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किस विटामिन की कमी से नींद ज्यादा आती है?


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क्या आपको अक्सर आलस्य और नींद की समस्या होती है? क्या आपको हमेशा नींद की समस्या रहती है? अगर हां तो आपके शरीर में विटामिन की कमी हो गई है। कई ऐसे विटामिन हैं जिनकी अगर हमारे शरीर में कमी हो जाती है तो हमें आलस्य और नींद की समस्या घेर लेती है। आलस्य कई बार चॉइस नहीं बल्कि मजबूरी भी होती है और यह होता है कुछ निश्चित विटामिन की कमी की वजह से।

इस ब्लॉग पोस्ट में हम विस्तार से किस विटामिन की कमी से नींद ज्यादा आती है प्रश्न पर बात करेंगे। इसके अलावा हमेशा ऊर्जावान महसूस करने के लिए आपको आपको क्या करना चाहिए, कौनसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, कौनसी अच्छी आदतों को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए आदि सभी प्रश्नों का उत्तर दिया जायेगा।


विटामिन और नींद का क्या संबंध है (Relationship between Vitamins and Sleep)

विटामिन और नींद के साथ ही आलस्य एक दूसरे के पूरक हैं। यानि अगर आपको अच्छी और गहरी नींद आती है और आप हमेशा ऊर्जावान महसूस करते हैं तो आपके शरीर में विटामिन की सही मात्रा मौजूद है तो वहीं आलस्य का एक कारण इसकी कमी हो सकती है। तो वहीं Vitamins & Sleep - PMC में छपे अध्ययन के मुताबिक अगर आपके शरीर में विटामिन की मात्रा अधिक हो जाए तो भी नींद की समस्या शुरू हो सकती है। इसलिए शरीर में विटामिंस की मात्रा संतुलित होनी बहुत ही आवश्यक है।

इनकी कमी से आलस्य और नींद का प्रमुख कारण यह है कि विटामिंस मेलाटोनिन उत्पादन, न्यूरोट्रांसमीटर फ़ंक्शन और समग्र तंत्रिका तंत्र स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं, ये सभी अच्छी नींद के लिए आवश्यक होते हैं। इसलिए आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए जिससे कि आपके शरीर को उचित मात्रा में विटामिंस प्राप्त हो सके।


किस विटामिन की कमी से नींद ज्यादा आती है?

अब आइए जानते हैं कि ऐसे कौन से विटामिन हैं जिनकी कमी से नींद ज्यादा आने की समस्या हो जाती है। आपको उन विटामिंस की जानकारी के साथ ही हम यह भी बताएंगे कि इन विटामिंस की कमी के लिए आप क्या कर सकते हैं, किन खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।

 

१. विटामिन बी१२ (Vitamin B१२)

सबसे पहले नंबर पर आता है विटामिन बी१२, जिसकी अगर शरीर में कमी हो जाए तो आलस्य और बार बार नींद आने की समस्या शुरू हो सकती है। दरअसल, यह विटामिन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। ये लाल रंग की रक्त कोशिकाएं ही शरीर के सभी भागों में पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। 

तो ऐसे में, अगर आपके शरीर में विटामिन बी१२ की कमी हो जाती है तो लाल रक्त कोशिकाओं जिसे red blood cells भी कहा जाता है का निर्माण कम हो जाएगा या ठप्प हो जाएगा। इससे आपको कमजोरी, थकान, बोलने में दिक्कत, चक्कर जैसी समस्या शुरू हो सकती है। इस परिस्थिति में आप मांस, मछली, अंडे का सेवन कर सकते हैं। अगर शाकाहारी हैं तो दूध और इससे बने उत्पादों का सेवन करें। 


२. विटामिन डी (Vitamin D)

विटामिन डी की कमी से भी आलस्य और नींद ज्यादा आने की समस्या हो सकती है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही जरूरी पोषक तत्व है जोकि हमारी हड्डियों, त्वचा, बालों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। खासतौर पर यह हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है और मांशपेशियों के कार्य को बेहतर करता है।

ऐसे में अगर इसकी कमी शरीर में हो जाती है तो आप अक्सर थकान, आलस्य और नींद की समस्या से परेशान हो सकते हैं। इसकी कमी से ओस्टेपोरोसिस होने का खतरा भी बढ़ जाता है जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में धूप लेना और दूध से बने उत्पादों का सेवन करना चाहिए।


३. विटामिन सी (Vitamin C)

विटामिन सी हमारे शरीर के लिए एक बेहद ही आवश्यक पोषक तत्व है जो त्वचा, नाखूनों, बालों, हड्डियों और मांशपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। खासतौर पर यह हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है ताकि हम दिनभर एक्टिव रहें और हमें थकावट न महसूस हो। साथ ही, यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाने में सहायक होता है। 

अगर इसकी कमी आपके शरीर में हो जाती है तो आलस्य, नींद, शरीर में ऐंठन, कमजोरी और बार बार बीमार होने की समस्या शुरू हो सकती है। अगर आप शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन सी प्रदान करना चाहते हैं तो खट्टे फलों का सेवन ज्यादा करें, साथ ही टमाटर, लाल मिर्च, ब्रोकोली, अमरूद आदि खाने पर आपको विटामिन सी की प्राप्ति होगी।


अन्य पोषक तत्व जिनकी वजह से नींद ज्यादा आती है 

विटामिन के अलावा भी अन्य कई पोषक तत्व हैं जिनकी कमी अगर शरीर में हो जाती है तो आपको आलस्य और नींद का सामना करना पड़ सकता है। आइए उनके बारे में भी जान लेते हैं।


४. मैग्नीशियम

मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। यह हमारे नर्वस सिस्टम की रक्षा करता है, मांसपेशियों की वृद्धि में मदद करता है, हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के साथ साथ ऊर्जा के उत्पादन में मदद करता है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन हो, इसके लिए यह महत्वपूर्ण होता है। 

ऐसे में अगर इसकी ही कमी आपके शरीर में हो जाए तो आपको आलस्य, थकान, कमजोरी और नींद की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम की कमी से नींद ज्यादा आने की समस्या होने पर आपको मैग्नीशियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें शामिल है हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स जैसे बादाम, साबुत अनाज, फलियां आदि।


५. आयरन

आयरन हमारी हड्डियों और तंत्रिका तंत्र के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। यह विटामिन बी१२ की तरह ही शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है जिससे शरीर के हर अंग में सुचारू रूप से ऑक्सीजन पहुंच सके। साथ ही, यह शरीर में ऊर्जा प्रवाह को भी संचालित करता है। खासतौर पर हड्डियों और मांशपेशियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयरन सबसे महत्वपूर्ण होता है। 

ऐसे में अगर इसकी कमी आपके शरीर में हो जाती है तो red blood cells का उत्पादन कम होगा और साथ ही मांशपेशियां और हड्डियां कमजोर हो जायेंगी। इससे आपके अंदर आलस्य, कमजोरी, थकान और नींद की समस्या शुरू हो जाएगी। इसकी कमी से जूझ रहे व्यक्तियों में नींद की समस्या आम होती है। इसे पर्याप्त रूप में प्राप्त करने के लिए आपको नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए।


ज्यादा नींद आने की समस्या कैसे दूर करें (How to overcome the problem of excessive sleep)

ज्यादा नींद आना, आलस्य और थकावट एक आम समस्या है। कई बार यह हम खुद नहीं चुनते हैं बल्कि कई कारणों से यह समस्या से हम जूझने लगते हैं। लेकिन सबसे अच्छी बात है कि आपके पास कई ऐसे तरीके और उपाय हैं जिसकी मदद से आप ज्यादा नींद आने की समस्या को दूर कर सकते हैं और दिनभर ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं।


१. नियमित रूप से संतुलित आहार लें (Eat a balanced diet regularly)

संतुलित आहार का सेवन बहुत ही आवश्यक है क्योंकि इसकी ही मदद से हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया, विटामिन सी, विटामिन बी१२ और विटामिन डी की कमी से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है और नींद ज्यादा आती है। ऐसे में इन विटामिनों की कमी को पूरा करने के लिए आपको नियमित रूप से संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।


संतुलित आहार में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:

  • ‌अनाज जैसे गेंहू, चावल, दाल, मक्का
  • ‌डालें जैसे अरहर, उड़द, मटर
  • ‌हरी पत्तेदार सब्जियां
  • ‌फलदार सब्जियां
  • ‌फल
  • ‌दूध से बने उत्पाद
  • ‌अंडा
  • ‌मांस और मछली
  • ‌घी

२. नियमित रूप से व्यायाम करें (Exercise regularly)

नियमित रूप से व्यायाम करना भी शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है जिससे नींद और आलस्य की समस्या दूर होती है। रोजाना सुबह सुबह अगर आप मात्र ३0 मिनट के लिए ही व्यायाम करते हैं तो आपका शरीर दिनभर के लिए तैयार हो जाता है। व्यायाम करने से शरीर में रक्त प्रवाह तेज होता है जिससे शरीर के सभी भागों तक ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्व पहुंच पाते हैं।


इससे आप दिनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं। यहां कुछ व्यायाम दिए गए हैं जिन्हें आप घर पर रोजाना सुबह कर सकते हैं:

  • ‌पादहस्तासन
  • ‌चक्रासन
  • ‌यजनासन
  • ‌भूमि पाद मस्तकासन
  • ‌धनुरासन

३. कैफ़ीन और शराब का सेवन कम करें

अगर आप कैफ़ीन और शराब का सेवन अधिकतर करते रहते हैं तो यह ज्यादा नींद आने का एक कारण हो सकता है। जो लोग शराब और कैफ़ीन का सेवन ज्यादा करते हैं वे अक्सर आलस्य और निद्रा की समस्या से जूझते हैं। इसका कारण है यह है कि ये दोनों ही केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को प्रभावित करते हैं।


बात करें कैफ़ीन की तो यह एडेनोसाइन नामक एक न्यूरोट्रांसमीटर को अवरुद्ध करता है जिससे थकावट होने लगती है और नींद आती है। तो वहीं, शराब GABA नामक एक न्यूरोट्रांसमीटर के प्रभाव को बढ़ा देता है जिससे नींद आती है। ये दोनों ही पेय पदार्थों का सेवन उचित मात्रा में किया जाना चाहिए।


४. रोजाना पर्याप्त नींद लें (Get enough sleep every day)

रोजाना पर्याप्त मात्रा में नींद लेना भी महत्वपूर्ण है। अगर आप एक व्यस्क हैं और 7 से 8 घंटे की नींद नियमित रूप से नहीं ले रहे हैं तो आलस्य, बार बार नींद आना, थकावट के साथ अन्य कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं। एक गहरी और बेहतर नींद हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है। आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप रात में १0 बजे तक सो जाए और सुबह ५ से ६ बजे के बीच जगे।


यह sleep cycle अगर आप फॉलो करते हैं तो आप पाएंगे कि आप आलस्य और बार बार नींद आने की समस्या से दूर होते जा रहे हैं। सोने से एक घंटा पहले किसी भी प्रकार के डिजिटल डिवाइसेज का इस्तेमाल न करें, भोजन करने के एक घंटे बाद सोएं और साथ ही बिना किसी तनाव के सोने से आप यह स्लीप साइकिल फॉलो कर पायेंगे।


५. तनाव कम करें (It is also important to reduce stress)

आलस्य, थका हुआ महसूस करना और बार बार नींद आने की समस्या का एक कारण तनाव भी हो सकता है। अगर आप अक्सर तनाव लेते हैं तो नींद की समस्या आम हो जाती है। जो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा तनाव लेता है उसकी sleep cycle बिगड़ जाती है जिससे उसकी नींद कभी पूरी नहीं होती। इससे उसे अक्सर नींद आती है, आलस्य और कमजोरी की दिक्कत का सामना करना पड़ता है।


तनाव कम करने के लिए सिर्फ एक फॉर्मूला अपनाएं: क्या मैं जिस परिस्थिति या जिस चीज के लिए तनाव ले रहा हूं उसे बदल सकता हूं? क्या परिस्थिति मेरे वश में है? अगर इस प्रश्न का उत्तर है हां तो फिर तनाव लेने की अवश्यकता नहीं है। आप इस परिस्थिति को बदलें, समस्या का हल करें। अगर इस प्रश्न का उत्तर है ना तो फिर तो बिलकुल तनाव लेने की जरूरत नहीं। जब आप कुछ कर ही नहीं सकते तो फिर चिंता ही क्यों करना। जो होना होगा, वो होगा ही। बल्कि आप उस समस्या का समाधान ढूंढने में अपनी एनर्जी खर्च कर सकते हैं।


६. अपने डॉक्टर से बात करें (Contact your doctor)

आखिरी रास्ता है अपने डॉक्टर से संपर्क करने का। अगर आप वाकई ज्यादा नींद आने, आलस्य, कमजोरी से परेशान हैं तो इसका समाधान डॉक्टर के पास मौजूद होगा। कई बार ऐसा भी होता है कि छोटे लक्षण किसी बड़ी बीमारी के भी संकेत होते हैं तो एक बार आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करके उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराना चाहिए।


इसके बाद आप डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दवाइयों और अच्छी आदतों का पालन करके अत्यधिक नींद आना, आलस और कमजोरी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।


क्या विटामिन सप्लीमेंट्स लेना अत्यधिक नींद आने की समस्या खत्म कर सकता है?


यह प्रश्न आप सभी के मन में अवश्य आया होगा कि अगर शरीर में विटामिन की कमी की वजह से अत्यधिक नींद आती है तो क्यों न विटामिन सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर दें। लेकिन यह कदम आपके लिए गलत भी साबित हो सकता है। जी सही सुना आपने, दरअसल कई अध्ययन इस ओर इशारा करते हैं कि अगर आप अत्यधिक नींद आने की समस्या को दूर करने के लिए विटामिन सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर दें तो इसके दो परिणाम हो सकते हैं।


पहला कि आपको अधिक नींद आने लगेगी, यानी समस्या और ज्यादा बढ़ जायेगी। दूसरा खराब परिणाम यह हो सकता है कि आपकी पूरी sleep cycle ही बिगड़ सकती है। इससे रात में जल्दी नींद न आना, नींद बिना पूरी किए जग जाना, रात में अचानक से जगना फिर वापस से सो न पाना जैसी तमाम परेशानियां शुरू हो सकती हैं। यह हम नहीं बल्कि कई चिकित्सीय शोध बतलाते हैं। 


इसलिए, कोई भी कदम उठाने से पहले ऊपर दी गई अच्छी आदतों का पालन करें, संतुलित आहार लें, रोजाना व्यायाम करें, रात को 7 से 8 घंटे सोएं और तनाव से दूरी बनाएं। अगर समस्या बढ़ रही है तब जाकर डॉक्टर से संपर्क करें और उनके हिसाब से अगला कदम उठाएं।


नींद ज्यादा आने के नुकसान क्या हैं (What are the disadvantages of excessive sleep)


एक अच्छी और गहरी नींद लेना हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। हम आपको सलाह देते हैं कि अगर आप वाकई अपने शारीरिक स्वास्थ्य की परवाह करते हैं तो रोजाना 7 से 8 घंटे या अधिकतम 9 घंटे की नींद लें। लेकिन क्या आपको पता है कि जरूरत से ज्यादा नींद आना परेशानी का सबब भी बन सकता है? जी हां, अगर आप अत्यधिक नींद ले रहे हैं तो निम्नलिखित बीमारियों के शिकार हो सकते हैं:

  • ‌डायबिटीज
  • ‌मोटापा
  • ‌हृदय रोग
  • ‌स्ट्रोक
  • ‌सिरदर्द
  • ‌कमर दर्द
  • ‌जोड़ों का दर्द
  • ‌डिप्रेशन
  • ‌एंजायटी

यानि सोना तो शरीर के लिए आवश्यक है लेकिन अत्यधिक सोना  भी खतरनाक है।  साथ ही, अगर आप बार बार नींद आने से परेशान हैं तो इससे आपको social और professional life भी खराब होती है। आप कम लोगों से इंटरैक्ट कर पाते हैं और साथ ही अपनी नौकरी या व्यवसाय पर भी ध्यान नहीं दे पाते।इसलिए जरूरी है कि आप रात में 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें और दिनभर एक्टिव रहें।


निष्कर्ष (Conclusion)

विटामिन बी१२, विटामिन सी और विटामिन डी की कमी से नींद ज्यादा आती है। अगर आपके शरीर में इनकी कमी हो जाती है तो ज्यादा नींद आना, आलस्य, थकान, कमजोरी की समस्या हो जाती है। ऐसे में जरुरी है कि आप रात में पर्याप्त नींद लें, तनाव को कम करें, संतुलित आहार लें और साथ ही शराब कैफ़ीन का सेवन कम करें।

इसके साथ ही, यह भी ध्यान रखने की आवश्यकता है कि अगर आपके शरीर में विटामिन की कमी से नींद ज्यादा आती है तो बिना डॉक्टर से परामर्श के कभी भी विटामिन सप्लीमेंट्स न लें क्योंकि यह आपके sleep cycle को डिस्टर्ब कर सकता है और समस्या ज्यादा विकट हो सकती है। 


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Question)


१. किस विटामिन की कमी से नींद ज्यादा आती है?

विटामिन सी, विटामिन डी और विटामिन बी जैसे बी१२ और बी६ की कमी से नींद ज्यादा आने की समस्या होती है। इसके साथ ही शरीर में मैग्नीशियम और आयरन की कमी की वजह से भी थकान, आलस्य और अत्यधिक नींद आने की समस्या हो सकती है।


२. विटामिन की कमी और नींद के बीच संबंध को कैसे पहचाना जा सकता है?

विटामिन की कमी शरीर को कमजोर करती है, मांशपेशियों और हड्डियों में कमजोरी आ जाती है। इससे आलस्य, थकान और दर्द की समस्या आम हो जाती है। अत्यधिक आलस्य और थकान की वजह से नींद ज्यादा आने लगती है। 


३. विटामिन की कमी को दूर करने के लिए कौन से आहार सबसे  उपयोगी है?

विटामिन की कमी को दूर करने के लिए आपको संतुलित आहार लेना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल, नट्स, साबुत अनाज, मांस, मछली, अंडे, दूध और दूध से बने उत्पाद, घी, दालें आदि का सेवन शरीर में विटामिन की कमी को दूर करता है।


४. क्या ज्यादा नींद आने पर विटामिन सप्लीमेंट्स ले सकते हैं?

बिल्कुल नहीं। ज्यादा नींद आने का कारण अगर विटामिन की कमी है तो भी बिना डॉक्टर की परामर्श के विटामिन सप्लीमेंट्स नहीं लेना चाहिए। इससे न सिर्फ sleep cycle डिस्टर्ब हो सकता है बल्कि समस्या और बढ़ सकती है। अगर आप अत्यधिक नींद आने से परेशान हैं तो संतुलित आहार लें, तनाव कम करें और व्यायाम करें।


References

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Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

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