icon Skip to content

हार्मोनल हेयर लॉस: कारण, लक्षण और सबसे अच्छे उपचार विकल्प

Dr Kalyani Deshmukh

Dr Kalyani Deshmukh
Dr. Kalyani Deshmukh brings 7 years of experience in dermatology, specializing in the diagnosis of complex conditions and performing advanced dermatosurgical procedures. Her areas of expertise include clinical dermatology, trichology, dermatosurgery and aesthetic medicine.

हार्मोनल हेयर लॉस: कारण, लक्षण और सबसे अच्छे उपचार विकल्प

Quick Answer

हार्मोनल हेयर लॉस एस्ट्रोजन (estrogen), एंड्रोजेन्स (androgens), DHT, कॉर्टिसोल (cortisol) और थायरॉइड हार्मोन्स जैसे हार्मोन्स के स्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण होता है। पुरुषों में हार्मोनल हेयर लॉस के आम लक्षणों में सिर के ऊपर यानी क्राउन और सामने के हिस्से में बालों का फैलकर पतला होना शामिल है। महिलाओं में हेयरलाइन का पीछे जाना, मांग चौड़ी होना और ज्यादा बाल झड़ना इसके संकेत हो सकते हैं। हार्मोनल असंतुलन की वजह से होने वाले हेयर लॉस को हार्मोन्स को संतुलित करके, टॉपिकल ट्रीटमेंट्स (topical treatments) का इस्तेमाल करके, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएँ लेकर और जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है।

हार्मोनल बाल झड़ना रातों-रात नहीं होता। पहले आपको ब्रश में बाल नज़र आने लगते हैं, फिर ड्रेन बालों से भर जाता है, और आपकी पोनीटेल पतली होने लगती है। इसके पीछे की वजह हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। हार्मोन्स शरीर में केमिकल मैसेंजर (chemical messengers) की तरह काम करते हैं और बालों के बढ़ने के चक्र को नियंत्रित करते हैं। जब हार्मोन्स के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, तो बालों की जड़ें सिकुड़ सकती हैं और बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं। अच्छी बात यह है कि इसे सही तरह से समझने के बाद इस तरह के हेयर लॉस को नियंत्रित किया जा सकता है। यहां हार्मोनल बाल झड़ने, इसके लक्षण, कारण, इससे जुड़े हार्मोन्स, और इलाज के तरीकों के बारे में वह सब कुछ बताया गया है जो आपको जानना चाहिए। 

Hormonal Hair Loss क्या है?

हार्मोन्स हमारे शरीर की ग्रंथियों और टिश्यूज़ में बनने वाले केमिकल मैसेंजर होते हैं। ये खून के जरिए पूरे शरीर में पहुँचते हैं और शरीर की वृद्धि, प्रजनन (reproduction), मेटाबॉलिज्म (metabolism) और बालों की वृद्धि जैसे कई जरूरी कामों को नियंत्रित करते हैं।हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव हमारे सिस्टम को प्रभावित करता है और बहुत ज़्यादा बाल झड़ने का कारण बनता है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकता है, खासकर प्यूबर्टी (puberty), प्रेगनेंसी, मेनोपॉज़, थायरॉइड की समस्या, तनाव और PCOS के दौरान।  बाल झड़ने से आमतौर पर जुड़े कुछ हार्मोन्स इस प्रकार हैं:

  • एंड्रोजन्स: ये पुरुष हार्मोन्स होते हैं, जैसे टेस्टोस्टेरोन (testosterone) और DHT या डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (Dihydrotestosterone)
  • एस्ट्रोजन्स: इनमें सेक्स हार्मोन्स शामिल हैं, जैसे एस्ट्राडियोल (estradiol) , एस्ट्रोन (Oestrone) और एस्ट्रिओल (oestriol)
  • स्ट्रेस हार्मोन्स: जैसे कॉर्टिसोल (cortisol), ACTH और CRF
  • थायरॉइड हार्मोन्स: जैसे TSH, T3 और T4

हार्मोनल असंतुलन की वजह से आमतौर पर दो अलग तरह के हेयर लॉस होते हैं: एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया (androgenetic alopecia) (पैटर्न बाल्डनेस) और टेलोजन एफ्लुवियम (telogen effluvium) (स्कैल्प से ज्यादा बाल झड़ना)। 


Hormonal Hair Loss के लक्षण

अगर बाल झड़ने में एलोपेसिया के कोई साफ़ संकेत नज़र न आएं, तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह हार्मोनल असंतुलन की वजह से हो रहा है या नहीं। नीचे कुछ खास संकेत दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप समझ सकते हैं कि आपका हेयर लॉस हार्मोनल है या सामान्य। 

1. पैटर्न हेयर लॉस

पैटर्न हेयर लॉस में पूरे स्कैल्प पर बाल पतले होते दिखाई देते हैं, जो एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया का संकेत हो सकता है। यह एक आनुवंशिक समस्या है, जो एंड्रोजन हार्मोन के प्रभाव से शुरू होती है और बालों की जड़ों को सिकोड़ देती है। पुरुषों में यह अक्सर सामने की हेयरलाइन पीछे जाने और क्राउन एरिया में बाल पतले होने के रूप में दिखाई देता है। महिलाओं में इसकी पहचान आमतौर पर मांग की चौड़ाई से होती है। 

2. ज्यादा बाल झड़ना

बहुत ज्यादा बाल झड़ना, यानी टेलोजन एफ्लुवियम, आमतौर पर DHT की बजाय तनाव, पोषक तत्वों की कमी या हार्मोन्स में बड़े बदलाव की वजह से होता है। इसके उलट, DHT से जुड़ा हेयर लॉस बालों की जड़ों को धीरे-धीरे छोटा और कमजोर करता है, जिससे पैटर्न बाल्डनेस हो सकती है। ऐसा तब भी हो सकता है, जब शरीर में हार्मोन्स का सामान्य स्तर बना हुआ हो। हार्मोनल हेयर लॉस के दूसरे लक्षणों में शामिल हैं:

  • चेहरे और ठुड्डी पर अनचाहे बाल आना
  • पोनीटेल का पहले से पतला होना
  • बालों की बनावट में बदलाव
  • पीरियड्स का देर से आना या ज्यादा ब्लीडिंग होना
  • एक्ने (acne) का होना

इसके अलावा, अगर आपकी स्कैल्प में खुजली, लालिमा, पपड़ी के साथ बाल झड़ रहे हैं, तो इसकी वजह हार्मोनल हेयर लॉस की बजाय बालों की जड़ों में संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है।

Hormonal Hair Loss के कारण

हार्मोनल हेयर फॉल की वजह हार्मोन्स का असंतुलन होता है, लेकिन इसके पीछे कुछ खास कारक भी शामिल होते हैं। यहाँ तीन सबसे आम कारक दिए गए हैं, जो बालों की वृद्धि और बालों के झड़ने को प्रभावित करते हैं: 1. कुछ खास हार्मोन्स के प्रति संवेदनशीलता: कुछ लोग DHT जैसे कुछ खास हार्मोन्स के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होते हैं। इससे उनमें एंड्रोजेनिक एलोपेसिया जैसी बाल झड़ने की स्थितियां होने की संभावना बढ़ जाती है। 2. बालों के बढ़ने के चक्र में असंतुलन: एस्ट्रोजन और थायरॉइड हार्मोन्स जैसे हार्मोन्स बालों के बढ़ने के चक्र के लिए जरूरी होते हैं। इनके बनने का स्तर कम होने पर हेयर ग्रोथ साइकिल प्रभावित हो सकती है, जिससे आराम की अवस्था (रेस्टिंग फेज़ ) और झड़ने की अवस्था ( शेडिंग फेज़ ) बढ़ जाती है।  3. हार्मोनल असंतुलन: प्यूबर्टी और मेनोपॉज़ के दौरान, हार्मोन्स में काफी उतार-चढ़ाव होता है। इन स्थितियों से जुड़े हार्मोन्स का ज़्यादा या कम बनना आपके बालों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। ये हार्मोनल हेयर लॉस के मुख्य कारण हैं। कुछ मामलों में, हार्मोनल हेयर फॉल एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया, PCOS, थायरॉइड की समस्याएँ, प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद होने वाले बदलावों जैसी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकता है।


Hormonal Hair Loss का इलाज 

बालों का झड़ना अक्सर शरीर के अंदर होने वाले बदलावों की वजह से होता है। हार्मोनल हेयर लॉस के इलाज के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, ताकि बाल झड़ने की असली वजह समझी जा सके। डॉक्टर आपके बालों और स्कैल्प की जाँच करेंगे, आपकी मेडिकल हिस्ट्री, फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल की आदतों के बारे में पूछेंगे, और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट भी करवा सकते हैं। 

1. एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया

यह पुरुषों और महिलाओं में होने वाले हेयर लॉस का सबसे आम प्रकार है। एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया से जुड़ा मुख्य हार्मोन DHT है। समय के साथ बालों की जड़ें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे बालों का झड़ना बढ़ता है और पैटर्न बाल्डनेस का खतरा भी बढ़ जाता है।पुरुषों में आमतौर पर सामने की हेयरलाइन पीछे जाने लगती है और क्राउन एरिया में गंजापन दिखाई देता है। महिलाओं में मांग के आसपास बालों का फैलकर पतला होना दिखाई देता है। 

2. पोस्टपार्टम हेयर लॉस

यह हेयर लॉस का एक अस्थायी प्रकार है, जो बच्चे के जन्म के कुछ महीनों बाद दिखाई देता है। इस स्थिति से जुड़ा मुख्य हार्मोन एस्ट्रोजन है। प्रेग्नेंसी के बाद जब एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, तो बाल रेस्टिंग और शेडिंग फेज़ में जाने लगते हैं। 

3. मेनोपॉज़ल हेयर थिनिंग

मेनोपॉज़ और पेरिमेनोपॉज़ (perimenopause) के दौर से गुजर रही महिलाओं में बाल धीरे-धीरे पतले हो सकते हैं। मेनोपॉज़ के दौरान बाल पतले होने का संबंध एस्ट्रोजन के घटते स्तर और एंड्रोजेन्स (पुरुष हार्मोन्स) के बढ़े हुए स्तर से होता है। एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के बावजूद, महिलाओं के शरीर में ओवरीज़ और एड्रिनल ग्लैंड के जरिए एंड्रोजेन्स बनते रहते हैं।

4. PCOS से जुड़ा बाल झड़ना 

एंड्रोजन एक पुरुष हार्मोन है, लेकिन महिलाओं के शरीर में भी यह बनता है, और जब इसकी मात्रा ज़्यादा हो जाए, तो यह PCOS की वजह से बाल झड़ने का कारण बनता है। इसमें पुरुषों जैसा स्कैल्प का पतलापन और साथ ही चेहरे व शरीर पर बाल बढ़ना, दोनों एक साथ देखने को मिलते हैं। 

5. थायरॉइड से जुड़ा बाल झड़ना

जब आपकी थायरॉइड ग्लैंड, थायरॉइड हार्मोन्स और बाल झड़ने से जुड़े हार्मोन्स को ज़रूरत से ज़्यादा या कम बनाती है, तो इससे पूरे शरीर में बिखरा हुआ बालों का पतलापन होता है। यह बालों की जड़ों के साइकल में भी रुकावट डाल सकता है और आपके बालों को कमज़ोर व बहुत पतला बना सकता है। 

6. तनाव से जुड़ा हेयर लॉस

तनाव से मुख्य रूप से जुड़ा हार्मोन कॉर्टिसोल है और लंबे समय के तनाव से हेयर लॉस प्रभावित हो सकता है, लेकिन तनाव से जुड़े दूसरे कारक भी हेयर लॉस को प्रभावित कर सकते हैं। जब स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर ज्यादा होता है, तो वे बालों की जड़ों के चक्र को बिगाड़ सकते हैं, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। 

 

हार्मोनल हेयर फॉल पर Traya का दृष्टिकोण

बालों का झड़ना कई आंतरिक और बाहरी कारणों से हो सकता है। फिर भी, जब लोगों के बाल झड़ने लगते हैं, तो उनका पहला खयाल अक्सर तेल और शैम्पू बदलने का होता है। आमतौर पर हेयर लॉस के मुख्य कारणों में तनाव का स्तर, जेनेटिक्स, हार्मोनल बदलाव, पोषक तत्वों की कमी और खराब खान-पान व जीवनशैली की आदतें शामिल होती हैं। इसलिए हेयर फॉल का इलाज शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसकी असली वजह क्या है। हेयर लॉस की मूल वजह को समझने से सही इलाज चुनने और समस्या को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अगर आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, तो हेयर फॉल की अंदरूनी वजह पहचानने के लिए Traya का Hair Test जरूर लें।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

1. क्या Hormonal Imbalance से बाल झड़ते हैं?

हां। यह बाल झड़ने के सबसे आम कारणों में से एक है। हार्मोन्स में असंतुलन बालों की जड़ों के साइकल को बिगाड़ सकता है, जिससे बहुत ज़्यादा बाल झड़ना और पतले होना शुरू हो जाता है।

2.महिलाओं में Hormonal Hair Loss कैसे रोकें?

महिलाओं में हार्मोनल हेयर लॉस को HRT (Hormone Replacement Therapy), डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और जीवनशैली में कुछ बदलावों की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है। इसका इलाज बाहरी तरीकों से भी किया जा सकता है, लेकिन हेयर लॉस में मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ सही डाइट भी अहम भूमिका निभाती है, खासकर डिलीवरी के बाद या मेनोपॉज़ से गुजर रही महिलाओं के लिए।

3. प्राकृतिक तरीके से Hormonal Hair Loss कैसे रोकें?

हार्मोनल हेयर लॉस को प्राकृतिक तरीके से रोकने के लिए आपको हार्मोन्स को संतुलित करने और DHT के स्तर को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही स्कैल्प की सेहत बेहतर करने, तनाव को नियंत्रित करने और हेयर ऑयलिंग जैसे प्राकृतिक तरीकों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

4. क्या Hormonal Imbalance के कारण बाल झड़ना वापस ठीक हो सकता है?

हाँ, अगर हेयर फॉल की मूल वजह का सही तरीके से इलाज किया जाए, तो हार्मोनल हेयर लॉस को ठीक किया जा सकता है। अलग-अलग कारणों के लिए अलग तरह के हेयर ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। अपनी बालों की समस्या को सही तरह समझने और उचित इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

5 .पुरुषों में Hormonal Hair Loss कैसे रोकें?

पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाले हेयर फॉल के लिए FDA-अप्रूव्ड दवाइयों, डॉक्टर की सलाह और जीवनशैली में बदलाव का संयोजन सबसे मददगार तरीका माना जाता है। बालों की दोबारा वृद्धि में मदद के लिए डॉक्टरहार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी कर सकते हैं।

 

References

Harvard Health Publishing. (2020). Treating female pattern hair loss. Harvard Medical School.  

 Grymowicz M, Rudnicka E, Podfigurna A, Napierala P, Smolarczyk R, Smolarczyk K, Meczekalski B. (2017). Hormonal Effects on Hair Follicles. International Journal of Molecular Sciences. DOI: 10.3390/ijms18040893 

American Academy of Dermatology Association (AAD). (2024). Hair loss: Tips for managing. AAD Public Resources.

 The Institute of Trichologists. (N.D.). Hormonal Hair Loss. The Institute of Trichologists

Popular Posts

Collapsible content

Disclaimers

The claims and results mentioned are based on multiple internal studies and customer research surveys that Traya has conducted with a statistically significant sample size of users who were under expert observation and guidance.

93% saw results*

Traya conducted an internal study over both men and females facing hair fall and 93% saw results* after using the complete Traya customized plan consistently for a period of 5 months. This study was conducted in December 2022.

5-month money-back guarantee

Traya’s 100% money-back policy is valid only if you have been regular with the complete customized plan for a period of 5 whole consecutive months. Each customised hair kit is valid for only 30 days. If any individual has not seen any regrowth or control in hair fall, you can ask for a refund. However, once you apply for the 5-month - money-back policy, the team would then do a thorough check on consumer regularity based on every order date. An exception to this policy is for those customers undergoing serious health conditions like autoimmune diseases and cancer.

Traya’s Holistic 3 Science Formula

Traya’s 3 Science Formula is a synergistic mix of Ayurveda, Allopathy & Food Science designed specifically to cater to hair fall conditions stemming from multiple root causes. With clinically tested ingredients and adaptogenic herbs, Traya’s Science-Backed formula clears internal blockages and boosts hair regeneration naturally. When blended with a healing dietary plan, it delivers great results in attaining long-term hair growth.

Traya Free hair test (™)

Traya’s Hair Dx test is powered by a proprietary algorithm to examine a user's hair & health profile. With the help of a distinctive image-capturing technique & physician- formulated examination, it is able to precisely check the type, stage & root causes of a certain hair fall condition.

2 lakh+ Indians

Traya Free hair test (™) has been taken by more than 2 lakh+ Indians - Data acquired from Traya customers.

Ayush Certified - Digest Boost, Cholest Vati and Consti Clear are Ayush Certified Products.

Traya’s Ayurvedic Products are based on natural and Ayurvedic formulations. These are completely safe for human use, but it is possible that certain ingredients may cause allergic reactions to some individuals.

Accurate hair check

The Traya free hair test (™) is a proprietary algorithm developed with the help of our in-house hair experts that provides Accurate hair and health checks, provided you mention all the correct details about yourself. It gives a precise checks about the type, stage and root cause of a specific hair fall condition.

Long Lasting Visible Hair Results

Traya’s complete customized plan gives visible and long-lasting results provided you’re on Traya’s hair maintenance kit. Since Traya works on the internal root causes of hair fall and hence our customers have seen long lasting results

Trusted by 100+ Hair Experts

Traya has been tried and loved by over 100 hair experts all over India to maintain healthy hair growth.

Award Winning Trusted Brand

India’s Healthcare Excellence initiated by Brands Impact has awarded Traya as the Most Effective Haircare Product of the Year 2022

FDA approved ingredients

These are completely safe for human use, but it is possible that certain ingredients may cause allergic reactions to some individuals.

Traya Women Santulan (™)

Traya’s Women Santulan is a unique technology that uses a combination of herbs treated in a specific manner (kalpa) to meet the bio-specific needs of women going through different stages of life. Santulan is a supplementary range to Traya’s 3 Science Formula which balances and nourishes the body inside-out delivering long-lasting hair growth results and overall health.

Hair Growth Plan starts at Rs 1699 pm* - The price mentioned is for a male of age 23 with stage 1 type hair fall based on the results of the hair test taken on the website. Prices may vary for individual customers depending on the results of the hair test and internal root causes

Hair Growth Plan starts at Rs 2000 pm* - The price mentioned is for a male of age 25 with stage 1 type hair fall based on the results of the hair test taken on the website. Prices may vary for individual customers depending on the results of the hair test and internal root causes.