and spasms)

शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग में मांशपेशियों का ऐंठन और जकड़न भी शामिल है। जब शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो इस स्तिथि को hypocalcemia कहा जाता है। इस स्तिथि में न्यूरॉन्स को सक्रिय करने के लिए आवश्यक सीमा कम हो जाती है। इससे न्यूरॉन्स अस्थिर हो जाते हैं और सहज क्रिया क्षमताएं सक्रिय हो जाती हैं जो मांसपेशियों के संकुचन को ट्रिगर करती हैं। 

यह समस्या होने पर आपको लगेगा जैसे कि आपके शरीर की मांशपेशियों में ऐंठन और दर्द है और साथ ही मांशपेशियों में जकड़न की समस्या भी हो सकती है। खासतौर पर आपको पीठ और पैरों में इस समस्या का अनुभव हो सकता है।


5. टिटैनी (Tetany) 

टिटैनी को आप मांशपेशियों में ऐंठन के एक स्तर आगे की समस्या कह सकते हैं, क्योंकि इस रोग में स्तिथि थोड़ी ज्यादा गंभीर हो जाती है। कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग में टिटैनी एक आम समस्या है जिसका सफल उपचार किया जा सकता है। इस समस्या के होने पर मांशपेशियों में दर्दनाक ऐंठन और दर्द शुरू हो जाता है जोकि असहयनीय होता है। साथ ही इस रोग से हमारे बोलने की क्षमता भी प्रभावित होती है। 

जब शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो न्यूरॉन सक्रियण की सीमा कम हो जाती है, जिससे न्यूरोमस्कुलर उत्तेजना अधिक हो जाती है। इससे न्यूरॉन्स अस्थिर हो जाते हैं और सहज क्रिया क्षमताएं सक्रिय हो जाती हैं। इस परिस्थिति में टिटैनी की समस्या शुरू हो जाती है और तेज दर्द और जकड़न की समस्या शुरू हो जाती है। 


6. मिर्गी का दौरा (Seizures)

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग में मिर्गी का दौरा आम समस्या नहीं है लेकिन कुछ व्यक्तियों में यह समस्या शुरू हो सकती है। खासतौर पर अगर आपके शरीर में कैल्शियम की भारी कमी हो गई है तो मिर्गी का दौरा आने की संभावना कई गुना तक बढ़ जाती है। जब शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम हो जाती है तो यह मस्तिष्क कोशिकाओं की विद्युत गतिविधि को बदल सकता है और दौरे का कारण बन सकता है। 

कैल्शियम की कमी होने पर दिमाग की कोशिकाओं और दिमाग से बाहर की कोशिकाओं में मौजूद कैल्शियम के स्तर में असमानता देखने को मिलती है जिससे दिमाग के सेल्स गलत तरीके से एक्टिवेट हो जाते हैं और मिर्गी का कारण बनते हैं। साथ ही, कैल्शियम की कमी होना शरीर में parathyroid hormone की कमी से भी जोड़कर देखा गया है जिससे भी मिर्गी के दौरे आ सकते हैं।


7. शारीरिक अंग सुन्न होना और सिहरन (Numbness and tingling)

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग में आप शारीरिक अंगों का सुन्न होना और उनमें सिहरन पैदा होना भी जोड़ सकते हैं। इस समस्या में शरीर के विभिन्न अंगों खासकर कि हाथ, पैर और मुँह के आसपास सुन्न और झनझनाहट की अनुभूति हो सकती है। यह भी नर्वस सिस्टम के सुचारू रूप से कार्य न करने की वजह से ही होता है।

हमारे नर्वस सिस्टम को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए कैल्शियम बहुत आवश्यक होता है। अगर शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम हो गई तो इससे सीधे तौर पर नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है जो हमारे पूरे शरीर में सिग्नल भेजता है और शारीरिक अंगों के कार्य में मदद करता है। ऐसे में इसकी कमी से शरीर के कई अंग खासकर कि हाथ, पैर और मुंह के आसपास के अंग सुन्न हो सकते हैं और कई बार आपको ऐसा भी महसूस हो सकता है कि कोई सुई चुभो रहा है। 


8. दांतों में कमजोरी (Weakness In Teeth)

शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर आपके दांत भी काफी कमजोर हो सकते हैं और उनका टूटना शुरू हो सकता है। हम बचपन से ही पढ़ते आ रहे हैं कि दांतों की मजबूती और स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम काफी महत्वपूर्ण होता है और ऐसे में अगर इसकी ही कमी हो जाए तो समय से पहले दांतों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है और उनमें झनझनाहट की समस्या भी शुरू हो सकती है। 

कैल्शियम दाँत के इनेमल, डेंटिन और आसपास के बाह्य कोशिकीय मैट्रिक्स का एक प्रमुख घटक है। कैल्शियम दांतों के कठोर बाहरी आवरण, जिसे इनेमल कहा जाता है, को मजबूत करता है और दांतों को कैविटी आदि से लड़ने में मदद करता है। तो ऐसे में अगर आप विटामिन डी, फॉस्फोरस और कैल्शियम का उचित सेवन नहीं करते हैं तो आपके दांत कमजोर हो जायेंगे और कैविटी होने की संभावना भी बढ़ जायेगी।


9. अनियमित दिल की धड़कन (Heart rhythm problems)

शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर दिल की धड़कन का असामान्य और अनियमित होना भी एक आम समस्या है। जब आप भोजन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो हड्डियों और दांतों के साथ साथ ही हृदय भी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता है। इससे हृदय की गति अचानक से तेज धीमी हो सकती है और वह अनियमित भी हो सकती है जिसे cardiac arrhythmias भी कहा जाता है।

परंतु यह होता कैसे है? जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, जब शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो नर्वस सिस्टम के कार्य में गड़बड़ी होने लगती है। यह पूरे शरीर में सिग्नल भेजता है ताकि वे सुचारू रूप से कार्य कर सकें। लेकिन कैल्शियम की कमी होने पर हृदय की लय को नियंत्रित करने वाले विद्युत संकेत बाधित हो जाते हैं। 


10. अवसाद (Depression)

अवसाद भी कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग में शामिल है। हालांकि यह कोई रोग नहीं है लेकिन एक जानलेवा स्तिथि है जिसमें व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होती है, भूख नहीं लगती या अत्यधिक भूख लगती है, आत्महत्या करने के विचार आते हैं आदि। ऐसे में आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप संतुलित आहार के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त कर रहे हों। 

हाल के अध्ययनों में यह बात सामने निकलकर आई है कि जिन व्यक्तियों में कैल्शियम की कमी है, उनके अवसाद में जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। रिसर्च कहते हैं कि कम कैल्शियम स्तर वाले लोगों को उदासी या निराशा का अनुभव होने की अधिक संभावना हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर दिमाग के साथ साथ नर्वस सिस्टम के कार्यों में बाधा होती है जो कहीं न कहीं अवसाद का भी कारण बन जाता है। हालांकि इस विषय पर अभी भी अधिक शोध करने की जरूरत है।


कैल्शियम की कमी के लक्षण (Calcium Ki Kami Ke Lakshan)

शरीर में कैल्शियम की कमी के कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। खासतौर पर इसकी कमी से हड्डियों का पतला और कमजोर होना, दांत कमजोर होना, बालों का झड़ना, त्वचा रूखी हो जाना, हृदय की गति असामान्य होना आदि है। आइए जानते हैं कि कैल्शियम की कमी के लक्षण (Calcium Ki Kami Ke Lakshan) क्या हैं:

  • ‌मांसपेशियों में ऐंठन, दर्द और अकड़न
  • ‌शरीर के विभिन्न अंग सुन्न होना और सिहरन
  • ‌थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होना
  • ‌सूखी, खुजलीदार त्वचा
  • ‌नाज़ुक और कमजोर नाखून
  • ‌बालों का झड़ना
  • ‌हड्डियाँ कमजोर होना और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ना
  • ‌बच्चों की हड्डियां झुकना या टेढ़ी होना
  • ‌हृदय की गति असामान्य होना
  • ‌अवसाद

अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को शरीर में पाते हैं तो हो सकता है कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो गई है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से आपको संपर्क करना चाहिए और सही ट्रीटमेंट की शुरुआत करनी चाहिए। एक संतुलित आहार का सेवन और लाइफस्टाइल में बदलाव करके आप शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं। डॉक्टर की सुझाव के पश्चात calcium supplements भी लिए जा सकते हैं। तो उम्मीद है कि आप Calcium Ki Kami Ke Lakshan In Hindi समझ गए होंगे।

लेकिन अगर आप बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो बेहतर होगा कि आप एक बार हमारे Hair Care Experts से बात करें और उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराएं क्योंकि बालों का झड़ना 20 से भी अधिक कारणों से हो सकता है और बिना कारण जाने समाधान अंधेरे में तीर मारने जैसा ही है।


महिलाओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of calcium deficiency in women)

क्या आपको पता है कि कैल्शियम की कमी किसी भी व्यक्ति में हो सकती है, भले ही वह कोई बच्चा हो, व्यस्क हो या बुजुर्ग लेकिन महिलाओं को इसकी कमी से मुख्य रूप से जूझना पड़ता है। कारण? शरीर में अत्यधिक मात्रा में बार बार होने वाले हार्मोनल बदलाव। महिलाओं में काफी तेजी से पूरी उम्र हार्मोनल बदलाव आते रहते हैं खासकर कि menopause और pregnancy के दौरान। तो आइए जानते हैं कि महिलाओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं:

1. इसकी कमी से टांगों, बांहों, पैरों और यहां तक कि चेहरे पर भी दर्दनाक ऐंठन और ऐंठन हो सकती है।
2. शरीर के कई अंगों में सुन्न महसूस हो सकता है, कई बार सिहरन भी महसूस हो सकती है।
3. नाखून कमजोर हो जाते हैं और टूटने लगते हैं, जबकि बालों का विकास धीमा हो सकता है और भंगुर हो सकते हैं।
4. महिलाएं हमेशा थकान का अनुभव कर सकती हैं।
5. चिंता और अवसाद की समस्या हो सकती है।
6. त्वचा संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।
7. गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना, समय से पहले जन्म देना, बच्चे का वजन कम होना हो सकता है।
8. महिलाओं में तेज पेट दर्द की समस्या भी कैल्शियम की कमी की वजह से हो सकती है।

पुरुषों में कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of calcium deficiency in men)

महिलाओं के साथ साथ पुरुषों में भी कैल्शियम की कमी के कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पुरुषों में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियों का कमजोर होना, मांशपेशियों में वृद्धि न होना, मांशपेशियों में जकड़न, सुन्नता और तेज दर्द, हमेशा थकावट महसूस होना, कमजोरी होना, त्वचा संबंधित समस्याएं होना जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।

खासकर कि बुजुर्ग पुरुषों में कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ भोजन का सेवन मुश्किल होने लगता है, पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है आदि कई कारणों से शरीर सही ढंग से कैल्शियम न अवशोषित कर पाता है और न ही पर्याप्त मात्रा में यह खनिज शरीर को प्राप्त हो पाता है।

 

शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है (Why is there calcium deficiency in the body)

शरीर में कैल्शियम की कमी होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं जिसमें सबसे प्रमुख कारण है संतुलित आहार का सेवन न करना। लेकिन अन्य कई कारण भी हो सकते हैं तो आइए सभी कारणों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।


1. संतुलित आहार का सेवन न करना

अगर आप संतुलित आहार का सेवन नहीं करते हैं तो आपको कैल्शियम की मात्रा नहीं मिलेगी। भोजन कैल्शियम प्राप्त करने का एक प्रमुख कारण है ऐसे में संतुलित आहार का सेवन न करना कैल्शियम की कमी का कारण बन सकता है। 


2. विटामिन डी की कमी 

आपने बिल्कुल सही पढ़ा, विटामिन डी की कमी भी कैल्शियम की कमी का कारण बन सकती है। विटामिन डी ही वह पोषक तत्व है जो शरीर में कैल्शियम को अब्जॉर्ब यानि अवशोषित करता है और ऐसे में इसकी कमी शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन सकती है।


3. पाचन संबंधित दिक्कतें 

अगर आपका पाचन तंत्र या पाचन क्रिया सुचारू रूप से कार्य नहीं करती है तो भी शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। आप कितना भी कैल्शियम से युक्त भोजन का सेवन क्यों न कर लें, अगर आपका पाचन तंत्र उसे ठीक ढंग से अवशोषित ही नहीं करेगा तो फिर क्या फायदा।


4. किडनी रोग 

किडनी रोग भी शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग का कारण बन सकता है। दरअसल जब व्यक्ति किडनी रोग से जूझता है तो इस परिस्थिति में वे रक्तप्रवाह में कैल्शियम को पुनः अवशोषित करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं, जिससे कैल्शियम का स्तर घट जाता है।


5. हार्मोन्स का असंतुलन

अगर शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन हो जाए तो भी कैल्शियम की कमी हो सकती है। खासतौर पर महिलाओं में तेजी से हार्मोन असंतुलित होते रहते हैं और इसलिए कैल्शियम की कमी से जूझने की संभावना महिलाओं में अधिक होती है। ऐसी स्थितियाँ जो पैराथाइरॉइड ग्रंथियों या थायरॉयड ग्रंथि को प्रभावित करती हैं, रक्त में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करने वाले हार्मोन को बाधित कर सकती हैं।


6. कुछ दवाएं

कुछ दवाएं भी शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन सकती हैं। अगर आप कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग से जूझ रहे हैं तो हो सकता है कि यह कुछ दवाइयों के सेवन की वजह से हो रहा हो खासकर कि मूत्रवर्धक, स्टेरॉयड और कुछ एंटीबायोटिक्स। ये दवाएं शरीर में कैल्शियम के अवशोषण की प्रक्रिया में बाधा डालती हैं।


कैल्शियम की कमी के उपाय (Calcium Ki Kami Kaise Dur Kare)

अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो गई है तो कुछ उपायों की मदद से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है और कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग के जोखिम से भी बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि कैल्शियम की कमी के उपाय (Calcium Ki Kami Kaise Dur Kare) क्या हैं।


1. कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करें

अगर आप अपने शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरी करना चाहते हैं तो सबसे पहले और सबसे उत्तम तरीका है कैल्शियम युक्त भोजन का सेवन करना। आपको रोजाना संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ भी अवश्य शामिल होने चाहिए। इसके लिए आप भोजन में दूध और दूध से बने उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां और मांस मछलियों को शामिल कर सकते हैं।


2. पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लें

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग से बचने के लिए विटामिन डी भी जरूरी है जिसका मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है। अगर आप दिन के समय अधिकतम 20 मिनट भी व्यतीत करते हैं तो आपको पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिल जाता है। इसके अलावा मांस मछलियों, अंडे और हरी पत्तेदार सब्जियों को आहार में शामिल करना भी विटामिन डी को बढ़ाता है। विटामिन डी ही शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरुरी होता है इसलिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लें।


3. मदिरापान और केफिन के सेवन को कहें ना

शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए आपको मदिरापान भी छोड़ना चाहिए या मदिरापान की मात्रा को कम करना चाहिए। मदिरापान करने से शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं जिससे शरीर में कैल्शियम के अवशोषण की प्रक्रिया में बाधा पड़ती है। 


4. भारी वजन उठाने वाले एक्सरसाइज करें

भारी वजन उठाने वाले एक्सरसाइज करके भी आप शरीर में कैल्शियम के अवशोषण की प्रक्रिया की गति तेज कर सकते हैं। इसके लिए आपको नियमित रूप से या जिम ट्रेनर के मुताबिक एक्सरसाइज करना चाहिए खासकर कि जिनमें अत्यधिक मेहनत शामिल हो या भारी वजन उठाना।


5. कैल्शियम के सप्लीमेंट्स का सेवन करें

शरीर में कैल्शियम में कमी का उपाय यह है कि आप अपने डॉक्टर की सलाह के पश्चात कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन करें। रोजाना कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने पर आपके शरीर में इसकी मात्रा बढ़ेगी और इसकी कमी से होने वाले रोगों का जोखिम भी कई गुना कम होगा।


कैल्शियम बढ़ाने के घरेलू उपाय क्या हैं (Home remedies to increase calcium in Hindi)

अगर आप अपने शरीर में कैल्शियम बढ़ाना चाहते हैं लेकिन पैसे खर्च नहीं करना चाहते यानि घरेलू उपायों से कैल्शियम बढ़ाने के तरीके देख रहे हैं तो रोजाना पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लें। इसके अलावा, अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध और दूध से बने उत्पाद, कैल्शियम युक्त फलों का सेवन करें। साथ ही, रोजाना दौड़ना, रस्सी कूदना, भारी वजन उठाने, साइक्लिंग करना जैसी एक्सरसाइज भी आप घर बैठे कर सकते हैं।

इस तरह आप घर बैठे बिना एक भी रुपए खर्च किए शरीर में कैल्शियम को बढ़ा सकते हैं और कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग से बच भी सकते हैं। लेकिन अगर शरीर में इसकी भारी कमी हो गई है और गंभीर लक्षण दिखने शुरू हो गए हैं तो डॉक्टर की तुरंत सलाह लें। इस परिस्थिति में डॉक्टर कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह आपको दे सकते हैं। 


निष्कर्ष (Conclusion)

कैल्शियम की कमी से शरीर में कई रोग हो सकते हैं जैसे रिकेट्स, ओस्टियोपोरोसिस, टिटैनी, बालों का तेजी से झड़ना, हड्डियों और मांशपेशियों में दर्द, अवसाद में जाना, मिर्गी के दौरे पड़ना, त्वचा संबंधित बीमारियां होना, हृदय की गति असामान्य होना आदि। इन रोगों से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेना, कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करना और रोजाना व्यायाम योग करने की सलाह दी जाती है।

साथ ही, अगर शरीर में कैल्शियम की भारी कमी हो गई है तो इस परिस्थिति में कैल्शियम की कमी के घरेलू उपाय खोजने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि वे सही ट्रीटमेंट सुझा सकें। अगर इसकी कमी से बाल झड़ना शुरू हो गया है तो आपको हमारे हेयर केयर एक्सपर्ट्स से बात करनी चाहिए और ट्रीटमेंट की शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि एक वक्त के बाद आप खोए हुए बाल वापस नहीं पा सकते। इसलिए समय रहते इस फ्री टेस्ट को देकर आप पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

1. कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग कौन से हैं?

कैल्शियम की कमी से शरीर में कई रोग हो सकते हैं जैसे रिकेट्स, ओस्टियोपोरोसिस, टिटैनी, बालों का तेजी से झड़ना, हड्डियों और मांशपेशियों में दर्द, अवसाद में जाना, मिर्गी के दौरे पड़ना, त्वचा संबंधित बीमारियां होना, हृदय की गति असामान्य होना आदि। 


2. कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं?

शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण कई हैं जैसे बालों का झड़ना, हड्डियों और दांतों का कमजोर होना, हृदय की गति असामान्य होना, बच्चों में रिकेट्स होना, ओस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाना आदि। महिलाओं में यह लक्षण थोड़े भिन्न हो सकते हैं जैसे पेट दर्द, गर्भवती महिलाओं का बच्चा जल्दी पैदा होना, बच्चे का वजन कम होना आदि।


3. कैल्शियम की कमी होने पर क्या खाएं?

कैल्शियम की कमी होने पर आपको नियमित रूप से कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें शामिल है दूध और दूध से बने उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, मांस और मछलियां। साथ ही अगर कैल्शियम की शरीर में भारी कमी होने पर डॉक्टर आपको कैल्शियम सप्लीमेंट्स के सेवन की सलाह दे सकते हैं।


4. कैल्शियम की कमी क्यों होती है?

नियमित रूप से संतुलित आहार का सेवन न करना, पर्याप्त मात्रा में धूप न लेना, पाचन तंत्र का स्वास्थ्य बेहतर न होना, शरीर में तेजी से हार्मोनल बदलाव आना, मदिरापान करना और नियमित तौर पर व्यायाम योग न करना शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन सकता है।


5. कैल्शियम की कमी होने पर कौन सी दवा खाएं?

कैल्शियम की कमी होने पर डॉक्टर आपको कैल्शियम सप्लीमेंट्स के सेवन की सलाह दे सकते हैं जिसमें शामिल है Calcitriol, Calcipotriene, Calcium pills or supplements, Calvirich, Cipcal आदि।


6. कैल्शियम की जांच कैसे की जाती है?

शरीर में कैल्शियम की कमी की जांच करने का सबसे बढ़िया तरीका है blood test यानि रक्त परीक्षण। ब्लड टेस्ट के ही माध्यम से पता चलता है कि शरीर में कैल्शियम की मात्रा कितनी है। इसमें आमतौर पर दो टेस्ट्स होते हैं, Total Calcium Test और Ionized Calcium Test। 


7. शरीर में कैल्शियम की मात्रा कितनी होनी चाहिए?

एक स्वस्थ शरीर में कैल्शियम की मात्रा आमतौर पर 8.8 और 10.4 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (मिलीग्राम/डीएल) के बीच होता है। यदि आपका स्तर इस सीमा से नीचे आता है, तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।


References

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Dr. Kalyani Deshmukh, M.D.

Dermatologist

Dr. Deshmukh is an MD (Dermatology, Venerology, and Leprosy) with more than 4 years of experience. She successfully runs her own practice and believes that a personalized service maximizes customer satisfaction.

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TRAYA’S HOLISTIC PLAN FOR HAIR FALL

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Our approach combines the goodness of three sciences. With ingredients from the most authentic sources, we personalize your treatment delivering assured results.

Take The Hair Test TM

Why do Influencers love Traya?

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TAKE THE HAIR TEST

Our Customers

Month 1

Month 5

Month 6

Uddeshya Verified review
4.5

Reviewed on 15th Nov 2021

My hair loss started in 2016 after I was diagnosed with tuberculosis. I had consulted a dermatologist and tried many treatments before nearly giving up hope. I liked Traya’s approach of combining three sciences. After I used the recommended product kits, I have seen a lot of benefits like thicker hair and negligible Hair fall. On complete Traya recommended plan. read more

Month 1

Month 3

Month 3

Arundhati Munje Verified review
4.5

Reviewed on 31st Dec 2021

I had been losing my hair for about two years. I tried to convince myself that it wasn't noticeable but I knew it was and so did everyone else who saw me. I started my treatment with Traya and not only is the problem solved, but people are noticing how much it's grown back. On complete Traya recommended plan. read more

Month 1

Month 4

Month 8

Rajat Sadh Verified review
4.5

Reviewed on 21st Feb 2022

I didn't want to resort to surgery or any other invasive treatment for my hair loss and I found Traya. They have helped me grow back a full head of hair in just eight months. I'm so happy with the results, thank you so much! On complete Traya recommended plan. read more

Month 1

Month 4

Month 5

Saumya Verified review
4.5

Reviewed on 6th Nov 2021

I was losing hair due to stress and other things but Traya analyzed everything perfectly and sent me a treatment plan. After such great results, my relatives have also started using Traya. Thank you, Raveena my Hair coach (you are wonderful) for such amazing help. On complete Traya recommended plan. read more

Month 1

Month 4

Month 6

Swati Verified review
4.5

Reviewed on 17th August 2021

It takes time guys, but you won't regret it. My hair grew back stronger and my overall hair quality improved. Thank you Raveena, my hair coach, she really held me accountable and kept me on track. Super happy customer. On complete Traya recommended plan. read more

Google Review

★★★★★

I feel much better after taking up the treatment. The treatment does not just include tablets and minoxidil.

Treatment includes ensuring proper sleep cycle and proper diet. Surely there is notable changes after 9 months of treatment.

TheCmayil

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★★★★★

As a mother,I was extremely worried about my teenage daughter's hair condition. I chanced upon Traya and approached you.A very helpful team always making sure that a regular follow up is done.The hair health has improved a lot since I started and I am very pleased with the results. Thank you Traya..Thank you Mallika for being just a call away.

SANJUKTA SANYAL

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★★★★★

I am 25 years old. I have androgenic alopecia. couple of months back I found traya and started its medication. now I am happy with its result. most important thing is patience and consistency. diet is also a key factor. I recommend traya 100%. good customer service.the sooner the better

jithu thomas

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★★★★★

Before trying traya i had used a lot of other meditation too... Traya was the only one which gave me the best positive results for my hair... Grateful to them

LOKJEET RANAA..

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★★★★★

I have been following Traya regime since last 9 months now and the results are all to speak for. I had issues regarding hair density and patches. Now I am very much happy and satisfied with the results. In short, Quality & Quantity both have improved for me. Infact, it has been helpful for my body balance as well. Thanks to Sneha for all the help and Cheers to the Traya team👍 👍 👍

Devarshi Desai

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★★★★★

It's all about patience and consistency. Traya helped me to grow my hair back, as well as to live a healthy lifestyle with the customized diet. Before Traya I lost all my hopes. If a person like me can grow my hairs back., I'm 100℅ sure with the help of Traya everyone who is facing hair fall issues can grow back their hair. Trust me it's worth it.

Shubham Nikam

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★★★★★

TRAYA'S hairfall treatment has been of great help in reducing my hairfall issue and also regrowing new hair. Also the support staff Poornima who was assigned to me has been very helpful as she checked on my progress, provided diet plans and answering any questions regarding the medication. A great experience overall.

rohit daz

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★★★★★

TRAYA'S hairfall treatment has been of great help in reducing my hairfall issue and also regrowing new hair. Also the support staff Poornima who was assigned to me has been very helpful as she checked on my progress, provided diet plans and answering any questions regarding the medication. A great experience overall.

rohit daz

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★★★★★

Since i have started using Traya hair care regime, my hair have really improved a lot. This regime is also helping me in stress management and to get better sleep. I would highly recommend Traya.

Bhawana Singh

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★★★★★

The product is very good
The results were visible after 15 itself
Must try essential hair food

Sonia Hair Studio

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★★★★★

IT WORKS! I'm not someone who falls for a trap easily so I researched well before taking this treatment! My research, their treatments and efforts have truly shown results. I like their concept of 3 sciences, it was new to me but they proved it by giving me my desired results! Thanks Tatva

Kiran Rajput

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