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कम उम्र में बाल सफेद होने के कारण और उपाय - Baal Safed hone ke karan)


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खराब खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से वर्तमान में कम उम्र में ही लोग बाल सफेद होने की समस्या से परेशान हो रहे हैं। कई शोध यह बतलाते हैं कि भारत में कम उम्र में सफेद होते बालों की समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि उम्र उम्र में बाल सफेद होने के कारण और उपाय क्या हैं? आखिर क्यों कम उम्र के व्यक्ति बालों के सफेद होने की समस्या से परेशान हो रहे हैं।

आमतौर पर देखा जाए तो कम उम्र में बालों के सफेद होने के कारणों में जेनेटिक्स, विटामिन की कमी, कुछ रोग जैसे चर्म रोग, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और तनाव शामिल हैं। खासतौर पर जब हम भारतीयों की बात करते हैं, तो अगर 35 उम्र से पहले ही अगर बाल सफेद होने की समस्या शुरू हो जाए तो इसे premature greying कहा जाता है। 

समय से पहले बालों का सफेद होना किसी स्वास्थ्य खतरे की ओर संकेत तो नहीं देता है लेकिन इसकी वजह से काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। कई बार ऐसा भी होता है कि समय से पहले बाल सफेद होने की वजह से बाल झड़ने भी लगते हैं। अगर आप समय से पहले बाल पकने या तेजी से बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो हम आपको Hair Test देने की सलाह देते हैं। यह टेस्ट फ्री है और आप घर बैठे स्मार्टफोन की ही मदद से टेस्ट को पूरा करके रिपोर्ट हासिल कर सकते हैं। टेस्ट के पश्चात हमारे द्वारा सुझाया गया सही उपचार की शुरुआत करके आप बालों की समस्या से राहत पा सकते हैं।

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बाल सफेद होने के कारण (Baal safed hone ke karan)

बाल सफेद होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे आनुवंशिकता, शरीर में विटामिन की कमी, हार्मोनल बदलाव, थायराइड विकार, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करना, प्रदूषण, त्वचा रोग जैसे विटिलोगी, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और तनाव शामिल है। आइए विस्तार से समझते हैं कि कैसे ये कारक समय से पहले बालों के सफेद होना के लिए जिम्मेदार होते हैं।


1. आनुवांशिकता (Genetics)

समय से पहले बाल सफेद होने का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक्स यानि आनुवांशिकता होता है। आपके घर में अगर आपके माता पिता, दादा दादी, नाना नानी आदि के बाल अगर समय से पहले ही सफेद होना शुरू हो गए थे तो ज्यादातर संभावना है कि आपको यह विरासत में ही मिला है। बाल झड़ना और समय से पहले बालों के सफेद होने दोनों का कई बार प्रमुख कारण आनुवंशिक ही होता है। तो ऐसे में अगर आपके बाल भी समय से पहले ही सफेद हो गए हैं तो आप इसकी पुष्टि अपने घर में ही कर सकते हैं।


2. अत्यधिक तनाव (Stress)

तनाव व्यक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है जो जीवन के हर क्षेत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। अगर आपके बाल समय से पहले ही सफेद हो गए हैं तो हो सकता है कि यह आपके अत्यधिक स्ट्रेस लेने की वजह से हुआ हो। तनाव उन स्टेम कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है जो बालों के रंगद्रव्य को पुनर्जीवित करती हैं, जो मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं द्वारा निर्धारित होता है। जैसे जैसे आपके तनाव का स्तर बढ़ता जाता है, रंगद्रव्य को पुनर्जीवित करने वाली कोशिकाओं पर नकारात्मक असर पड़ने लगता है। इससे समय से पहले ही बाल सफेद हो जाते हैं।


3. ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative stress)

Free radicals यानि मुक्त कण ऐसे पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनते रहते हैं। इनकी मात्रा कम होती है तो कोई खतरे की बात नहीं होती, लेकिन अगर लम्बे समय तक इनका खात्मा न हो तो ये शरीर में जमा होने लगते हैं जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव होता है। इससे शहरी के कई हिस्सों की कोशिकाएं खराब होने लगती हैं, जिससे बालों के रंग पर भी प्रभाव पड़ता है। ये मुक्त कण बालों के रोम में प्रोटीन, डीएनए और मेलानोजेनेसिस प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे premature hair greying हो सकता है।


4. विटामिन की कमी (Vitamin deficiency in the body)

शरीर में अगर विटामिन की कमी हो जाए तो भी आपके बाल समय से पहले ही सफेद हो सकते हैं। खासतौर पर अगर आपके शरीर में विटामिन बी12, विटामिन बी9, बायोटिन और विटामिन डी की कमी हो जाए तो समय से पहले ही आपके बाल सफेद होना शुरू हो सकता है। इस विटामिन की कमी से बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं क्योंकि यह बालों की कोशिकाओं को कमजोर कर देता है, जो मेलेनिन उत्पादन को बाधित करता है। इसके अलावा विटामिन बी9, बायोटिन और विटामिन डी की कमी से भी समय से पहले बाल सफेद होने लगते हैं।


5. शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन (Imbalance of hormones in the body)

अगर आपके शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन हो गया है तो इस परिस्थिति में भी आपके बाल तेजी से सफेद होने शुरू हो सकते हैं। खासतौर पर अगर हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से अगर थायराइड की समस्या हो गई है तो बाल समय से पहले सफेद होना शुरू हो सकते हैं। थायरॉइड गर्दन में एक ग्रंथि है जो बालों के रंग सहित कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करती है। जब थायरॉइड संतुलित नहीं होता है, तो यह कम मेलेनिन का उत्पादन कर सकता है, जिससे बालों का रंग ख़राब हो सकता है। हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों में, थायराइड हार्मोन की अपर्याप्त मात्रा मेलानोसाइट्स को ठीक से काम करने से रोकती है, जिससे बाल सफेद हो सकते हैं।


6. विटिलोगो (Vitiligo)

विटिलिगो यानि चर्म रोग भी समय से पहले सफेद होते बालों की समस्या का कारण बन सकता है। खासतौर पर विटिलिगो के कारण सिर, भौहें, पलकें और दाढ़ी पर समय से पहले बाल सफेद हो सकते हैं। विटिलिगो समय से पहले बालों के सफेद होने का कारण बन सकता है क्योंकि यह बालों में मेलेनिन का उत्पादन करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे वे मर जाते हैं या कार्य करना बंद कर देते हैं। इससे सफेद या भूरे बालों के धब्बे हो सकते हैं जहां मेलेनिन नष्ट हो गया है।


7. धूम्रपान और मदिरापान (Smoking and drinking)

अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान और मदिरापान करता है तो उनके बाल भी समय से पहले सफेद हो सकते हैं। धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन समय से पहले बालों के सफेद होने (पीएचजी) का कारण बन सकता है क्योंकि इन पदार्थों में मौजूद रसायन बालों के रोमों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उनकी रंगद्रव्य कोशिकाएं समय से पहले ही नष्ट हो जाती हैं। इसके अलावा जब आप धूम्रपान और मदिरापान करते हैं तो शरीर में फ्री रेडिकल्स की संख्या में भी इजाफा होता है। फ्री रेडिकल्स बढ़ने से यह बालों को रंगत देने वाली प्रक्रिया को बाधित करता है जिससे समय से पहले ही बाल सफेद होने लगते हैं।


8. प्रदूषण (Pollution)

अगर आप प्रदूषण भरे इलाकों में रहते हैं तो ज्यादातर संभावना है कि समय से पहले ही आपके बाल सफेद होने लगेंगे। प्रदूषण बालों के रोम और मेलेनिन उत्पादन को नुकसान पहुंचाकर समय से पहले बाल सफेद होने का कारण बन सकता है। हवा में प्रदूषक मुक्त कण और ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा करते हैं, जो मेलेनिन कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मेलेनिन कोशिकाएं ही बालों को उनकी रंगत प्रदान करने के लिए आवश्यक होती हैं, ऐसे में कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने की वजह से समय से पहले बाल भी सफेद हो सकते हैं।


9. रासायनिक उत्पादों का अत्यधिक इस्तेमाल (Excessive use of chemical products)

जो व्यक्ति रसायनिक उत्पादों और हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल अधिकाधिक करते हैं, उनमें समय से पहले बाल सफेद होने और तेजी से बाल झड़ने का जोखिम अधिक होता है। डाई और शैंपू सहित रासायनिक बाल उत्पाद, समय से पहले बाल सफेद होने का कारण बन सकते हैं क्योंकि इनमें हानिकारक तत्व होते हैं जो मेलेनिन को कम करते हैं। हाइड्रोजन पेरोक्साइड, जो अक्सर हेयर डाई में उपयोग किया जाता है, एक ऐसा हानिकारक रसायन है जिसका अत्यधिक इस्तेमाल बालों को सफेद कर सकता है।

इसलिए हम बार बार अपने पाठकों से अनुरोध करते हैं कि बालों की देखभाल के लिए सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेदिक उत्पादों या ऐसे उत्पादों का ही इस्तेमाल करें जिनमें कठोर रसायन मौजूद न हो। Traya में हमारे सभी hair care products पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं, कोई साइड इफेक्ट्स नहीं छोड़ते और साथ ही समस्या का समाधान जड़ से करते हैं। 


10. कुछ दवाएं (Some medications)

स्वास्थ्य कारणों से सेवन की जा रही कुछ दवाओं की वजह से भी समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या अवतरित हो सकती है। कुछ दवाएं मेलानोसाइट्स के साथ प्रतिक्रिया करके और मेलेनिन उत्पादन को कम करके समय से पहले बाल सफेद होने का कारण बन सकती हैं, इसकी सूची है:

  • ‌मलेरियारोधी
  • ‌कीमोथेराप्यूटिक दवाएं
  • ‌क्लोरोक्वीन (मलेरिया के लिए प्रयुक्त)
  • ‌मेफेनिसिन (मांसपेशियों को आराम देने वाला)
  • ‌फेनिलथियोरिया (डीएनए परीक्षण में प्रयुक्त)
  • ‌त्रिपरानोल (कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए प्रयुक्त)
  • ‌डिक्सीराज़िन (विभिन्न मानसिक विकारों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है)
  • ‌सामयिक दवाएं, जैसे कि डिथ्रानोल, क्राइसारोबिन, और बेंज़ोकेन-रेसोरसिनॉल 

कम उम्र में बाल सफेद होना कैसे रोकें (Kam umar me baal safed hona kaise roke)

आपने ऊपर विस्तार से जाना कि कम उम्र में बाल सफेद होने के कारण क्या हैं। अब आपके मन में प्रश्न आ रहा होगा कि आखिर सफेद बालों की समस्या का उपचार क्या है, कम उम्र में बाल सफेद होना कैसे रोकें? समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या को कम करने या रोकने के लिए अभी तक कोई भी वैज्ञानिक उपचार नहीं खोजा जा सका है। लेकिन कई ऐसे तरीके हैं जिससे समस्या को बढ़ने से कुछ हद तक रोका जा सकता है।

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1. खाएं हेयर रस टैबलेट (Consume Hair Ras tablets)

अगर आप समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या से परेशान हैं तो आपको Hair Ras टैबलेट्स का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। हेयर रस एक प्राकृतिक हेयर सप्लीमेंट है जिसमें आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा तैयार की गई नौ दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं। इसके नियमित सेवन से पित्त दोष संतुलित होता है, स्कैल्प और बालों का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बालों के रोम तक रक्त प्रवाह बेहतर होता है, बालों को अंदर से पोषण मिलता है और साथ ही समय से पहले सफेद हो रहे बालों को भी रोकने में मदद करता है। 


2. विटामिन सप्लीमेंट्स लें (Take vitamin supplements)

अक्सर यह देखा गया है कि समय से पहले सफेद होते बालों की समस्या का मुख्य कारण शरीर में विटामिन की कमी होती है। ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह के पश्चात विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। खासतौर पर विटामिन डी, विटामिन बी6, विटामिन बी12 और बायोटिन समय से पहले सफेद हो रहे बालों की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर की परामर्श के भूलकर भी विटामिन सप्लीमेंट्स न लें, अन्यथा यह नुकसानदेह हो सकता है।


3. चिंता को करें बाय बाय (Live a stress free life)

तनाव न सिर्फ शरीर को खोखला कर देती है बल्कि समय से पहले सफेद हो रहे बालों की समस्या में भी योगदान देती है। अगर आपके बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं और आप तनाव भी अत्यधिक लेते हैं तो दोनों के बीच के संबंध को आसानी से समझ सकते हैं। इस परिस्थिति में आपको तनावमुक्त जीवन की तरफ ही आगे बढ़ना होगा तभी जाकर सफेद बालों की समस्या कम होगी। तनाव कम करने के लिए आप योग, एक्सरसाइज कर सकते हैं, स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रैक्टिस कर सकते हैं।


4. कठोर रसायनों से युक्त पदार्थों का सेवन न करें (Avoid using chemical hair products)

समय से पहले सफेद हो रहे बालों की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको सिर्फ और सिर्फ 100% नेचुरल उत्पादों या कठोर रसायनों से मुक्त उत्पादों का इस्तेमाल ही करना चाहिए। इसके लिए हम आपको Traya के सभी हेयर केयर उत्पादों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। हमारे हेयर केयर प्रोडक्ट्स में शैंपू, कंडीशनर, तेल, दवाएं आदि सबकुछ मौजूद हैं जोकि पूरी तरह से प्राकृतिक हैं, कोई भी साइड इफेक्ट्स भी छोड़ती और साथ ही समग्र बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा भी देती हैं। 


5. संतुलित आहार का सेवन करें (Eat a balanced diet)

संतुलित आहार का सेवन करना समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अत्यावश्यक है। संतुलित आहार के सेवन से हमें आवश्यक सभी विटामिन और खनिज मिल जाते हैं, बीमारियां दूर होती हैं और स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। जब आप संतुलित आहार का सेवन करते हैं तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी मिलते हैं जोकि ऑक्सीडेटिव तनाव और फ्री रेडिकल्स को बेअसर करते हैं। ये दोनों ही समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या में योगदान देते हैं जिन्हें बेअसर करके समस्या को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।


6. बालों में लगाएं आंवला का पेस्ट (Apply Amla paste in hair)

बालों में आंवला का पेस्ट लगाना भी समय से पहले सफेद हो रहे बालों की समस्या को दूर या कम कर सकता है। आंवला तेल या पेस्ट एक प्राकृतिक उपचार है जो समय से पहले सफेद होने से रोकने और बालों के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है। आंवले में तांबा होता है, जो मेलेनिन का उत्पादन करने में मदद करता है, वह वर्णक जो बालों को गहरा रंग देता है। साथ ही, इसमें विटामिन सी भी होता है, जो बालों का रंग बनाए रखने में मदद कर सकता है। आप रोजाना बालों में आंवला का तेल और सप्ताह में दो बार आंवला का पेस्ट बालों पर लगाकर समस्या को कम कर सकते हैं।


7. करी पत्ता (Use curry leaves)

करी पत्ता से तो सभी परिचित होंगे, जिसका इस्तेमाल कई भोज्य पदार्थों को तैयार करने में किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस करी पत्ते का इस्तेमाल बालों के सफेद होने की समस्या को कम करने के लिए भी किया जा सकता है? जी हां, आप करी पत्ते की मदद से सफेद होते बालों की समस्या को भी कम कर सकते हैं। करी पत्ते में जिंक, आयोडीन, आयरन और सेलेनियम जैसे खनिज होते हैं जो समय से पहले सफेद बालों को रोकने में मदद कर सकते हैं। सफेद बालों की समस्या से निपटने के लिए आप हेयर मास्क में करी पत्ते का उपयोग कर सकते हैं। तो इस तरह आपने जाना कि कम उम्र में बाल सफेद होने के कारण और उपाय क्या हैं।


किस विटामिन के कारण बाल सफेद होते हैं (Which Vitamin Deficiency Causes Hair Greying)

खासतौर पर अगर आपके शरीर में विटामिन बी12, विटामिन बी9, बायोटिन और विटामिन डी की कमी हो जाए तो समय से पहले ही आपके बाल सफेद होना शुरू हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन विटामिन की कमी किस प्रकार से सफेद बालों की समस्या खड़ी कर सकते हैं।


1. विटामिन बी12

सफेद बालों की समस्या का सबसे बड़ा कारण शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। विटामिन बी12 की कमी समय से पहले बालों के सफेद होने का कारण बन सकती है क्योंकि इससे बालों के रोम अल्पपोषित हो सकते हैं। विटामिन बी12 मेलेनिन के उत्पादन में शामिल होता है, वह वर्णक जो बालों को रंग देता है। जब बी12 का स्तर कम होता है, तो मेलेनिन का उत्पादन कम हो सकता है, जिससे बालों का रंग धीरे-धीरे कम हो सकता है और सफेद बाल दिखाई दे सकते हैं।


2. विटामिन बी9

शरीर में विटामिन बी9 की कमी की वजह से भी बालों के सफेद होने की समस्या खड़ी हो सकती है। विटामिन बी9, जिसे फोलेट या फोलिक एसिड भी कहा जाता है, की कमी के कारण बाल उम्मीद से पहले सफेद हो सकते हैं। विटामिन बी9 मेथिओनिन के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, एक अमीनो एसिड जो बालों के रंग के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही, 2017 के एक अध्ययन में पाया गया कि समय से पहले सफेद बाल वाले युवाओं में उनके साथियों की तुलना में फोलिक एसिड का स्तर कम था। इससे पता चलता है कि कम विटामिन बी9 समय से पहले सफेद बालों का कारण बन सकता है।


3. बायोटिन 

बायोटिन को समग्र बालों के स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बायोटिन ही नए बालों के विकास और बालों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। अगर इसकी कमी शरीर में हो जाए तो बालों के सफेद होने की समस्या शुरू हो सकती है। बायोटिन (विटामिन बी7) बालों के रोमों में मेलेनिन उत्पादन का समर्थन करके स्वस्थ बाल रंग बनाए रखने में मदद करता है। कुछ अध्ययनों में कम बायोटिन स्तर को समय से पहले बालों के सफेद होने और पतले होने से जोड़ा गया है, और शोध से पता चला है कि समय से पहले सफेद बालों वाले लोगों में बायोटिन का स्तर कम होता है।


4. विटामिन डी 

विटामिन डी हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। अगर इसकी कमी शरीर में हो जाए तो हम हड्डियों से जुड़े कई रोगों से जूझ सकते हैं। लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि शरीर में इसकी कमी बालों को सफेद भी बना सकती है। विटामिन डी की कमी बालों के समय से पहले सफेद होने से जुड़ी हो सकती है क्योंकि विटामिन डी बालों के रोम को उत्तेजित करने में मदद करता है और मेलेनिन उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ट्राइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि समय से पहले सफेद बाल वाले बच्चों में विटामिन डी का स्तर कम था।


सफ़ेद बालों की समस्या में क्या खाएं (What to consume in grey hair problem)

सफ़ेद बालों की समस्या को दूर करने या कम करने के लिए कई खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। खासतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल, और स्विस चर्ड, मछलियाँ, साबुत अनाज, अंडे, शकरकंद, ग्रीक दही, गाजर, डार्क चॉकलेट्स का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। पत्तेदार सब्जियाँ विटामिन ए, सी और ई के साथ-साथ आयरन और कैल्शियम जैसे खनिजों के समृद्ध स्रोत हैं। ये सभी पोषक तत्व बालों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। 

इसके साथ ही, बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और चिया बीज बायोटिन के उत्कृष्ट स्रोत हैं, एक बी-विटामिन जो बालों को मजबूती प्रदान करता है और जल्दी सफेद होने से रोकने में मदद कर सकता है। हम आपको सलाह देंगे कि अगर आप मांसाहारी हैं तो मछलियों का सेवन भी करें। मछली प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है, जो स्वस्थ बालों के लिए आवश्यक हैं। सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल विशेष रूप से अच्छे विकल्प हैं। 


सफ़ेद बालों की समस्या में क्या न खाएं ( What not to consume in grey hair problem)

अगर आप सफ़ेद बालों की समस्या से जूझ रहे हैं तो कई ऐसे खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं, जिनसे आपको दुरी बना लेनी चाहिए। खासतौर पर अत्यधिक शर्करा युक्त खाद्य पदार्थ, रिफाइन कार्बोहाइड्रेट्स, शराब, तले हुए भोज्य पदार्थों के सेवन से आपको दुरी बना लेनी चाहिए। पेस्ट्री, कैंडी और मीठे पेय जैसे मीठे व्यंजन रक्त शर्करा में वृद्धि और गिरावट का कारण बन सकते हैं। ये उतार-चढ़ाव शरीर की बायोटिन और विटामिन बी12 जैसे बालों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता में हस्तक्षेप कर सकते हैं। 

इसके अलावा सफेद ब्रेड, पास्ता और सफेद चावल जैसे परिष्कृत कार्ब्स शरीर द्वारा जल्दी से पच जाते हैं, जिससे रक्त शर्करा में वृद्धि होती है और शर्करा वाले खाद्य पदार्थों के समान गिरावट आती है। साथ ही प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ अक्सर अस्वास्थ्यकर वसा, सोडियम और कृत्रिम अवयवों से भरपूर होते हैं। ये शरीर में सूजन में योगदान कर सकते हैं, जो बालों के रोमों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और बालों के विकास में बाधा डाल सकते हैं। 


निष्कर्ष (Conclusion)

समय से पहले बालों के सफ़ेद होने की समस्या तेजी से युवाओं में बढ़ रही है, भारत में ऐसे मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। समय से पहले सफ़ेद बालों की समस्या कई कारणों से हो सकती है जिसमें आनुवांशिकता, हार्मोनल इम्बैलेंस, कुछ दवाएं, तनाव, विटामिन की कमी, विटिलिगो आदि शामिल है। सफ़ेद बालों की समस्या का कोई स्थायी उपचार अभी तक खोजा नहीं जा सका है लेकिन कुछ लाइफस्टाइल परिवर्तन, खानपान में बदलाव करके समस्या को दूर किया जा सकता है।

खासतौर पर अगर आप संतुलित आहार का सेवन करते हैं, तनावमुक्त जीवन जीते हैं, कठोर रसायनों के इस्तेमाल को इस्तेमाल नहीं करते हैं, विटामिन सप्लीमेंट लेते हैं तो समस्या को कम किया जा सकता है। बालों के समग्र स्वस्थ्य को बनाये रखने के लिए आपको Hair Ras टेबलेट का सेवन भी करना चाहिए। यह पित्त दोषों को शांत करके समग्र बाल स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है जिससे सफ़ेद बालों की समस्या को भी कम करने में मदद मिलती है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

1. सफ़ेद बाल किसकी कमी से होता है?

सफ़ेद बालों की समस्या विटामिन बी१२, विटामिन बी९, बायोटिन और विटामिन डी की कमी की वजह से होती है। खासतौर पर अगर आपके शरीर में विटामिन बी१२ और बायोटिन की कमी हो जाती है तो यह समस्या शुरू हो सकती है।


2. बाल सफेद होने से रोकने के लिए क्या करना चाहिए?

बाल सफ़ेद होने से रोकने के लिए आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए, बालों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, तनाव कम लेना चाहिए, बालों में करी पत्ता और आंवला के पेस्ट को लगाना चाहिए और साथ ही नियमित रूप से योग और व्यायाम करना चाहिए। 


3. बाल सफेद होने का मुख्य कारण क्या है?

बाल सफ़ेद होने के कई मुख्य कारण हो सकते हैं जैसे आनुवांशिकता, ख़राब खानपान और लाइफस्टाइल, कठोर रसायनों से युक्त उत्पादों का इस्तेमाल करना, बालों के स्वास्थ्य का ध्यान न रखना, अत्यधिक तनाव आदि। 


4. कौन सा तेल लगाने से बाल सफ़ेद नहीं होते हैं?

आंवला और नारियल का तेल लगाने से बाल सफ़ेद नहीं होते हैं, बालों को आवाश्यक पोषण मिलता है, बाल जड़ से मजबूत बनते हैं और साथ ही बालों के टूटने और झड़ने की समस्या दूर होती है।


References

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Dr. Shailendra Chaubey, BAMS

Ayurveda Practioner

A modern-day Vaidya with 11 years of experience. He is the founder of Dr. Shailendra Healing School that helps patients recover from chronic conditions through the Ayurvedic way of life.

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